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कम आमदनी वालों के लिए सस्ती बैंकिंग सेवा

नेहा मिश्रा और रंजू सरकार /  September 01, 2019

महीने में 15,000 रुपये कमाने वाले 34 वर्षीय लखन यादव का एक राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता है लेकिन वह इसमें न्यूनतम आवश्यक राशि बनाए रखने के लिए भी जद्दोजहद करते हैं। जब सूक्ष्म, लघु और मध्यम क्षेत्र की उनकी कंपनी ने निजी बैंक के साथ साझेदारी में एक फिनटेक स्टार्टअप द्वारा यादव को जीरो बैंलेंस ïवाला बैंक खाता खोलने का विकल्प दिया तो वह बहुत अधिक खुश हो गए। वह ऐप को फोन में डाउनलोड कर सकते थे और अपनी स्थानीय भाषा में आवाज आधारित विशेषताओं के साथ आसानी से लेनदेन कर सकते थे। बेंगलूरु स्थित डिजिटल बैंकिंग एवं फिनटेक स्टार्टअप नियो सॉल्यूशंस यह सुविधा उपलब्ध करा रही है। 

कंपनी ने हाल ही में होराइजन वेंचर्स, टेनसेंट और जे एस कैपिटल की अगुआई वाले बी सीरीज के दौर में 3.5 करोड़ डॉलर की राशि जुटाई। नियो का लक्ष्य एमएसएमई में काम कर रहे यादव जैसे 20,000 रुपये मासिक से कम की कमाई करने वाले 7.5 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना है। नियो सॉल्यूशंस के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी विनय बागड़ी कहते हैं, '15,000 रुपये महीने या इससे कम कमाने वालों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि बैंकों को उनके किसी तरह का क्रेडिट नहीं मिलता और वे बैंक को लाभ पहुंचाने वाले ग्राहकों में नहीं गिने जाते। वे खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने और ऐसा न करने पर शुल्क देने में भी असमर्थ हैं।'

नियो ने कंपनियों के कर्मियों को वेतन खाता और डेबिट कार्ड या प्रीपेड कार्ड जारी करने के लिए येस बैंक और डीसीबी बैंक आदि से साझेदारी की है। इससे बैंकों को पैसा मिलता है और कंपनी प्रत्येक खाते से सालाना शुल्क के तौर पर 200 रुपये लेती है। बैक-एंड पर नियो ऐप कंपनी के मानव संसाधन विभाग से जुड़ा होता है जिससे उन्हें कर्मी को मिलने वाले लाभ तथा दावे आदि ट्रैक किए जा सकें। 

हाल ही में कंपनी ने फॉरेक्स ट्रैवल कार्ड जारी किया है जो बाजार में मिलने वाले दूसरे कार्ड से 4-5 प्रतिशत सस्ता है। नियो में शुरुआती निवेशक, प्राइम वेंचर पार्टनर्स में निवेश सलाहकार और प्रीवेन एडवाइजर्स के सह संस्थापक संजय स्वामी कहते हैं, 'मानव श्रम आधारित काम और वैश्विक यात्री व्यवसाय क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। कंपनी ने बढिय़ा शुरुआत की है और कुछ अच्छे अवसरों के साथ नियो इस क्षेत्र में काफी आगे रहेगी।' 

संभावनाएं

भारत में विभिन्न एमएसएमई, संगठित तथा अद्र्ध-संगठित क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग 10 करोड़ वेतनभोगी महीने में 15,000 रुपये से कम कमाते हैं। नियो फिलहाल 10 लाख लोगों को यह सेवा उपलब्ध करा रही है और कंपनी का उद्देश्य अगले दो वर्षों में 50 लाख और खाते खोलने की है। 

जिन देशों में डिजिटल लाइसेंस जारी किए जाते हैं वहां कंपनी ने संबधित देश के बैंकों के साथ साझेदारी की है। कंपनी के परिचालन में पारंपरिक बैंक के मुकाबले दो प्रमुख अंतर हैं। यह शाखा रहित, मोबाइल फस्र्ट बैंकिंग अनुभव प्रदान करती है। दूसरा, यह अधिकांश बैंकिंग अनुभव मोबाइल पर उपलब्ध कराती है, जिसमें बैंकिंग के साथ साथ यात्रा, बचत और दूसरे विकल्प भी मिलते हैं। इन सुविधाओं के एवज में कंपनी ग्राहकों से मामूली शुल्क वसूलती है। 

उत्पाद

नियो सॉल्यूशंस मुख्यत: नियो भारत और नियो ग्लोबल नामक दो प्रमुख कारोबार का परिचालन करती है। ग्राहक नियो भारत ऐप की मदद से शून्य बैलेंस पर बैंक खाता खोल सकते हैं। इसमें कई दूसरी विशेषताएं भी होती हैं। जैसे, नियो भारत पेरोल कार्ड को लॉक-अनलॉक करना, जीरो न्यूनतम बैलेंस और ग्राहकों को अपनी आमदनी, भुगतान, निवेश और दूसरे लाभों का प्रबंधन करना। इसके अलावा नियो सॉल्यूशंस नियो ग्लोबल ट्रैवल कार्ड भी जारी करती है जहां ग्राहक को किसी दूसरे डेबिट या क्रेडिट कार्ड के इतर मुद्रा विनिमय प्रीमियम और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होती। वास्तव में यह रुपे कार्ड होता है जो वीजा विनिमय दर पर परिवर्तित होता है। इसके कारण लेनदेन संबंधी शुल्क में 4-5 प्रतिशत की बचत होती है।  

राजस्व और आगे की राह 

नियो वार्षिक शुल्क और पीओएस मशीनों पर किए जाने वाले लेनदेन के लिए लगाए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) से पैसे कमाती है। कंपनी के फॉरेक्स कार्ड से भी राजस्व मिलता है। नियो का लक्ष्य वित्त वर्ष 2020 की समाप्ति तक राजस्व वृद्धि में चार गुना बढ़ोतरी करना और दक्षिण-पूर्वी एशिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना है। वर्ष 2021 तक कंपनी ब्रेक-ईवन पर पहुंचना चाहती है।
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