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जियो की पेशकश से हतोत्साहित मल्टीप्लेक्स मालिकों का पलटवार

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली August 20, 2019

मल्टीप्लेक्स कंपनियों ने कहा है कि वह उन फिल्मों को अपने थियेटर में नहीं दिखाएंगी जिनका अधिकार पहले बेचा जा चुका हो या एक साथ ओटीटी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया हो। यह महत्वपूर्ण प्रगति है क्योंकि इससे वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को चुनौती दे सकते हैं, जिन्होंने हाल में ऐलान किया है कि वाणिज्यिक रूप से पेश उच्च गति वाली जियो फाइबर के प्रीमियम ग्राहक उसी दिन मूवी देख पाएंगे जिस दिन इसे थियेटर मेंं जारी किया जाएगा। रिलायंस के ओटीसी प्लेटफॉर्म जियो टीवी पर फस्र्ट डे फस्र्ट शो की सेवा साल 2020 के मध्य में पेश की जाएगी।
 
एक अग्रणी मल्टीप्लेक्स के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पुराना वैल्यू चेन हर किसी के लिए यानी उत्पादक से लेकर दर्शक तक के लिए सही है। अगर प्रोड््यूसर पहले थियेटर में और फिर दूसरी जगह एक अंतराल के बाद फिल्में जारी करने की मौजूदा व्यवस्था के बजाय एक साथ या ओटीटी या टीवी पर एक साथ फिल्म जारी करने का फैसला लेते हैं तो हम वैसी फिल्मों को अपने थियेटर में नहीं दिखाएंगे क्योंकि इसका कारोबारी मतलब नहीं बनता है। ज्यादातर मल्टीप्लेक्स कंपनियों ने ऐसी ही बात कही।
 
भारतीय मीडिया व मनोरंजन क्षेत्र पर फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट बताती है कि देसी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में मल्टीप्लेक्स की हिस्सेदारी 55 फीसदी से ज्यादा है। किसी फिल्म के राजस्व में सबसे ज्यादा भागीदारी करने वाले देसी बॉक्स ऑफिस को साल 2018 में 100 अरब रुपये का झटका लगा। इनमें 32 अरब रुपये का योगदान 50 अग्रणी हिन्दी फिल्मों का रहा। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, किसी फिल्म के कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का 50-60 फीसदी पहले हफ्ते में होता है। शुद्ध बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में प्रॉड्यूसर को 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मिलता है जबकि बाकी फिल्म का प्रदर्शन करने वालों का होता है। दूसरे हफ्ते और इसके बाद प्रॉड्यूसर की कमाई का प्रतिशत हफ्ते दर हफ्ते घटता जाता है। 
 
एक मल्टीप्लेक्स मालिक ने कहा, अगर कोई फिल्म ओटीटी पर एक साथ दिखाया जाता है (जिसके लिए उन्हें तय शुल्क मिलता है) तो प्रॉड्यूसर व थियेटर मालिकों को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में अपनी हिस्सेदारी में काफी ज्यादा रकम गंवानी होगी, जो पहले हफ्ते सबसे ज्यादा होता है। अभी थियेटर और अन्य तरीके ओटीटी या टीवी पर फिल्में जारी करने का औसत अंतराल एक या दो महीने होता है। प्रॉडक्शन हाउस का कहना है कि रिलायंस जियो की अवरोधक रणनीति के साथ दो समस्या है। पहला, ज्यादातर बड़े फिल्म निर्माता अपनी फिल्में सबसे पहले थियेटर में प्रदर्शित करना चाहते हैं। अमेरिका में भी निदेशक स्टीफन स्पीलबर्ग भी ज्यादा समय फिल्में थियेटर पर प्रदर्शित करने पर जोर देते रहे हैं ताकि इन्हें ऑस्कर के लिए नामांकित किया जा सके। वास्तव में इसी वजह से नेटफ्लिक्स तय अवधि के लिए फिल्म रोमा थियेटर पर प्रदर्शित करने के लिए बाध्य हुई ताकि इसे ऑस्कर के दावेदारों में शामिल कराया जा सके। इस साल रोमा को तीन ऑस्कर पुरस्कार मिले। दूसरा, एक प्रॉडक्शन हाउस के प्रमुख ने कहा कि ओटीटी बड़ी फिल्में खरीदने के लिए अपने वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल करती है तो उसके लिए यह कम से कम तीन से चार गुना ज्यादा महंगा होगा क्योंकि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में कमी की भरपाई करनी होगी।
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