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प्लास्टिक बोतल से दूर हो रहे होटल

शैली सेठ मोहिले /  September 10, 2019

अगली बार जब आप नई दिल्ली के एयरोसिटी में जेवी मैरियट होटल में जाएंगे तो आपको वहां प्लास्टिक की कोई चीज नजर नहीं आएगी। इस होटल ने सोमवार को प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल बंद कर दिया और उनकी जगह क्यूआर कोड वाली कांच की बोतलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। ये कांच की बोतल कंपनी की हाल में स्थापित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित बोटलिंग इकाई में बन रही हैं। होटल में 500 कमरे हैं, जिनमें रोजाना औसतन 5,479 बोतलों का इस्तेमाल होता है। इस होटल शृंखला ने इस मॉडल को अपने अन्य होटलों में अपनाने और प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल बंद करने की योजना बनाई है। इस तरह मैरियट भी इंडियन होटेल्स कंपनी (आईएचसीएल) की जमात में शामिल हो गई है। आईएचसीएल ने हाल में नई दिल्ली, बेंगलूरु, मालदीव और कोलंबो स्थित अपने होटलों में बॉटलिंग इकाई लगाई हैं क्योंकि इस होटल शृखला ने प्लास्टिक की जगह कांच की बोतलें इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। एक्कोर होटेल्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके ज्यादातर होटलों में कमरों और किसी कार्यक्रम में कांच की बोतलों का इस्तेमाल होता है। वह अपने अतिथियों को प्लास्टिक की पानी की बोतलों के बजाय आरओ वाटर स्टेशन को चुनने का विकल्प देती है।  मैरियट और ताज जैसी बड़ी होटल शृखलाओं के हर साल 20 लाख प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करने का अनुमान है। इन शृंखलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने या कम करने का कदम उठाया है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों और दुकानदारों से प्लास्टिक की थैलियों को पूरी तरह खत्म करने का आग्रह किया था। मोदी ने कहा, 'क्या हम भारत को एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से मुक्त कर सकते हैं? ऐसे विचार को लागू करने का वक्त आ गया है। इस दिशा में काम करने के लिए टीम बनाई जानी चाहिए। 2 अक्टूबर तक एक अहम कदम उठाया जाना चाहिए।'

 
संयोग से मैरियट का प्लास्टिक बोतलों को खत्म करने का फैसला और अमिताभ कांत का ट्वीट एक साथ आए हैं। दरअसल नीति आयोग के सीईओ ने पर्यटन उद्योग से ताज के बोटलिंग यूनिट लगाने के फैसले का अनुसरण करने का आग्रह किया था। कांत ने सोमवार को इस माइक्रो ब्लागिंग साइट पर लिखा, 'ताज ने मुझे सूचित है कि वे प्लास्टिक की सभी तरह की बोतलों का इस्तेमाल बंद करने के लिए बोटलिंग यूनिट लगा रहे हैं। वे इस मामले में अगुआई करेंगे। पूरे पर्यटन और उद्योग को उनका अनुसरण करना चाहिए।'
 
एयरोसिटी में जेडब्ल्यू मैरियट के महाप्रबंधक नितेश गांधी ने बोटलिंग संयत्र स्थापित करने की परियोजना की अगुआई की थी। उनके लिए प्लास्टिक को खत्म करना 'व्यक्तिगत बदले' के समान था। गांधी मोटरसाइकिल की सवारी करने की शौकीन हैं। लेकिन जब वह अपनी मोटरसाइकिल पर सफर पर निकलते थे तो शहर में और उसके आसपास प्लास्टिक का पहाड़ देखकर व्यथित हो जाते थे। गांधी ने कहा, 'हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हम जैसे बड़े होटल हर साल 20 लाख से अधिक बोतलों का इस्तेमाल करते हैं। बोटलिंग यूनिट लगाने के पीछे मकसद हमारे अतिथियों के अनुभव से कोई समझौता किए बिना प्लास्टिक बोतलों को खत्म करना है।' इस वजह से एक साल पहले उन्होंंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक ऐसी कंपनी खोजने की मुहिम शुरू की थी, जो उन्हें बोटलिंग इकाई स्थापित करने में मदद दे सके। 
 
व्यापक अनुसंधान के बाद यह इकाई चालू हो पाई है। इस अनुसंधान में पेप्सी, कोक, मदर डेयरी और नेस्ले की बोटलिंग इकाइयों का दौरा करना भी शामिल था। गांधी का दावा है कि एआई आधारित इकाई पानी की गुणवत्ता को लेकर सटीक ब्योरा दे सकती है। मैरियट ने इस परियोजना पर 20 लाख रुपये का निवेश किया है। इस राशि में से 10 लाख रुपये पानी और कांच की बोतलों पर खर्च किए गए हैं, जबकि शेष रकम कमरों और रेस्टोरेंटों में पानी पहुंचाने वाली ट्रोली पर खर्च की गई है। प्लास्टिक की बोतलों पर रोक उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत एक साल पहले अन्य प्लास्टिक उत्पादों पर रोक लगाई गई थी। 
 
उदाहरण के लिए ताज ब्रांड के पांच सितारा होटलों पर मालिकाना हक रखने वाली कंपनी आईएचसीएल ने पूरे समूह में कमरों में एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर दिया है। आईएचसीएल के प्रवक्ता ने कहा, 'पिछले साल हमने अपने होटलों में एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक स्ट्रॉ का प्रयोग बंद करने का प्रण लिया था और 20 लाख एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक स्ट्रॉ का उपयोग बंद कर दिया।'
Keyword: plastic, narendra modi, single use, hotel,,
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