बिजनेस स्टैंडर्ड - जेटली युग
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, September 17, 2019 12:20 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

जेटली युग

संपादकीय /  August 25, 2019

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को उनके मित्रों, सहकर्मियों और संपूर्ण राष्ट्र द्वारा कई वजहों से याद रखा जाएगा।  भावप्रवण वक्ता, कुशल रणनीतिकार और प्रखर अधिवक्ता होने के अलावा जेटली ऐसे दिल्लीवासी थे जिनकी मित्रता तमाम राजनीतिक हलकों में थी। वह राजनेताओं की मौजूदा पीढ़ी के बीच सेतु का काम करते थे। वह जीवन में जितने लोगों से मिले, उन सबके जीवन को उन्होंने प्रभावित किया। यही कारण है कि वह कई मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी पसंदीदा व्यक्ति थे। मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान संसद में उनके हस्तक्षेप केवल उनके मंत्रालयों तक सीमित नहीं रहते थे। यहां तक कि स्वास्थ्य खराब होने के बाद जब उनसे बहुत कम लोग मिल पाते थे तब उन्होंने नियमित रूप से अपने ब्लॉग के जरिये सरकार के अहम कदमों को तार्किक ढंग से उचित ठहराया।

 
बतौर अधिवक्ता और सांसद जेटली का करियर विशिष्ट रहा। उन्होंने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बतौर वित्त मंत्री सबसे अहम काम को अंजाम दिया। सन 2013 में लगभग भुगतान संतुलन के घाटे की स्थिति से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था 2014 में मोदी के कार्यकाल की शुरुआत के समय बहुत अच्छी स्थिति में नहीं थी। बतौर वित्त मंत्री जेटली के कार्यकाल के दौरान कई तरह के सुधारों का क्रियान्वयन किया गया। उदाहरण के लिए चौदहवें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप सरकार ने राज्यों को दिए जाने वाले कर संसाधनों में इजाफा किया। इससे न केवल राज्यों की व्यय करने की क्षमता बढ़ी बल्कि देश में संघवाद और मजबूत हुआ। जेटली इसे और आगे ले गए और राज्य सरकारों को बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के लिए एकमत किया। जेटली की राजनीतिक क्षमताओं के सबसे बेहतर उदाहरणों में से एक है जीएसटी परिषद का सहज सुगम ढंग से काम करना। हर निर्णय आम सहमति से लेकर यह केंद्र राज्य सहयोग का आदर्श नमूना बन गई। जेटली ने जिन अन्य सुधारों को लागू किया उनमें ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता भी शामिल है जिसने पुरानी नाकाम व्यवस्था को समाप्त किया। हालांकि मामले लंबे खिंच रहे हैं लेकिन हालिया सुधारों के बाद यहां भी मामले समय पर निपटने शुरू होंगे। इससे अर्थव्यवस्था की ऋण संस्कृति में सुधार होगा और संसाधनों का बेहतर आवंटन शुरू होगा। 
 
जेटली के कार्यकाल का एक अन्य अहम सुधार था रिजर्व बैंक के साथ मौद्रिक नीति समझौता और मुद्रास्फीति को लक्षित करने वाले ढांचे को अपनाना। मुद्रास्फीति को लक्ष्य बनाने से उसे तथा उससे जुड़े अनुमानों को सीमित रखने में मदद मिली है। इससे बीते वर्षों के दौरान सरकार का राजकोषीय घाटा कम करने में भी मदद मिली है। बहरहाल, जेटली के वित्त मंत्रालय को केंद्रीय बैंक के साथ निपटने में कुछ दिक्कतें भी रहीं। यह भी एक कारण था जिसके चलते रघुराम राजन को कार्य विस्तार नहीं मिला। जेटली ने फंसे हुए कर्ज की समस्या के लिए भी बैंकिंग नियामक को जवाबदेह ठहराया। राजन के उत्तराधिकारी ऊर्जित पटेल ने इसका विरोध भी किया। उसके बाद से रिश्ते बिगड़ते गए और पटेल को गवर्नर पद छोडऩा पड़ा। जीएसटी जैसे कुछ सुधारों में अभी प्रगति हो रही है। जेटली पर इन्हें हड़बड़ी में लागू करने का इल्जाम लगा। परंतु शायद ऐसा कहना उचित नहीं क्योंकि एक बार में एकदम सटीक कर व्यवस्था लाना शायद संभव नहीं था। जेटली का जीवन उनके वित्त मंत्री के कार्यकाल से इतर भी था। उनके निधन के साथ ही भाजपा ने एक कुशल रणनीतिकार और देश ने एक मानवीय राजनेता खो दिया। उनके निधन से देश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में खाली हुई जगह को भरना मुश्किल है। वह क्रिकेट में रुचि रखते थे लेकिन स्वास्थ्यगत कारणों से उनकी पारी लंबी नहीं चली। 
Keyword: arun jaitley, BJP, AIIMS, narendra modi,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 सऊदी अरब में उत्पादन बाधित होने से घरेलू बाजार में बढ़ेंगे तेल के दाम?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.