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संपत्ति गिरवी रखकर धन जुटाएगा एनएचएआई

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली September 01, 2019

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक बार फिर धन जुटाने की कवायद में जुट गया है। इस बार प्राधिकरण अपनी संपत्तियों को गिरवीं रखने का नया तरीका अपनाने जा रहा है। एजेंसी अपनी भविष्य की योजनाओं हेतु धन जुटाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ अंतिम चरण की बातचीत कर रही है। 

समझौते की शर्तों (टीओआर) के मुताबिक स्टेट बैंक परियोजना के मूल्य का 80 प्रतिशत देगा, जबकि शेष राशि का इंतजाम एनएचएआई को करना पड़ेगा। कर्ज का भुगतान टोल राजस्व के माध्यम से 15 साल में करना होगा। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, 'कर्ज का भुगतान कम से कम 15 साल की अवधि में करना होगा और यह राजस्व प्राधिकरण उसी परियोजना पर टोल लगाकर एकत्र करेगा।' केंद्र सरकार ने इसे प्रतिभूतिकरण मॉडल नाम दिया है और धन जुटाने की योजना पर स्टेट बैंक से बातचीत चल रही है। 

दरअसल यह ईएमआई या इक्वेटेड मंथली इंस्टालमेंट विधि की तरह होगा, जैसा आवास क्षेत्र के लिए कर्ज दिया जाता है। बैंक इसके तहत संपत्ति के कुल मूल्य का 80 प्रतिशत कर्ज देता है और शेष धनराशि का इंतजाम संपत्ति के खरीदार को खुद करना होता है। साथ ही खरीदार निर्धारित समयावधि तक ईएमआई का भुगतान करता है। अधिकारी ने कहा, 'इस समय सिर्फ स्टेट बैंक ही है, जिसने प्रतिभूतिकरण मॉडल पर धन देने के लिए सैद्धांतिक सहमति जताई है। भविष्य में और बैंक भी ऐसा कर सकते हैं।' 

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले महीने घोषणा की थी कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने राजमार्ग परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु 25,000 करोड़ रुपये कर्ज देने की पेशकश की है। उम्मीद की जा रही है कि यह धन 30 साल के लिए होगा और ब्याज दर मेंं हर 10 साल बाद बदलाव होगा। सरकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए दीर्घावधि ऋण चाहती है। 

एनएचएआई ने राष्ट्रीय लघु बचत कोष (एनएसएसएफ0 से 20,000 करोड़ रुपये लिए हैं और 2019-20 में एनएसएसएफ से उधारी दोगुना करने की योजना है। पिछले साल एनएचएआई ने भारतीय स्टेट बैंक से 10 साल के लिए 25,000 करोड़ रुपये कर्ज लेने के लिए समझौता किया था, जिसमें भुगतान छूट की अवधि 3 साल है। स्टेट बैंक द्वारा जारी यह धन असुरक्षित ऋण था। इसमें शुरुआती 3 साल तक मूलधन भुगतान का कोई दायित्व नहीं है। 3 साल के बाद 14 बराबर की छमाही किस्तों में पुनर्भुगतान किया जाना है। कर्ज की कुल अवधि 10 साल है। 

चालू वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 75,000 करोड़ रुपये जुटाने की एनएचएआई की योजना के तहत धन जुटाने की कवायद की जा रही है। धन जुटाने के अलावा सरकार ने एनएचएआई को 36,691 करोड़ रुपये मुहैया कराने की मंजूरी दी है। 

2018-19 में बैंकों से कर्ज, कर राजस्व और सड़क मुद्रीकरण योजना के माध्यम से 62,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। एनएचएआई के लिए कुल आवंटन पिछले 2 साल में बढ़ा है और प्राधिकरण का आईईबीआर (आंतरिक और वाह्य बजटीय संसाधन) भी बढ़ा है। 

एनएचएआई पर वित्तीय दबाव प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए चिंता का विषय बन गया था और इसके लिए प्राधिकरण को सुझाव दिए गए थे। पीएमओ ने सड़क मंत्रालय से कहा था कि वह अपने परिचालन प्रदर्शन में सुधार करे। पीएमए ने एनएचएआई को सड़क संपत्ति के मुद्रीकरण का भी सुझाव दिया था।

Keyword: NHAI, TOR, Toll, Revenue,
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