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आएंगे बड़े विदेशी ब्रांड

करण चौधरी और शुभायन चक्रवर्ती / बेंगलूरु/नई दिल्ली August 29, 2019

ब्रिटेन और फ्रांस के अग्रणी लक्जरी सिले-सिलाए परिधान और परफ्यूम के ब्रांड, दक्षिण कोरिया के प्रीमियम सौंदर्य प्रसाधन, जापान के अफोर्डेबल एथलिजर ब्रांड से लेकर अमेरिका की सबसे बड़ी लाउंजरी ब्रांड अगले दो साल में भारत में हो सकते हैं क्योंकि कम से कम 40 अलग-अलग रिटेलर एकल ब्रांड रिटेल के तहत भारत आएंगे। उद्योग के जानकारों के मुताबिक, अभी तक भारत से दूर रहे ब्रांड अंतत: भारत का रुख कर सकते हैं। बुधवार को सरकार की तरफ से एकल ब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर किए गए सुधार के बाद ऐसा होने वाला है। एफडीआई का नया नियम बताता है कि ब्रांड इस देश में स्टोर खोलने से पहले ई-कॉमर्स के जरिए ऑनलाइन प्रवेश कर सकते है।

 
सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटेन की बाथ व बॉडी क्षेत्र की कंपनियां, जापान के एपैरल ब्रांड, फ्रांस के आउटडोर ब्रांड, इंडोनेशिया की इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां भारत में अगले 12 से 18 महीने में ऑनलाइन परिचालन शुरू करने की योजना बना रही हैं। सरकार ने कहा है कि मौजूदा नीति के तहत एकल ब्रांड खुदरा की कारोबारी इकाइयों को ई-कॉमर्स के जरिए अपने ब्रांडों की ऑनलाइन बिक्री शुरू करने से पहले यहां स्टोर खोलना होगा। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा था, यह कृत्रिम पाबंदी सृजित करता है और बाजार के मौजूदा चलन के हिसाब से नहीं है। इसलिए फैसला लिया गया है कि स्टोर खोलने से पहले ऑनलाइन रिटेल कारोबार होना चाहिए, जिसके साथ शर्त यह है कि ऑनलाइन रिटेल शुरू करने के दो साल के भीतर कंपनी स्टोर खोल दे।
 
उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा, कई ब्रांड पहले भारत आने को लेकर चिंतित थे क्योंकि उत्पादन बेचने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिना खासी बिक्री हासिल करना असंभव हो जाता। बड़े ब्रांड इसका प्रबंधन कर सकते हैं, लेकिन मध्यम व छोटे ब्रांडों ने टिके रहने के लिहाज से इसे मुश्किल पाया। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा, कोई ब्रांड स्टोर की निश्चित संख्या खोल सकता है। स्टोर खोलने में कई चीजों का ध्यान रखना होता है। इसके अलावा अच्छी खासी बिक्री के लिए ऑनलाइन रिटेल जरूरी है। यह कई ब्रांडों को भारत में प्रवेश में मदद करेगा। हमारा मानना है कि अगले दो वर्षों में विभिन्न श्रेणियोंं के कम से कम 40 नए अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों का इस देश में प्रवेश हो जाएगा। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कई बार सरकार को पत्र लिखकर एकल ब्रांड खुदरा के नियमों में बदलाव की मांग की है। उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में प्रवेश के बाद तत्काल परिचालन शुरू करने की अनुमति से ब्रांडों को परिचालन का आधार बनाने में मदद मिलेगी, जिससे रोजगार का सृजन होगा।
 
लॉ फर्म टेकलेगिस एडवोकेट्स ऐंड सॉलिसिटर्स के मैनेजिंग पार्टनर सलमान वारिस ने कहा, कंपनियों को स्टोर खोलने से पहले ऑनलाइन रिटेल की अनुमति की मांग काफी समय से कई अंतरराष्ट्रीय कारोबार कर रहे थे, जो भारत में अपना कारोबार करना चाहते थे। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने से ऑनलाइन बिक्री लॉजिस्टिक्स, डिजिटल भुगतान, कस्टमर केयर, प्रशिक्षण आदि के क्षेत्र में रोजगार सृजित होगा। इससे भारत को दक्षिण व दक्षिण पूर्व एशिया के विनिर्माण केंद्रों से प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी।
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