बिजनेस स्टैंडर्ड - दूसरे के खाते में रकम के लिए लेनी होगी इजाजत
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दूसरे के खाते में रकम के लिए लेनी होगी इजाजत

सोमेश झा / नई दिल्ली 08 20, 2019

हो रही तैयारी

खाते में रकम जमा करने से पहले खाताधारक से लेनी होगी अनुमति
सरकार ने आरबीआई से इस प्रस्ताव पर मांगी राय
ग्राहकों को इस सेवा के लिए देना पड़ सकता है शुल्क

बिजनेस स्टैंडर्ड दूसरे के खाते में रकम के लिए लेनी होगी इजाजतकिसी भी ग्राहक के बैंक खाते में किसी के द्वारा पैसे जमा कराने से पहले बैंक संबंधित खाताधारक की अनुमति लेगा। बैंकों में यह व्यवस्था जल्द ही शुरू हो सकती है। ग्राहक के खाते में जमा होने वाले पैसे के बारे में खाताधारक को जानकारी मिले, ऐसी प्रणाली विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को पत्र लिख कर राय मांगी है। नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों में अनुचित तरीके से पैसे जमा कराने के कई मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

सरकार के अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि प्रस्तावित प्रणाली के तहत जब कोई भी व्यक्ति खाताधारक के बैंक खाते में पैसे जमा कराने की कोशिश करेगा तो बैंक के द्वारा संबंधित खाताधारक को सूचित किया जाएगा। उसके बाद ग्राहक के पास जमा स्वीकार या उसे अस्वीकार करने का अधिकार होगा।

बैंक नियामक और सरकार के बीच जिस प्रस्ताव पर चर्चा की गई है, उसमें कहा गया है यह सेवा सभी ग्राहकों के लिए नहीं होगी क्याोंकि संबंधित बैंक इस सेवा के लिए कुछ शुल्क ले सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में की गई घोषणा के बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाए जा रहे हैं। सीतारमण ने बजट भाषण में कहा था, 'सरकार बैंक खाताधारकों को सशक्त बनाने के लिए कदम उठाएगी और उनके खाते में जमा होने वाली नकदी पर नियंत्रण का अधिकार देगी।'

फिलहाल किसी भी खाते में पैसे जमा कराने के लिए खाताधारक की अनुमति की जरूरत नहीं होती है। जमाकर्ता को प्राप्तकर्ता का बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड की जरूरत होती है। इसकी मदद से कोई भी आईएमपीएस या आरटीजीएस के जरिये खाते में पैसे जमा करा सकता है। पैसे जमा कराने के लिए प्राप्तकर्ता की सहमति के लिए बैंक के कोर बैंकिंग प्रणाली (सीबीएस) में बदलाव करना होगा। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'बैंकों को इस सेवा के लिए लागत वहन करना होगा, ऐसे में बैंकों को ग्राहकों से इस सुविधा के लिए शुल्क वसूलने की अनुमति होगी।'

वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि सरकार के संज्ञान में आया है कि बीते समय में कई ग्राहकों के बैंक खातों में अवैध तरीके से पैसे जमा कराए गए हैं। उक्त अधिकारी ने कहा, 'जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह पैसे आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों के बैंक खातों से हेरफेर किए गए हों और प्राप्तकर्ता को ऐसे लेनदेन के बारे में जानकारी भी नहीं हो।'
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