बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंक विलय की योजना से प्रवर्तकों के लिए बीमा में चुनौतियां
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, November 18, 2019 06:34 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

बैंक विलय की योजना से प्रवर्तकों के लिए बीमा में चुनौतियां

श्रीमी चौधरी और सुब्रत पांडा / मुंबई September 05, 2019

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय में नियामकीय व परिचालन से जुड़े अवरोध नियामकों व सरकार के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। बीमा के नियम एक इकाई को एक से ज्यादा बीमा कंपनी के प्रवर्तन की इजाजत नहीं देते। हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों को चार बैंकों में एकीकृत करने के प्रस्ताव ने समस्या पैदा की है, जहां अलग-अलग बैंक अलग-अलग बीमा कंपनियों के प्रवर्तक हैं। उदाहरण के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पास स्टार यूनियन दाइची लाइफ इंश्योरेंस की 25.10 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं आन्ध्रा बैंक के पास इंडियाफस्र्ट लाइफ इंश्योरेंस की 30 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी तरह पंजाब नैशनल बैंक के पास पीएनबी मेटलाइफ की खासी हिस्सेदारी है, वहीं ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पास केनरा एचएसबीसी ओबीसी लाइफ इंश्योरेंस की 23 फीसदी हिस्सेदारी है।

 
केनरा एचएसबीसी ओबीसी लाइफ इंश्योरेंस में केनरा बैंक की 51 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं इलाहाबाद बैंक के पास यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस की खासी हिस्सेदारी है। विलय योजना के मुताबिक, पंजाब नैशनल बैंक, ओबीसी और यूनाइटेड बैंक का एक बैंक में विलय होगा और पीएनबी एंकर बैंक होगा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आन्ध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय होगा और यूनियन बैंक एंकर बैंक होगा। इसी तरह केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का विलय होगा और केनरा बैंक एंकर बैंक होगा। इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक का विलय होगा और इंडियन बैंक एंकर बैंक होगा।
 
आईआरडीएआई के पूर्व सदस्य के मुताबिक, आप बीमा कंपनी में या तो निवेशक रह सकते हैं या प्रवर्तक। अगर आपके पास बीमा कंपनी की 15 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है तो आप प्रवर्तक हैं और 15 फीसदी हिस्सेदारी से कम पर आप निवेशक हैं। अगर दो बैंकों का विलय होता है और वे अलग-अलग बीमा कंपनियों के प्रवर्तक हैं तो वे दोनों अलग-अलग कंपनियों के निवेशक हो सकते हैं, लेकिन प्रवर्तक नहीं। ऐसे में उन्हें अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी। अन्य विकल्प यह है कि वे एक कंपनी में हिस्सेदारी शून्य कर दे और दूसरी कंपनी में प्रवर्तक बने रहें।
 
अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख ने कहा, जहां विलय वाली इकाई के पास एक से ज्यादा बीमा कंपनी की हिस्सेदारी है वहां उन्हें एक करार को छोडऩा होगा और दूसरे का सम्मान करना होगा, लेकिन मुश्किल यह है कि कौन इसका फैसला लेगा क्योंकि हर बैंक ने इन बीमा कंपनियों में इक्विटी खरीदने में बड़ी रकम लगाई है ताकि वह पॉलिसी बेचकर आय अर्जित कर सके। एक निजी जीवन बीमा कंपनी के सीईओ ने कहा, पीएसबी बैंकों के क्रॉसहोल्डिंग परिदृश्य से निपटने के लिए कई रास्ते हैं। उदाहरण के लिए यूनियन बैंक स्टार यूनियन दाइची में घटाए क्योंकि उसके पास कम हिस्सेदारी है। या फिर विलय के बाद वह दोनों कंपनियों में 10  फीसदी हिस्सेदारी निवेशक के तौर पर बनाए रख सकता है।
 
सीईओ ने कहा, इस समय किसी पीएसबी की तरफ से भविष्य के कारोबार के वादे के बिना अगर हिस्सेदारी बेची जाती है तो इसका मतलब यह होगा कि बैंक को इसकी बिक्री से भविष्य के संभावित कारोबार के लिए कीमत नहीं मिलेगी। ऐसे में उन्हें अल्पांश हिस्सेदारी बनाए रखना चाहिए और वितरक बने रहना चाहिए। यूनियन बैंक के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी. ने कहा, नियम कहता है कि एक बैंक दो बीमा कंपनियों का प्रवर्तक नहीं हो सकता, ऐसे में हम नियामकीय निर्देशों का पालन करेंगे और इस मसले का समाधान निकालेंगे। सूत्रों ने कहा कि इस मामले में नियामक कुछ छूट देने पर विचार कर सकता है और अतिरिक्त हिस्सा घटाने के लिए बैंकोंं को कुछ समय दे सकता है। लेकिन आईआरडीएआई के पूर्व सदस्य ने कहा, नियामक नियमों में बदलाव की अनुमति नहीं देगा और एक बैंक दो बीमा कंपनियों का प्रवर्तक नहीं हो सकता।
Keyword: nirmala sitaraman, bank, merge,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या ई-वॉलेट से कर भुगतान की सुविधा से बढ़ेगा कर अनुपालन?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.