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हॉटस्टार खोज रही आय के रास्ते

सुरजीत दास गुप्ता /  September 12, 2019

भारत में ओवर दी टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म हॉटस्टार का अधिग्रहण करने के कुछ महीने बाद ही वॉल डिज्नी कंपनी ने ओटीटी कारोबार के लिए सबस्क्रिप्शन आधारित राजस्व में तेजी लाने के लिए एक आक्रामक योजना तैयार की है। कंपनी की योजना है कि अगले 3-4 वर्ष के भीतर कुल राजस्व का 50 प्रतिशत सबस्क्रिप्शन और विज्ञापन के जरिये आए जो फिलहाल कुल राजस्व में 7-8 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। 

रुपर्ट मर्डोक से वैश्विक सौदे में हॉटस्टार के ओटीटी कारोबार के साथ ही स्टार टीवी चैनल को खरीदने वाली डिज्नी के लिए विज्ञापन आधारित मॉडल के स्थान पर सबस्क्रिप्शन आधारित मॉडल लाकर रणनीति में महत्त्वपूर्ण बदलाव करना इस तरह का पहना निर्णय है। 

यह निर्णय काफी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह फिक्की-ईवाई द्वारा जारी मीडिया और मनोरंजन रिपोर्ट 2019 के अनुमानों से मेल नहीं खाता। रिपोर्ट बताती है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म में सबस्क्रिप्शन आधारित राजस्व की हिस्सेदारी काफी धीमी रहेगी और यह वर्ष 2017 के 3.3 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2018 में 8.4 प्रतिशत रही है और वर्ष 2021 तक उद्योग के कुल राजस्व में इसकी भागीदारी 17.5 प्रतिशत रहेगी। इस तरह हॉटस्टार की महत्त्वाकांक्षाएं रिपोर्ट के अनुमानों को गलत साबित कर सकती हैं। 

डिज्नी ने ऐसे समय में आक्रामक कदम उठाए हैं जब बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2012 में केवल 9 ओटीटी प्लेटफॉर्म थे जिनकी संख्या फिलहाल 33-35 के करीब हो चुकी है। हाल ही में ऐपल ने भी एक नवंबर 2019 से ओटीटी कारोबार शुरू करने की घोषणा की है। इसके चलते सबस्क्रिप्शन के लिए कंपनियों के बीच कीमतों को लेकर युद्ध जैसे हालात हो सकते हैं। 

बोस्टन कंसल्टिंग समूह के अनुसार हॉटस्टार ने वर्ष 2017 में विभिन्न क्षत्रों से संबंधित सामग्री बनाने के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं जबकि नेटफ्लिक्स द्वारा किया गया खर्च 500-600 करोड़ रुपये और एमेजॉन का 500 करोड़ रुपये रहा। 

देश की सबसे बड़ी ओटीटी कंपनी खेल, विशेषकर क्रिकेट पर निर्भरता कम करने के लिए भी रणनीति तैयार की है। इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि कंपनी के पास आईपीएल और आईसीसी विश्व कप जैसे बड़े खेलों के प्रसारण और डिजिटल अधिकार भी हैं। इस विषय के जानकार एक सूत्र ने कहा, 'फिलहाल हमारे सबस्क्रिप्शन का केवल एक तिहाई राजस्व खेल, विशेषकर क्रिकेट से आ रहा है। दूसरा एक तिहाई राजस्व टीवी कार्यक्रम से और शेष हॉटस्टार से आ रहा है।'

अटकलों पर लगाम लगाते हुए सूत्र ने बताया कि कंपनी वैश्विक प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस या हूलू को अलग से भारत में लॉन्च नहीं करेगी जिससे नेटफ्लिक्स, एमेजॉन और ऐपल को प्रतिस्पर्धा दी जा सके। कंपनी इन प्लेटफॉर्म की सभी सामग्री भारत में हॉटस्टार के जरिये पेश करेगी। सूत्र ने पुष्टि की कि डिज्नी भारत में केवल एक ओटीटी प्लेटफॉर्म हॉटस्टार को ही बनाए रखेगी। हालांकि उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि डिज्नी प्लस और हूलू की सभी सामग्री हॉटस्टार और इसकी प्रीमियम सेवा के तहत उपलब्ध होगी। 

हॉटस्टार अभी तक भारत में सबसे बड़ा ओटीटी प्लेटफॉर्म है और यह प्रत्येक महीने 30 करोड़ से अधिक सक्रिय सबस्क्राइबर्स को प्लेटफॉर्म पर जुटा रही है। सूत्र ने कहा कि कंपनी रणनीति के तहत क्षेत्रीय और हिंदी भाषाओं में ऑरीजिनल सामग्री बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिससे हॉटस्टार को देश का प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म बनाए रखा जा सके। 

सबस्क्राइबर्स को लुभाने के लिए कंपनी 'हॉटस्टार वीआईपी' पैकेज लेकर आई है जिसमें सालाना 365 रुपये देकर खेल कार्यक्रमों, टीवी और ऑरीजिनल सामग्री का लुफ्त उठाया जा सकता है। कंपनी की रणनीति यह है कि इसकी लागत रोजाना एक रुपये रखी जाए जो एक अखबार से भी सस्ती हो। हॉटस्टार अपने प्रतिस्पर्धियों के विपरीत, मासिक सबस्क्रिप्शन के बजाए सालाना सबस्क्रिप्शन पर ध्यान दे रही है हालांकि कंपनी हॉटस्टार प्रीमियम के तहत हॉलीवुड सामग्री को सालाना 999 रुपये या मासिक 299 रुपये में उपलब्ध करा रही है।
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