बिजनेस स्टैंडर्ड - बीएसई जिंस कारोबार श्रेणी का विस्तार
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बीएसई जिंस कारोबार श्रेणी का विस्तार

राजेश भयानी / मुंबई August 19, 2019

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) अपने यहां कई नए अनुबंध कारोबार शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। बीएसई दिसंबर तिमाही में इन कारोबारों की शुरुआत करने जा रहा है, जिनमें बें्रट कच्चा तेल, सोयाबीन, कपास और बादाम के अनुबंध शामिल होंगे। देश में पहली बार बादाम का अनुबंध कारोबार होगा। हालांकि इन कारोबारों के लिए अभी नियामकीय अनुमति मिलनी बाकी है। भारत में कच्चे तेल की कीमत ब्रेंट ऑयल के साथ जुड़ी है, जबकि एमसीएक्स पर कच्चे तेल का सबसे सफल अनुबंध अमेरिका के  वेस्ट टैक्सस इंटरमीडिएट्स (डब्ल्यूटीआई)पर आधारित है। कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़ी अनिश्चितताओं से बेहतर सुरक्षा देने के लिए बीएसई ब्रेंट ऑयल का अनुबंध शुरू करना चाहता है। बीएसई में हेड बिजनेस डेवलपमेंट, समीर पाटिल ने कहा, 'हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि बीएसई ने जिंस कारोबार श्रेणी में कई नए कारोबार शुरू करने की योजना तैयार की है और यह महज एक शुरुआत है। इस नई पहल से जिंस कारोबारों के हमारे मौजूदा तंत्र की गुणवत्ता और बढ़ जाएगी।' बीएसई पर कॉटन एवं ग्वार के अनुबंध कारोबारों ने खासी अच्छी शुरुआत की है और हाल में एक्सचेंज ने हल्दी वायदा भी शुरू किया है। 
 
बीएसई पर अगस्त में कॉटन और ग्वार का औसत रोजाना कारोबार क्रमश: 51 करोड़ रुपये और 131 करोड़ रुपये रहा है। एनसीडीईएक्स पर अगस्त का औसत ग्वार सीड कारोबार 388 करोड़ रुपये रहा है। कीमती धातुओं में बीएसई फिलहाल डिलिवरी आधारित सोना और चांदी के वायदा अनुबंधों की पेशकश कर रहा है। ऊर्जा खंड में बीएसई ओमान क्रूड ऑयल (भारतीय तेल उत्पादक एवं उपभोक्ताओं के मद्देनजर) में कारोबार की पेशकश कर रहा है। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार महंगी धातुओं के खंड में इसने 6.6 टन तक आपूर्ति की है, जबकि कृषि जिंसों के मामले में यह आंकड़ा 5,000 टन रहा है। हालांकि ग्वार और ग्वार गम कारोबार एनसीडीईएक्स पर अधिक मात्रा में होते हैं, लेकिन बीएसई का दावा है कि उसे भी अच्छी प्रतिक्रियाएं मिली हैं। 
 
वायदा बाजार में बादाम का अनुबंध कारोबार नहीं होता है। इस बाजार का आकार छोटा होने के बावजूद बीएसई आयातकों एवं उपभोक्ताओं को हेजिंग का बेहतर विकल्प मुहैया कराने के लिए इसकी शुरुआत करने पर विचार कर रहा है। जिंस डेरिवेटिव नियमन गैर-कृषि जिंसों (केवल ऊर्जा जिंसों को छोड़कर) में डिलिवरी आधारित निपटान कर रहा है। इसका नतीजा यह हुआ है कि धातु वायदा का निपटान भी डिलिवरी विकल्प के साथ हो रहा है। बीएसई एल्युमीनियम, सीसे और जस्ते का वायदा कारोबार भी शुरू करना चाहता है, जिससे आधार धातुओं के इसके पोर्टफोलियो में इजाफा हो जाएगा। एक्सचेंज पहले से ही डिलिवरी के साथ तांबा वायदा कारोबार की पेशकश कर रहा है। एक सूत्र ने कहा कि कारोबार विस्तार से पहले बीएसई ओडीआईएन (ओडिन) सुविधा का इंतजार कर रहा है। ओडीआईएन भारत में अग्रणी ऑनलाइन कारोबारी मंच है और अब यह बीएसई पर कारोबार करने वाले जिंसों की बोलियां देता है। इससे बीएसई की पहुंच का दायरा बढ़ गया है। 
Keyword: BSE, jiins, exchange,,
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