बिजनेस स्टैंडर्ड - निर्यात पर शुल्क के खिलाफ पेलेट निर्माता
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निर्यात पर शुल्क के खिलाफ पेलेट निर्माता

जयजित दास / भुवनेश्वर August 18, 2019

पेलेट निर्माता लौह अयस्क पेलेट पर निर्यात शुल्क पुन: थोपे जाने की योजना के खिलाफ हैं। मौजूदा समय में इस्पात निर्माण की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद पेलेट पर शुल्क नहीं लगता है, भले ही इसकी लौह मात्रा  कुछ भी हो। चूंकि पेलेट घरेलू बाजार में लौह अयस्क लंप के साथ प्रतिस्पर्धा करता है, इसलिए इनकी सीमित मांग है, जबकि लंपी अयस्क इस्पात कंपनियों के लिए कीमत के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद है। पेलेट निर्माताओं के लिए एकमात्र उपयुक्त बाजार निर्यात है। घरेलू बाजार में धीमी मांग के साथ साथ पेलेट निर्माता किफायती कीमतों पर लौह अयस्क फाइंस (पेलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाला) की अनुपलब्धता और ऊंची कन्वर्जन लागत जैसी अन्य व्यावसायिक समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। 

 
विभिन्न समस्याओं की वजह से देश की कुल पेलेट निर्माण क्षमता का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा निष्क्रिय बना हुआ है। वित्त वर्ष 2019 में 92.8 लाख टन पेलेट का निर्यात हुआ, जो कुल उत्पादन में महज 15 प्रतिशत है। उद्योग के एक जानकार ने कहा, 'व्यावसायिक लौह अयस्क खनिक एक खनन संगठन के जरिये केंद्र सरकार पर लौह अयस्क पेलेट पर निर्यात शुल्क लगाने का दबाव बना रहे हैं। लौह अयस्क पेलेट एक मूल्यवर्धित उत्पाद है और इसे संप्रग और राजग सरकारों, दोनों द्वारा शुल्क से मुक्त रखा गया। हालांकि पेलेट पर किसी तरह के शुल्क का खनिकों को फायदा नहीं होगा, बल्कि इसका प्रतिकूल प्रभाव दिखेगा, क्योंकि पेलेट उत्पादक लौह अयस्क फाइंस के मुख्य खरीदार हैं। इससे पेलेट उद्योग के साथ साथ सरकार को बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि इस क्षेत्र के जरिये प्राप्त होने वाली विदेशी मुद्रा आय में कमी आएगी।'
 
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को लौह अयस्क फाइंस जैसे गैर-मूल्य वर्धित उत्पाद पर ऊंचा शुल्क लगाना चाहिए और लौह अयस्क लंप्स के आयात पर शुल्क भी मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर देना चाहिए जिससे कि देश में पेलेट निर्माण को बढ़ावा मिल सके। पेलेट निर्माताओं और व्यावसायिक लौह अयस्क उत्पादकों के बीच कर समानता का अभाव है। जहां पेलेट निर्माताओं को अपने उत्पादों पर 18 प्रतिशत जीएसटी चुकाना पड़ता है, वहीं लौह अयस्क फाइंस की ढुलाई पर यह सिर्फ 5 प्रतिशत है। लेकिन पेलेट डीआरआई और ब्लास्ट फर्नेस (पेलेट पिघलाने वाली भ_िïयों) के लिए लौह अयस्क लंप की तुलना में एक ज्यादा स्वच्छ विकल्प हैं। 
 
यह समझा जा रहा है कि इस्पात मंत्रालय ने एक पीएसयू को यह सुनिश्चित करने के लिए अध्ययन करने को कहा है कि क्या वहां पेलेट निर्माताओं द्वारा पेलेट के निर्माण एवं निर्यात के लिए 58 प्रतिशत से अधिक मात्रा के अयस्क का इस्तेमाल करने की क्षमता है। इस मात्रा के अयस्क निर्यात शुल्क के दायरे में नहीं आते हैं। 
Keyword: iron ore, export, import, steel,,
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