बिजनेस स्टैंडर्ड - ई-कॉमर्स कंपनियों का बढ़ रहा मूल्यांकन
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ई-कॉमर्स कंपनियों का बढ़ रहा मूल्यांकन

करण चौधरी / बेंगलूरु August 19, 2019

ई-कॉमर्स क्षेत्र में मंदी के संकेत सामान्य खुदरा क्षेत्र के मुकाबले अलग दिख रहे हैं। चाहे ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग हो अथवा किसी वस्तु की ऑनलाइन खरीदारी, भारी छूट और प्रभावकारी निर्णय ई-कॉमर्स कंपनियों के पक्ष में काम करने वाले दो प्रमुख कारक हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अत्यधिक मूल्यांकन भले ही काल्पिनिक हो लेकिन यह ऑनलाइन कंपनियों सूची निर्धारित करने का एक प्रमुख पैमाना है। साथ ही रकम जुटाने के बड़े सौदों से पता चलता है कि इस क्षेत्र में ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा बरकरार है। लेकिन चिंता की बात यह है कि पारंपरिक कारोबार के विपरीत ऑनलाइन कंपनियां घाटे में चलने के बावजूद मूल्यांकन की सीढ़ी पर ऊपर चढ़ रही हैं।
 
इंटरनेट पर ध्यान केंद्रित करने वाली प्रमुख परामर्श फर्म रेडसीर का मानना है कि वर्ष 2019 की पहली छमाही में ई-टेलिंग की वृद्धि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 29 फीसदी के अनुमान पर दमदार रही है। यदि आंकड़ों की बात करें तो रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी ओयो कई स्थापित होटल शृंखलाओं को टक्कर दे रही है। ओयो का मूल्यांकन पिछले साल 5 अरब डॉलर तक पहुंच गया जो 2017 में उसके मूल्यांकन के मुकाबले छह गुना है। कंपनी अगले कुछ वर्षों में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है और तब तक वह अपने मूल्यांकन को बढ़ाकर 18 अरब डॉलर करना चाहती है। पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का मानना है कि उसका मूल्यांकन 16 से 18 अरब डॉलर के दायरे में होगा जो पिछले साल 10 अरब डॉलर था जब पिछले साल बर्कशायर हैथवे ने 30 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। साथ ही मई में नियामकीय खुलासों पर आधारित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 35.2 करोड़ डॉलर जुटाने की प्रस्तावित योजना से ओला का मूल्यांकन बढ़कर 6.2 अरब डॉलर हो जाएगा। फूड डिलिवरी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां स्विगी और जोमैटो भी मूल्यांकन बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। जून में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, स्विगी की नजर 4 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर है जबकि जोमैटो अगले दौर के निवेश के तहत 3.1 अरब डॉलर मूल्यांकन हासिल करना चाहती है।
 
करीब 1 अरब डॉलर मूल्यांकन वाली इंटरनेट आधारित कंपनियों की सूची भी तेजी से बढ़ रही है। इसमें बिगबास्केट का मूल्यांकन उस समय 1.2 अरब डॉलर से अधिक आंका गया था जब दक्षिण कोरिया की मिरे ऐसेट ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्ïस के नेतृत्व में 15 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया था। शिक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बैजू का मूल्यांकन भी निवेशकों को शेयर आवंटन के बाद 1 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। इसी प्रकार, लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप डेल्हीवेरी ने ताजा दौर के निवेश के तहत 41.3 करोड़ रुपये जुटाने के बाद 1 अरब डॉलर मूल्यांकन वाली कंपनियों की जमात में पहुंच चुकी है।
 
अगस्त 2018 में अमेरिकी दिग्गज खुदरा कंपनी वॉलमार्ट के निवेश के समय फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन 22 अरब डॉलर आंका गया था। वॉलमार्ट ने करीब 16 अरब डॉलर के एक सौदे के तहत फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। एक प्रमुख ऑनलाइन कंपनी के वरिष्ठï अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या ई-कॉमर्स क्षेत्र मेंं मंदी के संकेत दिख रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि सभी ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बार-बार खरीदारी करने वाले ग्राहकों की संख्या में मामूली गिरावट आई है लेकिन टियर-3 शहरों और शेष भारत से आने वाले नए ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 
 
फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, 'फ्लिपकार्ट में हम ग्राहकों को कम कीमत में उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। यह मार्केटप्लेस पर ऐसे समय में अधिक कंपनियों को सूचीबद्ध कर रहा है जब बाजार में नरमी दिख रही है। इसलिए हमें उस परिदृश्य में कोई मंदी नहीं दिख रही है। हमें अच्छी वृद्धि नजर आ रही है।' कभी ई-कॉमर्स क्षेत्र की दमदार कंपनी रह चुकी स्नैपडील ने भी पिछले कुछ महीनों में अपनी वापसी की है। पीरामल ग्रुप के कार्यकारी निदेशक आनंद पीरामल ने स्नैपडील में एक गुप्त निवेश किया है। 
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