बिजनेस स्टैंडर्ड - व्हाट्सऐप भुगतान सेवा से मुकाबले की तैयारी
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व्हाट्सऐप भुगतान सेवा से मुकाबले की तैयारी

युवराज मलिक /  August 19, 2019

देश के स्टार्टअप उद्योग के लिए पोस्टर बॉय बन चुके अरबपति और उद्यमी भवीन तुरखिया ने कुछ समय पहले कहा था कि जब व्हाट्सऐप अपनी भुगतान सेवा शुरू करेगी तो दूसरे मोबाइल आधारित भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए इस बाजार में कदम जमाए रखना मुश्किल हो जाएगा। फिनटेक स्टार्टअप जेटा इंडिया के प्रमुख तुरखिया 27 जून को बेंगलूरु में मैट्रिक्स पार्टनर्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसमें क्रीड के संस्थापक कुणाल शाह भी मौजूद थे जिन्होंने वर्ष 2017 में फ्रीचार्ज को ऐक्सिस बैंक को बेच दिया था। इस दौरान कुछ लोग व्हाट्सऐप के बीटा वर्जन का उपयोग कर रहे थे और तुरखिया ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, 'जरा इसके (व्हाट्सऐप बीटा वर्जन) शानदार अनुभव को देखिए।' शाह ने पूर्ण समर्थन करते हुए कहा, 'क्या कोई किसी दूसरे ऐप को इस्तेमाल करेगा?'

 
फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप द्वारा भारत में भुगतान प्रणाली लाने की घोषणा करने के बामुश्किल एक सप्ताह के भीतर पूरा बाजार इससे जुड़ी चर्चाओं से भर गया है। मोबाइल आधारित भुगतान कंपनियां पहले से ही अधिक प्रतिस्पर्धा, बहुत कम मार्जिन, सरकारी सब्सिडी और दूसरी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। सवाल यह है कि क्या भुगतान सेवाओं में व्हाट्सऐप के आने के बाद भी छूट, ऑफर और विज्ञापनों पर निर्भर यह कारोबार इसी तरह से काम करता रहेगा? व्हाट्सऐप के पास पहले से ही बड़ी संख्या में ग्राहक के तौर पर बेहतर सामाजिक पूंजी है। केवल भारत में 20 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के चलते इसके भुगतान कारोबार को बेहतर शुरुआत मिल सकती है। इसने कारण वर्ष 2010 में भुगतान सेवा में कदम रखने वाली कंपनी पेटीएम को परेशान कर दिया है। पेटीएम में चीन की अलीबाबा की अहम हिस्सेदारी है और फ्लिपकार्ट के स्वामित्व वाली फोनपे तथा एकीकृत भुगतान सेवा (यूपीआई) के कारण पहले से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। 
 
अक्टूबर 2018 में सरकार द्वारा यूपीआई सेवा प्रारंभ करने के बाद अधिकांश बड़ी भुगतान सेवा कंपनियों को यूपीआई नेटवर्क पर आना पड़ा। इसके अलावा, भुगतान कंपनियां स्वयं को भुगतान सेवा प्रदाता की छवि से अलग दिखाने का भी प्रयास करती रहीं। पेटीएम ने ऐप के भीतर ही खरीदारी संबंधी पेटीएम मॉल लॉन्च किया जबकि फोनपे ने वीचैट के सुपर ऐप की तर्ज पर अपने ऐप में एक मर्चेंट स्टोर शुरू किया। इनमें से अधिकांश कंपनियां ग्राहकों को बांधे रखने के लिए बड़ी मात्रा में छूट उपलब्ध करा रही हैं। 
 
कारोबार में स्वयं को दूसरों से अलग दिखाने के लिए आज भी छूट को बड़ा पैमाना माना जाता है। पेटीएम और फोनपे ने किराना स्टोर और सड़क किनारे दुकान लगाने वालों तक पहुंच बनाकर खुदरा दुकानदारों का अच्छा नेटवर्क तैयार किया है। दुकानदारों का बड़ा नेटवर्क इस कारोबार में काफी लाभदायक होता है। हालांकि व्हाट्सऐप को फिलहाल दुकानदारों के बीच अपनी साख बनानी होगी। ईवाई में पार्टनर और लीडर (डिजिटल और उभरती तकनीक) महेश मखीजा बताते हैं कि व्हाट्सऐप भले ही पीयर-2-पीयर (पी2पी) क्षेत्र में ऐप उपयोगकर्ताओं को शामिल कर सकती है लेकिन पीयर-2-मर्चेंट (पी2एम) क्षेत्र में इसके प्रदर्शन को देखना शेष होगा। पी2एम क्षेत्र में भी काफी पैसा है। जिस तरह डेबिट कार्ड से लेनदेन पर दुकानदारों को सेवा लेने के बदले कुल कीमत पर 2 प्रतिशत सरचार्ज देना होता है. मोबाइल वॉलेट भी बाजार के तैयार होने पर इस तरह के शुल्क का इंतजार कर रहे हैं। 
 
अधिकांश भुगतान ऐप के लिए यह कमाई करने का समय है क्योंकि इन्होंने पहले ग्राहकों को जोडऩे और अपने नेटवर्क विस्तार पर काफी निवेश किया है। नोटबंदी इनके लिए एक बड़ा अवसर (खासकर पेटीएम के लिए) बनकर आई क्योंकि आम जनता नगदी पर प्रतिबंध के लिए उपाय खोज रही थी जिससे इन कंपनियों के ग्राहकों की संख्या में तेज बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कई छोटी कंपनियां भी शुरू हुईं लेकिन इनमें से अधिकांश ज्यादा समय तक टिक नहीं पाईं। उदाहरण के लिए वर्ष 2016 में सिट्रस पे का पेयू ने और इसी वर्ष के अंत में फोनपे का फ्लिपकार्ट ने अधिग्रहण कर लिया। 
 
कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मोबाइल भुगतान कंपनियां छूट और विशेष ऑफर दे रही हैं जिससे अधिक से अधिक ग्राहकों को जोड़कर रखा जा सके। कंपनियां की बैलेंस शीट नकारात्मक बनी हुई हैं और बड़े निवेशकों से सहायता प्राप्त कंपनियां ही बाजार में टिकी हुई हैं। वर्ष 2017 में गूगल भी 'गूगल तेज' लेकर आई जिसे बाद में बदलकर गूगल पे कर दिया गया। दशकों से इकट्टïठा किए गए यूजर डेटा की मदद से कंपनी ग्राहकों की संख्या बढ़ाने में लगी हुई है। ई-रिटेलर कंपनी एमेजॉन ने वर्ष 2019 में एमेजॉन-पे सेवा लॉन्च की। अब व्हाट्सऐप भी इस दौड़ में शामिल हो रही है और उम्मीद है कि अब यह प्रतिस्पर्धा और जटिल हो जाएगी तथा कंपनियों को ग्राहकों को बनाए रखने के लिए नए तरीके आजमाने होंगे। 
Keyword: whatsapp, privacy, data, security, payment,,
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