बिजनेस स्टैंडर्ड - हाइब्रिड कारों पर कम हो सकता है कर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, September 15, 2019 11:38 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

हाइब्रिड कारों पर कम हो सकता है कर

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली September 03, 2019

वाहन उद्योग की ओर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कम किए जाने की मांग के बीच जीएसटी परिषद आगामी बैठक में हाइब्रिड वाहन क्षेत्र को राहत दे सकती है। सरकार इन वाहनों पर से उपकर वाला हिस्सा हटाकर दरें घटाने पर विचार कर रही है, जिससे कर 43 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत रह जाएगा। हाइब्रिड वाहनों में छोटे पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों का इस्तेमाल होता है, जिससे उत्सर्जन कम किया जा सके। वाहन क्षेत्र पिछले 20 साल की सबसे बड़ी गिरावट के दौर से गुजर रहा है। जुलाई महीने में यात्री वाहनोंं की बिक्री 30.98 प्रतिशत कम हुई है। 
 
हाइब्रिड वाहनोंं पर दरें कम करने के मसले पर शुक्रवार को फिटमेंट कमेटी चर्चा कर सकती है और उसके बाद यह मामला परिषद के सामने रखे जाने की संभावना है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'ऑटोमोबाइल क्षेत्र की अन्य श्रेणियों की तुलना में हाइब्रिड वाहनों पर दरों में कटौती आसान नजर आ रही है क्योंकि इसका राजस्व पर सीमित असर होगा। प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के पहले फिटमेंट समिति इस मसले पर चर्चा करेगी।'  सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर हाइब्रिड पॉवर और कंप्रेस्ड नैचुरल गैस से चलने वाले वाहनों पर वस्तु एवं सेवा कर कम किए जाने की मांग की थी। 
 
इस समय सभी चार पहिया एवं दोपहिया वाणिज्यिक और व्यक्तिगत इस्तेमाल वाले वाहन 28 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल, रिक् शा आदि शामिल नहीं हैं।  पिछले महीने जीएसटी परिषद ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया था।  जीएसटी लागू होने के पहले (जुलाई 2017 के पहले) हाइब्रिड वाहनों पर कर करीब 30.3 प्रतिशत था, जो शुरुआती स्तर की कारों के बराबर था। इसमें 12.5 प्रतिशत उत्पाद शुल्क, 12.5 प्रतिशत मूल्यवर्धित कर, 1 प्रतिशत राष्ट्रीय आपदा शुल्क और 2 प्रतिशत केंद्रीय बिक्री कर शामिल था। इस पर बुनियादी ढांचा उपकर नहीं लगता था। बहरहाल जीएसटी के तहत इसे एक ही श्रेणी में डाल दिया गया है और बड़े पेट्रोल व डीजल लक्जरी कारों पर 28 प्रतिशत जीएसटी व 15 प्रतिशत उपकर लगता है। 
 
भारत में इस समय सीमित संख्या में हाइब्रिड कार मॉडल जैसे टोयोटा की कैमरी और प्रियस, महिंद्रा स्कॉर्पियो इंटेली हाइब्रिड और होंडा एकॉर्ड हैं। डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एमएस मणि ने कहा, 'इस क्षेत्र के लिए जीएसटी दरें कम दिए जाने से दाम कम होंगे और इससे बाजार धारणा में सुधार होगी। बहरहाल इस तरह की कमी से मांग में बढ़ोतरी का मूल्यांकन किए जाने की जरूरत है। दरों में किसी तरह की कमी किए जाने से जीएसटी संग्रह पर असर पड़ेगा और इस पर भी सावधानीपूर्वक विचार किए जाने की जरूरत है।'  
 
टोयोटा के एक आंतरिक अध्ययन के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद कर बढ़ जाने से कैमरी की बिक्री 75 प्रतिशत गिरी है, जिससे खजाने को राजस्व का नुकसान हुआ है। जीएसटी के पहले जनवरी 2015 और जून 2017 के बीच 1916 कैमरी कारें बिकीं, जबकि जुलाई 2017 से दिसंबर 2018 के बीच 482 कारों की बिक्री हुई क्योंकि दिल्ली में एक्स शोरूम दाम 32 लाख रुपये से बढ़कर 37 लाख रुपये हो गए हैं। केंद्र सरकार को कर भुगतान 3.5 करोड़ रुपये से घटकर 2.8 करोड़ रुपये प्रति माह रह गया। 
 
पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, 'ऐतिहासिक रूप से हमने देखा है कि जीएसटी दरों में कटौती से कोई जरूरी नहीं है कि कर संग्रह में कमी आए क्योंकि ऐसा करने पर मांग बढ़ जाती है। इस समय वाहन क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए निश्चित रूप से कर घटाकर प्रोत्साहन दिए जाने का मामला बनता है, भले ही कर संग्रह में सुस्ती है।' इस महीने की शुरुआत में मारुति सुजूकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों पर कर की कटौती की मांग की थी। उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा था, 'मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसा लगता है कि हमें स्वच्छ कारों को जीएसटी से जुड़ा लाभ देना चाहिए। सरकार ने ईवी पर कर घटाया है, हाइब्रिड पर भी शुल्क में कटौती होनी चाहिए। साथ ही सीएनजी वाहनों पर भी कर घटाया जाना चाहिए।' 
 
बहरहाल सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मारुति सुजूकी की कोई भी कथित हाइब्रिड कार स्विफ्ट, अर्टिगा या सियाज हाइब्रिड वाहन के मानक पूरे नहीं करती है। सरकार की अधिसूचना के हिसाब से मारुति सुजूकी की कोई भी कार सही मायने में हाइब्रिड नहीं है, बल्कि इसमें इसके लिमिटेड फीचर्स हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि संभवत: हाइब्रिड कार पर मिलने वाली छूट उस पर लागू नहीं होगी। 
Keyword: vehicle, car, electric, petrol, diesel, GST,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या 5जी परीक्षण में चीन की कंपनियों से परहेज करना है सही कदम?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.