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एमएसएमई की परिभाषा पर उद्योग की राय लेगी सरकार!

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली August 12, 2019

केंद्र सरकार सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यम (एमएसएमई) की परिभाषा पर फिर से हितधारकों की राय लेने जा रही है। कुछ एमएसएमई संगठन केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई परिभाषा निवेश के बजाय सालाना कारोबार के आधार पर तय करने का विरोध कर रहे हैं। प्रस्तावित एमएसएमई परिभाषा के अनुसार 5 करोड़ रुपये तक कारोबार वाले सूक्ष्म, 5 से 75 करोड़ वाले लघु, और 75 से 250 करोड़ रुपये कारोबार वाले मझोले उद्योग के दायरे में आएंगे। हालांकि यह परिभाषा अभी लागू नहीं हुई है। इस समय प्लांट व मशीनरी पर 25 लाख रुपये निवेश करने वाले सूक्ष्म, 25 लाख से 5 करोड़ रुपये निवेश वाले लघु व 5 से 10 करोड़ रुपये निवेश वाले मझोले उद्योग श्रेणी में आते हैं।
 
उद्यमी संगठनों के विरोध के बाद अब मंत्रालय इसकी परिभाषा पर फिर से विचार करेगा। इसके लिए सभी हितधारकों से राय ली जाएगी। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र गुप्त ने बताया, 'सरकार ने एमएसएमई की नई परिभाषा कारोबार के आधार पर तय की है। जिस पर हमारे संगठन को आपत्ति है और हमने सरकार व एमएसएमई मंत्रालय को निवेश की पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही परिभाषा तय करने को कहा है। हमें इस पर हितधारकों से राय लेकर आगे कदम उठाने का आश्वासन मिला है।'
 
इस बीच, लघु उद्योग भारती नागपुर में 16-18 अगस्त के बीच अपना रजत जयंती समारोह आयोजित करेगी। गुप्त  ने कहा कि कार्यक्रम में जीएसटी, श्रम, वित्त, पर्यावरण, कर नीति, कर्ज संबंधी आदि एमएसएमई की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी और इनके निदान के लिए मंत्रियों से कारगर कदम उठाने की अपील करेंगे।
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