बिजनेस स्टैंडर्ड - एफपीआई के लिए नियम किए आसान
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एफपीआई के लिए नियम किए आसान

समी मोडक / मुंबई 08 21, 2019

बोर्ड बैठक में अहम घोषणाएं

एफपीआई पंजीकरण प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा
पुनर्खरीद अर्हता के लिए कर्ज और इक्विटी अनुपात पर स्पष्टता
एनबीएफसी वाली कंपनियों को ज्यादा छूट
एसएमई एक्सचेंज में सूचीबद्घ कंपनियों के मुख्य बोर्ड जाने के नियम होंगे आसान
म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के नियम होंगे आसान
प्रतिभूतियां जारी करने वाली कंपनियों को रेटिंग एजेंसियों को देनी होगी ज्यादा जानकारी

बिजनेस स्टैंडर्ड एफपीआई के लिए नियम किए आसानभारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी निवेशकों के लिए नियामकीय व्यवस्था को आसान बनाने का आज फैसला किया। बाजार नियामक ने साथ ही भेदिया कारोबार के मामलों में सबूत जुटाने और कार्रवाई की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक नई व्यवस्था की भी घोषणा की। साथ ही सेबी बोर्ड ने साथ ही स्पष्ट किया कि कंपनियों को पुनर्खरीद की पात्रता हासिल करने के लिए कर्ज और इक्विटी के अनुपात को बरकरार रखना होगा।

सेबी ने फंड स्थापित करने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत अब फंड गठित करने के लिए न्यूनतम 20 निवेशकों की जरूरत होती थी। साथ ही अब वे केंद्रीय बैंक भी खुद को एफपीआई के तौर पर पंजीकृत कर पाएंगे जो बैंक ऑफ इंटरनैशनल सेटलमेंट (बीआईएस) के सदस्य नहीं हैं। भारतीय म्युचुअल फंडों द्वारा विदेश में गठित फंडों को भी एफपीआई मार्ग के जरिये घरेलू बाजारों में निवेश करने की अनुमति होगी। बाजार नियामक ने साथ कहा कि वह पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) जारी करने की व्यवस्था को व्यावहारिक बनाएगा। यह प्रतिभूति किसी जमाने में विदेशी निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय थी। 

सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी ने कहा कि मौजूदा एफपीआई नियमों को पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। एफपीआई ढांचे में बदलाव के लिए सेबी ने आज जो घोषणाएं की वे एचआर खान समिति द्वारा मई में सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों को आसान बनाए जाने से देश में विदेश निवेश को गति मिल सकती है।

सिरिल अमरचंद मंगलदास में पार्टनर श्रुति राजन ने कहा, 'इन उपायों से एफपीआई रूट में तेजी आएगी जो कई कारणों से पिछले कुछ महीनों से गति नहीं पकड़ पा रहा था। इससे ऐसी कंपनियों के लिए दरवाजे खुलेंगे जो फंड बनाने के लिए 20 निवेशकों की शर्त को पूरा नहीं कर पा रही थीं। पी-नोट्स को व्यावहारिक बनाने की घोषणा बेहद अहम है।'

सेबी ने ऐसे वक्त एफपीआई नियमों को आसान बनाने का फैसला किया है जब विदेशी निवेशकों ने आम बजट पेश होने के बाद घरेलू बाजारों से 3 अरब डॉलर से अधिक की निकासी की है। त्यागी ने कहा कि एफपीआई के नए ढांचे पर एक साल पहले काम शुरू हुआ था और इसका मकसद आम बजट में घोषित उच्च करों की मार को नरम करने के लिए नहीं किया गया है। भेदिया कारोबार पर कार्रवाई : सेबी ने कहा कि भेदिया कारोबार के बारे में सटीक जानकारी देने वाले व्यक्तियों को इनाम दिया जाएगा। इनाम की राशि संबंधित रकम का 10 फीसदी और अधिकतम एक करोड़ रुपये तक होगी। साथ ही कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।

पुनर्खरीद के लिए कर्ज और इक्विटी अनुपात : सेबी ने कहा कि पुनर्खरीद कर रहीं कंपनियों के लिए कर्ज और इक्विटी का अनुपात समेकित आधार पर 2:1 से कम होना चाहिए। हालांकि जिन कंपनियों की एनबीएफसी है उन्हें इस नियम से छूट दी जाएगी। लेकिन इसके लिए एनबीएफसी का कर्ज और इक्विटी का अनुपात 6.1 से कम होना चाहिए। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि सेबी ने एलऐंडटी के पुनर्खरीद प्रस्ताव को इसलिए खारिज कर दिया था कंपनी का कर्ज और इक्विटी का अनुपात बहुत अधिक है। 

रेटिंग एजेंसियों को मदद : सेबी ने क्रेडिट एजेंसियों से संबंधित नियमों में भी बदलाव करने का फैसला किया है। अब उनके लिए प्रतिभूति जारी करने वाली कंपनियों से ज्यादा जानकारी मांगना आसान होगा। त्यागी ने कहा कि अक्सर रेटिंग एजेंसियों को जिम्मेदार माना जाता है लेकिन उन्हें ऋण और चूक के बारे में समय पर जानकारी मिलनी चाहिए।
Keyword: FPI, invest, equity, SEBI,,
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