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वाहन कानून: जुर्माना घटाने का कोई प्रावधान ही नहीं

मेघा मनचंदा /  09 15, 2019

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 1 सितंबर से लागू होने के बाद इसके सख्त जुर्माना प्रावधानों को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। कुछ राज्यों ने इस अधिनियम के भारी जुर्माना प्रावधानों को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है जबकि पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्यों ने फिलहाल इस अधिनियम को लागू करने से इनकार किया है। यहां तक कि केंद्र सरकार ने भी इस अधिनियम का बचाव करते हुए कहा है कि वह इस स्थिति से निपटने के लिए कानूनी राय ले सकती है। मेघा मनचंदा ने इस कानून की बारीकियों का जायजा लिया जिसे भारत में ड्राइविंग नियमों में सुधार के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नए सिरे से लागू किया गया है।

 
मोटर वाहन अधिनियम कब प्रभावी होगा? कुछ राज्यों द्वारा इसे लागू करने में हो रही देरी पर क्या प्रतिक्रिया है?
 
संबंधित राज्य सरकार द्वारा इस कानून को अधिसूचित किए जाने के बाद ही यह प्रभावी होगा। राज्यों द्वारा इस कानून को लागू करने से इनकार करने अथवा उसमें देरी करने के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं है क्योंकि इसके कार्यान्वयन को केंद्र सरकार से प्राप्त किसी भी तरह के अनुदान से जोड़ा नहीं गया है। इस कानून में स्पष्ट तौर पर कहा गया है, 'यह उस तिथि से प्रभावी होगा जिसे केंद्र सरकार अपने आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करेगी और इस कानून के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने के लिए अलग-अलग तारीखें तय की जा सकती हैं और इस कानून के क्रियान्वयन में ऐसे किसी भी प्रावधान के उल्लेख को उस प्रावधान के लागू होने का उल्लेख माना जाएगा।'
 
क्या राज्यों को इस कानून के जुर्माना प्रावधानों को घटाने की शक्तियां दी गई हैं?
 
इस कानून के तहत जुर्माने की रकम घटाने के लिए राज्यों के पास कोई गुंजाइश नहीं है। हालांकि इस अधिनियम के तहत जुर्माने की ऊपरी सीमा निर्धारित की गई है। राज्य जुर्माने की रकम में 10 गुना तक वृद्धि कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी अपराध में 1,000 रुपये जुर्माना लगाया गया है तो राज्य के पास उसे 10,000 रुपये तक बढ़ाने की शक्ति होगी। इस कानून में जुर्माना और ड्राइविंग नियमों से संबंधित 64 प्रावधान हैं। राज्यों को 24 से अधिक प्रावधानों के लिए जुर्माने में संशोधन करने की शक्ति दी गई है। ये गंभीर अपराध नहीं हैं जबकि गंभीर अपराध के लिए जुर्माने में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता। उन अपराधों को गंभीर श्रेणी में नहीं रखा गया है जहां शिकायतकर्ता (मुकदमा दायर करने वाला यानी पीडि़त) कोई समझौता कर सकता है और अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने के लिए अपनी सहमति दे सकता है।
 
क्या सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस कानून को लागू न करने वाले राज्यों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है?
 
विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी के रिसर्च फेलो शशांक अत्रेय के अनुसार, जुर्माने की रकम को घटाने के लिए इस कानून में कोई प्रावधान नहीं दिया गया है। इस कानून की धारा 210ए में कहा गया है, 'केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तो के अनुसार राज्य सरकार अपने आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के जरिये एक से 10 के बीच गुणक निर्धारित कर सकती है जो इस कानून के तहत प्रत्येक जुर्माने पर लागू होगा और इस प्रकार का संशोधित जुर्माना संबद्ध राज्य में ही प्रभावी होगा। राज्य सरकार द्वारा इस धारा के तहत वर्गीकृत की जाने वाली विभिन्न श्रेणियों के मोटर वाहनों पर अलग-अलग गुणक लागू हो सकते हैं।' केंद्र सरकार ने कहा है कि वह मोटर वाहन अधिनियम के उन प्रावधानों पर कानून मंत्रालय से राय लेगी जिन्हें जुर्माने की रकम घटाने के लिए राज्य सरकारों द्वारा लागू किए जा सकते हैं। जुर्माने की रकम घटाने के लिए कुछ राज्यों द्वारा ऐसा किया गया है जिसमें कुछ भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं। लेकिन केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इस कानून का उद्देश्य उन 1,20,000 लोगों की जिंदगी बचाना है जो हर साल सड़क दुर्घटना में मारे जाते हैं और यह उनकी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि इस कानून को आम लोगों की भलाई के लिए लागू किया गया है।
 
क्या कैब एग्रीगेटर भी इसके दायरे में आते हैं?
 
इस कानून के दायरे में कैब एग्रीगेटर नहीं आते और राइडहेलिंग ऐप्स के लिए विभिन्न राज्यों के अपने नियम हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कैब एग्रीगेटर को आईटी कंपनी माना जाएगा अथवा मोबाइल कंपनी। साल 2015 में केंद्र सरकार ने राइडहेलिंग सेवाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे और उनकी पहचान ऑन-डिमांड सूचना प्रौद्योगिकी आधारित परिवहन एग्रीगेटर के रूप में की गई थी न कि टैक्सी कंपनियों के रूप में। हाल में कर्नाटक सरकार ने राइडहेलिंग कंपनियों को कारपूलिंग सेवा जारी रखने के लिए मना किया था क्योंकि राज्य के परिवहन नियमों के तहत कारपूलिंग सेवा के लिए कोई प्रावधान नहीं था।
Keyword: motor vehicle act, transport,,
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