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चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध और तेज हुआ

रॉयटर्स /  September 01, 2019

चीन और अमेरिका ने रविवार से एक-दूसरे के सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने शुरू कर दिए हैं, जिससे दोनों के बीच व्यापार युद्ध और तेज हो गया है। हालांकि हाल में दोनों देशों ने यह संकेत दिए हैं कि इस महीने किसी समय बातचीत शुरू होगी। 

दोनों के बीच शुल्क बढ़ोतरी का नया चरण लागू हो गया है। चीन ने अमेरिकी कच्चे तेल पर 5 फीसदी शुल्क लगा दिया है। दुनिया की इन दो ससे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीब एक साल पहले व्यापार युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार कच्चे तेल को निशाना बनाया गया है।

ट्रंप सरकार चीन से आयातित 125 अरब डॉलर से अधिक के सामान पर 15 फीसदी शुल्क वसूलना शुरू करेगी। चीन से आयातित इस माल में स्मार्ट स्पीकर, ब्लूटुथ हेडफोन और कई तरह की फुटवियर शामिल हैं। चीन ने भी अमेरिका से आयातित 75 अरब डॉलर के माल पर शुल्क बढ़ाने की योजना बनाई है। चीन ने अमेरिका से आयातित कुछ माल पर अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू भी कर दिया है। हालांकि उसने यह नहीं बताया अमेरिका से आयातित कितनी कीमत के माल पर रविवार से शुल्क बढ़ाया गया है। 

चीन ने अमेरिका से आने वाले कुल 5,078 उत्पादों में से 1,717 पर 5  फीसदी और 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाया है। चीन शेष उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क वसूलना 15 दिसंबर से शुरू करेगा। 

चीन के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी है। 

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा, 'अमेरिका को यह सीखना चाहिए कि कैसे एक जिम्मेदार वैश्विक ताकत के रूप में व्यवहार किया जाता है और उसे 'स्कूल के डराने-धमकाने वाले लड़के' के रूप में काम करना बंद करना चाहिए।' एजेंसी ने लिखा है, 'विश्व की एकमात्र महाशक्ति के रूप में उसे अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और अन्य देशों के साथ सहयोग करना चाहिए ताकि इस दुनिया को बेहतर और ज्यादा समृद्ध बनाया जा सके। केवल तभी अमेरिका फिर से महान बन सकता है।'

चीनी की सत्तारूढ़ कम्यूनिस्ट पार्टी के आधिकारिक पीपुल्स डेली में कहा गया है कि शुल्क चीन का विकास नहीं रोक सकते। इसमें कहा गया है, 'चीन की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने चीन को निवेश के लिए मुफीद जगह बना दिया है, जिसकी विदेशी कंपनियां अनदेखी नहीं कर सकती हैं।'

पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह चीन से आयातित 550 अरब डॉलर के माल पर मौजूदा और सुनियोजित शुल्क बढ़ाने जा रहे हैं। इससे पहले चीन ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी माल पर शुल्क बढ़ाए थे। चीन  में अमेरिका से आयातित सेलफोन, लैपटॉप कंप्यूटरों, खिलौनों और कपड़ों पर 15 दिसंबर से 15 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि वह चीन से आयातित 250  अरब डॉलर के माल पर पहले से लगाए हुए 25 फीसदी शुल्क को बढ़ाकर 30 फीसदी करने की योजना पर 20 सितंबर तक जनता की राय आमंत्रित करेंगे। 

चीन और अमेरिका के कारोबारी दल लगातार बातचीत कर रहे हैं और उनके बीच सितंबर में बैठक होगी। हालांकि ट्रंप यह कह चुके हैं कि रविवार से चीनी आयात पर लागू होने वाले शुल्क में देरी नहीं की जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने दो साल तक चीन पर अपनी नीतियों में व्यापक बदलाव करने का दबाव बनाया था। चीन की इन नीतियों में बौद्धिक संपदा संरक्षण, चीनी कंपनियों को तकनीक हस्तांतरण की बाध्यता, औद्योगिक सब्सिडी और बाजार में पहुंच आदि शामिल थीं। चीन ने हमेशा अमेरिका के इन आरोपों को खारिज किया है कि वह अनुचित व्यापार गतिविधियों में लिप्त है। चीन ने अमेरिका के कदमों को संरक्षणवादी बताया है।

Keyword: China, US, America, Trade War, Crude Oil,
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