बिजनेस स्टैंडर्ड - बन रही बीएसएनएल को उबारने की दूसरी योजना
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बन रही बीएसएनएल को उबारने की दूसरी योजना

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली September 01, 2019

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के पुनरुद्धार के लिए नई योजना तैयार की जा रही है क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने पहले का प्रस्ताव खारिज कर दिया था, जिसमें एक और बीमार सरकारी कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के साथ इसका विलय करने का प्रस्ताव था। तैयार हो रहे नए प्रस्ताव के मुताबिक बीएसएनएल को संपत्ति मुद्रीकरण योजना बनाने को कहा गया है। 

ऐसा माना जा रहा है कि बीएसएनएल अपने परिचालन को अलग अलग सहायक इकाइयों में बांट सकता है। उदाहरण के लिए इसे ऑप्टिकल फाइबर संपत्ति, फिक्स्ड लाइन सेवाएं और ब्रॉडबैंड सेवाएं व रियल एस्टेट संपत्तियों में बांटा जा सकता है। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि सरकार को अभी बीएसएनएल के संपत्ति मुद्रीकरण योजना का मूल्यांकन करना है, लेकिन कंपनी को आश्वस्त किया गया है कि यह बाजार भाव के मुताबिक होगा। 

बहरहाल दूरसंचार विभाग इस समय राजस्व विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग, नीति आयोग के साथ बात कर रहा है कि वह दो पीएसयू के लिए धन जुटाने हेतु ऋण गारंटी दे दें। डीओटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'हम उनसे (राजस्व विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग और नीति आयोग) संपर्क कर रहे हैं कि वे बैंकों को कर्ज देने के लिए आश्वस्त कर सकें और बीएलएनएल व एमटीएनएल के पुनरुद्धार के लिए धन मिल सके।' 

कर्ज का इस्तेमाल कंपनियों के पूंजीगत व्यय और वेतन भुगतान के लिए किया जाएगा। बीएसएनएल ने इसके पहले कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए कर्ज लिया है। यह कर्ज मुख्य रूप से छोटे व मझोली अवधि के समझौते के तहत लिया गया है, जो केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण पुनरुद्धार पैकेज को अंतिम रूप देने के पहले के लिए है। 

पहले के प्रस्ताव में दोनों कंपनियों के विलय की योजना थी, जिसे पीएमओ ने खारिज कर दिया। पीएमओ का मानना था कि विलय से दोनों कंपनियों के पुनरुद्धार का मकसद पूरा नहीं होगा। बीएसएनएल के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज करीब 6,365 करोड़ रुपये और 4जी स्पेक्ट्रम हेतु पूंजी डालने के लिए 6,767 करोड़ रुपये की जरूरत है। बीएसएनएल और एमटीएनएल दोनों ने सरकार से राहत की मांग की है।

बीएसएनएल ने 7000 करोड़ रुपये इक्विटी डालकर देश भर में 4जी स्पेक्ट्रम दिए जाने की मांग की है। एमटीएनएल ने अपने 20,000 करोड़ रुपये कर्ज को सॉवरिन में बदलने और 3जी स्पेक्ट्रम छोडऩे की मांग की है। प्रस्तावित वीआरएस पैकेज का वित्तपोषण 10 साल के बॉन्ड जारी कर किया जा सकता है। बीएसएनएल के 1,76,000 कर्मचारियों में से आधे अगले 5-6 साल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। अगर सिर्फ 50 प्रतिशत पात्र कर्मचारी (जिनकी उम्र करीब 50 साल है) वीआरएस का विकल्प चुनते हैं तो इनकी संख्या 40,000 होगी। एमटीएनएल को वीआरएस पैकेज के लिए 2,120 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ सकती है। कंपनी में 22,000 कर्मचारी हैं। इनमें से 16,000 कर्मचारी अगले 5-6 साल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 

बीएलएनएल का अनुमानित घाटा 14,000 करोड़ रुपये है। 2018-19 में उसके राजस्व में 19,308 करोड़ रुपये कमी आई है। बीएसएनए का घाटा 2015-16 में 4,859 करोड़ रुपये था, जो तेजी से बढ़ते हुए 2016-17 में 7,993 करोड़ रुपये और 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये और 2018-19 में बढ़कर 14,202 करोड़ रुपये हो गया। बीएसएनएल का कर्ज 13,000 करोड़ रुपये है। कर्ज से लदी कंपनी को पिछले 2 साल से कर्ज नहीं मिल रहा है। दूरसंचार क्षेत्र का कुल अनुमानित कर्ज 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Keyword: BSNL, MTNL, Telecom, PSU, बीएसएनएल, एमटीएनएल, Broadband, Conectivity, Spectrum,
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