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क्रेडिट कार्ड डालकर एटीएम से निकालेंगे रकम तो बजट का निकल जाएगा दम

सरबजीत के सेन /  August 18, 2019

जब पहला क्रेडिट कार्ड हाथ आता है तो कई लोगों को अलग किस्म की सहूलियतों का अहसास होता है। सबसे पहली सहूलियत तो यही हो जाती है कि उन्हें हर समय जेब में नोट लेकर नहीं चलना पड़ता। लेकिन अगर कार्ड का समझदारी के साथ इस्तेमाल नहीं किया जाए तो यह किसी की भी माली हालत बिगाड़ सकता है। नोएडा में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले 28 साल के हर्ष शुक्ला को ऐसा ही कड़वा तजुर्बा हुआ। ऐसे में क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियों के बारे में जानना ठीक रहेगा, जिनसे हर हाल में बचना चाहिए।

 
कार्ड रखने वाले अक्सर जमकर खर्च कर लेते हैं और यह सोचते ही नहीं कि उतनी रकम लौटाना उनके लिए आसान होगा या नहीं। हम फौजी इनीशिएटिव्स के मुख्य कार्य अधिकारी संजीव गोविला कहते हैं, 'क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल वही सामान खरीदने में करें, जिसकी आपको जरूरत है और यह खर्च भी तभी करें, जब आपको भरोसा हो कि महीना गुजरने पर आप पूरी रकम बैंक को चुका देंगे।' क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने की आखिरी तारीख हमेशा याद रखिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवा (ईसीएस) के तहत बैंक को खुद ही आपके खाते से रकम निकाल लेने का अधिकार दे दीजिए। गोविला कहते हैं, 'अगर आप भुगतान में देर करते हैं तो आप पर विलंब शुल्क तो लगता ही है, उसके ऊपर ब्याज भी चुकाना पड़ता है।'
 
क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले कई लोग खासकर नए उपयोगकर्ता एक बड़ी भूल यह करते हैं कि हर महीने केवल न्यूनतम बकाया राशि चुकाते हैं। यह राशि अक्सर कुल बकाये की केवल 5 फीसदी होती है। ऐसा भूलकर भी नहीं करें क्योंकि ऐसी हरकत आपको कर्ज के जाल में फंसा सकती है। हैप्पीनेस फैक्टरी में उत्पाद प्रमुख मिलिन शाह समझाते हैं, 'न्यूनतम बकाया राशि भरने पर आपको केवल विलंब शुल्क से राहत मिलती है, लेकिन बाकी रकम पर आपको भारी ब्याज चुकाना पड़ता है।'
 
बची हुई रकम अगले बिलिंग चक्र मे ंचली जाएगी और मौजूद बिल चक्र यानी भुगतान की अंतिम तारीख के बाद से उस पर वित्तीय शुल्क लगने शुरू हो जाएंगे। वल्र्डलाइन इंडिया में धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक निरंजन कुमार लक्ष्मण उपाध्ये बताते हैं, 'उसके बाद आप कोई भी नई खरीदेंगे तो उस पर भी पहले दिन से वित्तीय शुल्क लगना शुरू हो जाएगा। औसत दैनिक शेष प्रणाली से हर महीने 3.5 फीसदी शुल्क लगता है, जो साल में 42 फीसदी तक पहुंच जाता है।' हरेक क्रेडिट कार्ड में अधिकतम खर्च की सीमा भी तय होती है। यह सीमा आपकी आय और क्रेडिट रिकॉर्ड पर निर्भर करती है। अगर आप बार-बार अपने कार्ड की अधिकतम सीमा तक खर्च कर रहे हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर कम होने लगेगा। इससे भविष्य में कर्ज लेने की आपकी क्षमता प्रभावित होती है यानी आपको आसानी से कर्ज नहीं मिल पाएगा। कर्ज देने वाली संस्थाएं ऐसे लोगों को भी पसंद नहीं करतीं, जो ढेर सारे कार्ड के लिए आवेदन करते रहते हैं। गोविला की सलाह है, 'अगर आप कुछ दिनों के भीतर ही कई बैंकों में कार्ड के लिए दरख्वास्त डालते हैं तो खतरे की घंटी है। आपके आवेदनों को खारिज किया जा सकता है।'
 
अगर आपके पास कई क्रेडिट कार्ड हैं तो आपकी क्रेडिट लिमिट भी बहुत ज्यादा होगी यानी आप रकम चुकाए बगैर ढेर सारी खरीदारी कर सकत हैं। लेकिन इस वजह से आप फिजूलखर्ची के शिकार भी हो सकते हैं। शाह का कहना है, 'अगर आपके पास कम कार्ड हैं तो खर्च पर अंकुश लगाना आपके लिए आसान होगा। आपको अपना खर्च अलग-अलग कार्ड में नहीं बांटना होगा और न ही ढेर सारे क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट संभालने होंगे।' अक्सर लोग अपने क्रेडिट कार्ड बिल को ठीक से नहीं पढ़ते, जिसके कारण वे उसमें किसी तरह की गड़बड़ या गलती को भी नहीं पकड़ पाते। तकनीकी भूल के कारण कभीकभार किसी एक ही खरीदारी या खर्च के लिए आपसे दो बार भी रकम वसूली जा सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि आप पर बिना मतलब में शुल्क या ब्याज लगा दिया जाए। गोविला कहते हैं, 'पक्का कर लीजिए कि जो भी खर्च स्टेटमेंट में आया है, वह आपने किया है। इस बात की भी जांच कीजिए कि जो भी रिफंड आया है, वह आपके खाते में गया है और जो सबस्क्रिप्शन आपने रद्द कर दिए हैं, उनकी रकम तो आपसे नहीं वसूली जा रही है।'
 
क्रेडिट कार्ड का अनुशासन के साथ इस्तेमाल किया जाए तो कैश बैक, ट्रैवल पॉइंट और रिवार्ड पॉइंट भी मिलते हैं। लेकिन कई बार लोग इक_े हुए पॉइंट का इस्तेमाल करने की जहमत नहीं उठाते। कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो रिवार्ड पॉइंट हासिल करने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खर्च कर डालते हैं, जो नुकसानदेह बात है। कार्ड इस्तेमाल करने वाले कई लोग उसके जरिये एटीएम से रकम भी निकाल लेते हैं। उस रकम पर निकासी की तारीख से ही ब्याज लगना शुरू हो जाता है और तब तक लगता रहता है, जब तक पूरी रकम चुका नहीं दी जाती। कई बार लोग विदेश में रहते समय क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। बैंक अंतरराष्ट्रीय लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क (जैसे विदेशी मुद्रा शुल्क) वसूलते हैं, जिससे विदेश में कार्ड का इस्तेमाल महंगा पड़ता है। शाह का सुझाव है, 'विदेश में निकासी या खरीद आदि तभी की जाए, जब आपात स्थिति हो। वरना उससे परहेज ही किया जाए।'
 
ध्यान रखने वाली अंतिम बात यह है कि कार्ड गुम हो जाने पर बैंक को सूचना देने में बिल्कुल भी देर नहीं करें। अक्सर लोग कार्ड खो जाने या चोरी हो जाने पर बैंक को बताने में ढिलाई बरत जाते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करें। यदि बैंक को फौरन सूचना मिल जाएगी तो बैंक आपके खाते को फौरन बंद कर सकते हैं, जिससे कोई और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
Keyword: credit card, ATM,,
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