बिजनेस स्टैंडर्ड - मंदी की आहट से सोने में चमचमाहट
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मंदी की आहट से सोने में चमचमाहट

सुशील मिश्र / मुंबई 08 20, 2019

सुरक्षित निवेश का साधन

सुरक्षित निवेश के तौर पर निवेशक लगा रहे सोने पर दांव
एक साल में सोने ने दिया है 28.1 फीसदी का रिटर्न
एक महीने में 7.5 फीसदी तक आई तेजी
जानकारों ने अगले एक से दो साल तक सोने में तेजी बने रहने की जताई उम्मीद

बिजनेस स्टैंडर्ड मंदी की आहट से सोने में चमचमाहटवैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की दस्तक और अमेरिका-चीन के बीच गहराते व्यापार युद्घ के कारण सोने की कीमतें रोज नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में चालू वित्त वर्ष में सोने कीमतों में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। सोने की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से आम निवेशकों और ग्राहकों के साथ सराफ ा कारोबारी भी हैरान हैं। हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी को देखते हुए सोने में अभी एक-दो साल तेजी बनी रह सकती है। ऐसे में सोने में निवेश जारी रह सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को मामूली गिरावट के बाद सोना सोना आज चढ़कर 1,506 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में सोने के दाम में तेजी अमेरिकी फेडरल बैंक द्वारा अपनी नीतियों में बदलाव के संकेत देने की वजह से आई है। घरेलू बाजार में एक साल में सोने की कीमतों में 28.1 फीसदी की तेजी आई है। मंगलवार को मुंबई में सोने के भाव बढ़कर 37,682 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गए, जो एक साल पहले 29,415 रुपये प्रति 10 ग्राम थे। मुंबई में इस महीने 13 अगस्त को सोने के भाव 37,796 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्च स्तर को छुआ था।

कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक हालात की वजह से दुनिया भर के केंद्रीय बैंंक सोने की जमकर खरीद कर रहे हैं। इसके अलावा निवेशक भी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने पर दांव लगा रहे हैं। इसकी वजह से सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। फिलहाल घरेलू बाजार में सोने की मांग कमजोर है लेकिन त्योहारी सीजन और शादी विवाह का मौसम शुरू होते ही मांग बढ़ेगी। कारोबारियों का कहना है कि इस साल सोना घरेलू बाजार में 40 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर सकता है। महंगाई बढऩे के कारण सोने की बिक्री भले ही कमजोर हो लेकिन देश में इसका आयात बढ़ रहा है।

चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात 15.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जुलाई की अवधि में 1,316 करोड़ डॉलर (करीब 92,000 करोड़ रुपये) मूल्य का सोना आयात किया गया जबकि पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में इसी अवधि में 1,141 करोड़ डॉलर (करीब 80,000 करोड़ रुपये) मूल्य का सोना आयात किया गया था। सोने का आयात बढऩे का सीधा असर चालू खाते घाटे पर पडऩे वाला है। वित्त वर्ष 2018-19 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.1 फीसदी पर पहुंच गया जो 2017-18 में 1.8 फीसदी था। भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है। भारत में हर साल 800-900 टन सोने का आयात किया जाता है। सोना आयात को हतोत्साहित करने के लिए इस साल बजट में सरकार ने आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है। 
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