बिजनेस स्टैंडर्ड - लिक्विड फंडों की संपत्तियों में उछाल
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, September 15, 2019 11:48 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

लिक्विड फंडों की संपत्तियों में उछाल

ऐश्ली कुटिन्हो / मुंबई 08 20, 2019

एक साल के दौरान हुआ खासा इजाफा

बिजनेस स्टैंडर्ड लिक्विड फंडों की संपत्तियों में उछालपिछले एक साल के दौरान लिक्विड फंडों की परिसंपत्तियों में खासा इजाफा हुआ है। आईएलऐंडएफएस के भुगतान में चूक करने से निवेशकों की घबराहट बढ़ गई थी, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षित एवं सुदृढ़ इकाइयों व योजनाओं की तरफ रुख किया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल के दौरान एचडीएफसी म्युचुअल फंड की लिक्विंड योजनाओं (फंड) की परिसंपत्तियां 110 प्रतिशत बढ़कर 86,445 करोड़ रुपये पहुंच गईं। इस योजना की प्रबंधित परिसंपत्तियां एचडीएफसी म्युचुअल फंड की इक्विटी योजना का करीब 4 गुना हो गई हैं। 

दूसरे शब्दों में कहें तो लिक्विड योजना का आकार म्युचुअल फंड उद्योग की कुल 24.53 लाख करोड़ रुपये परिसपंत्तियों का 3.3 प्रतिशत पहुंच गया है। लिक्विड फंड बॉन्ड सरकारी प्रतिभूतियां, ट्रेजरी बिल और कॉल मनी सहित मुद्रा बाजार योजनाओं में निवेश करते हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एमएफ और एसबीआई एमएफ की लिक्विड योजनाओं की प्रबंधित परिसंपत्तियां भी 50,000 करोड़ रुपये पार कर गई हैं। कुल मिलाकर शीर्ष 5 लिक्विडी योजनाओं की हिस्सेदारी म्युचुअल फंड उद्योग के कोष में 12 प्रतिशत तक हो गई है। 

दिलचस्प है कि एक तरफ बड़ी फ र्मों की लिक्विडी परिसंपत्तियों में तो तेजी आई है लेकिन 43 फंड कंपनियों में 23 की परिसंपत्तियों में पिछले एक साल के दौरान कमी आई है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक डेट फंडों के बढ़ते संकट के बीच बड़ी फंड कंपनियों में निवेश को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। एक फंड प्रबंधक ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, 'आईएलऐंडएफएस घटनाक्रम के बाद निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों में निवेश कर रहे हैं।'

जानकारों के अनुसार जून की शुरुआत से सरकारी व्यय में बढ़ोतरी और बाजार में नकदी डालने के लिए आरबीआई की तरफ से उठाए गए कदमों से वित्तीय तंत्र में नकदी का प्रसार बढ़ा है। इनमें कुछ रकम म्युचुअल फंडों में निवेश की गई है। हालांकि जब हालात बदलेंगे तो उस स्थिति में क्या होगा? फंड प्रबंधक ने कहा, 'सामान्य तौर पर रकम का एक जगह होना अच्छा नहीं होता है और यह देखना होगा कि बड़े पैमाने पर निवेश निकाले जाने के बाद तस्वीर कैसे रहेगी।' कुछ जानकार पूरे वित्तीय तंत्र में किसी तरह का जोखिम होने की बात से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि लिक्विडी योजनाओं के संबंध में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की पहल के बाद ऐसा नहीं लगता है।

मॉनिंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के निदेशक कौस्तुभ बेलापुरकर कहते हैं, 'ये फंड जिन योजनाओं में निवेश करते हैं वे तरल होती हैं और एक्जिट लोड जैसे नए नियमों से इन फंडों में अधिक ब्याज एवं मुनाफा कमाने के लिए निवेश होने वाले धन पर अंकुश लगेगा।' सेबी नए दिशानिर्देश के तहत लिक्विड फंडों को अपनी 20 प्रतिशत रकम नकद एवं समतुल्य सरकारी प्रतिभूतियों एवं ट्रेजरी बिल के रूप में रखने के लिए कह सकती है। 
Keyword: mutual fund, sebi, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

संपूर्ण बाजार धारणा कमजोर बनी हुई है : निश्चल माहेश्वरी

Investmentsसरकार ने अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए पिछले कुछ दिनों के दौरान कई

मंदी में भी सजावटी पेंट और फुटवियर क्षेत्र के टिके हैं पांव

बाधाओं के बावजूद बाजार एलऐंडटी शेयर को लेकर सकारात्मक

निवेशकों ने स्मॉल और मिड-कैप में उठाया नुकसान

दवा कंपनियों पर भारत और अमेरिका में दबाव बरकरार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.