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एमएसएमई को जल्द भुगतान के लिए कानून में संशोधन!

रामवीर सिंह गुर्जर / नई दिल्ली September 10, 2019

केंद्र सरकार छोटे कारोबारियों को भुगतान में देरी की समस्या सुलझाने के लिए कड़े कदम उठा सकती है। सरकार एमएसएमई कानून में संशोधन करने पर विचार कर रही है। इसके तहत तय समय में भुगतान न देने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है। मौजूदा एमएसएमई कानून में उद्यमियों को 45 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन उद्यमियों की शिकायत है कि उन्हें तय समय में भुगतान नहीं मिलता है। इसमें महीनों और कई बार तो साल लग जाते हैं। केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार भुगतान में देरी की समस्या को मानती है और इसे सुलझाने के लिए एमएसएमई अधिनियम में संशोधन करने पर विचार कर रही है। इसके तहत भुगतान में देरी करने वाले के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान किए जा सकते हैं। भुगतान न करने वाले की संपत्ति की नीलामी का सुझाव मिला है। 
 
मंत्रालय भुगतान में देरी की समस्या सुझलाने के उपायों के लिए उद्यमियों से भी राय ले रहा है और अगले एक महीने के अंदर इस संबंध में वित्त मंत्रालय, कंपनी मामलों के मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ भी चर्चा करेगा। चैंबर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल ऐंड मीडियम इंटरप्राइजेज के अध्यक्ष मुकेश मोहन गुप्ता ने कहा कि अगर कोई एमएसएमई को 6 महीने तक भुगतान नहीं करता है तो उसे सरकारी निविदा में भाग लेने पर पाबंदी, सरकारी सब्सिडी समेत अन्य सुविधाओं से वंचित रखा जाए। भुगतान बकायेदार को जीएसटी इनपुट क्रेडिट भी न दिया जाए। साथ ही ऋणशोधन अक्षमता में मामला जाने पर एमएसएमई को भी बैंक के साथ पैसा मिलना चाहिए। 
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