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'फ्लैटों का पंजीकरण शुरू करें वर्ना जेल जाने को तैयार रहें'

आशिष आर्यन / नई दिल्ली August 13, 2019

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से कहा है कि आम्रपाली समूह की परियोजनाओं में मकान खरीदने वालों के फ्लैट का पंजीकरण तत्काल शुरू करें। ऐसा न करने पर अधिकारियों को जेल भेजा जा सकता है। यह कवायद करते हुए कि न्यायालय सिर्फ 'कागजी शेर' नहीं है, अरुण मिश्र के अध्यक्षता वाले दो सदस्यों के पीठ ने कहा कि फ्लैटोंं पर कब्जा देने के मामले में प्राधिकरणों की ओर से कोई देरी नहीं होनी चाहिए। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों ने पीठ के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मकान के खरीदारों के लिए समर्पित अधिकारियों का एक विशेष दल बनाया गया है। 
 
उच्चतम न्यायालय ने मकान के खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने, धन का स्थानांतरण दूसरी जगह करने और परियोजनाएं समय से पूरी करने में असफल रहने के कारण 23 जुलाई को आम्रपाली समूह का रियल एस्टेट नियमन एवं विकास अधिनियम में पंजीकरण रद्द कर दिया था। उस समय पीठ ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को यह भी निर्देश दिया था कि वह संबंधित परियोजनाओं के त्रिपक्षीय समझौते को एक महीने के भीतर लागू करे, जिसमें मकान के खरीदार रह रहे हैं और कंप्लीशन सर्टिफिकेट का मसला बना हुआ है। शीर्ष न्यायालय ने उस समय बैकों के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों की भी आलोचना करते हुए कहा था कि जब कर्ज से लदा आम्रपाली समूह अपनी परियोजनाओं के धन का हस्तांतरण कर रहा था तो अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। 
Keyword: amrapali, court, bank, RERA, NBCC, ED,,
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