बिजनेस स्टैंडर्ड - कंपनी एफडी में ऊंचे प्रतिफल के पीछे न दौड़ें
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, October 18, 2019 02:27 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

कंपनी एफडी में ऊंचे प्रतिफल के पीछे न दौड़ें

संजय कुमार सिंह /  August 11, 2019

जब खुदरा निवेशक बैंकों की सावधि जमाओं (एफडी) के प्रतिफल से अधिक प्रतिफल अर्जित करना चाहते हैं तो वे अमूमन कंपनी एफडी का विकल्प चुनते हैं। हालांकि इस समय ऋण क्षेत्र मुश्किल दौर से गुजर रहा है, इसलिए उन्हें ऐसी योजनाओं में से कुछ का सोच-समझकर चयन करना चाहिए। कंपनी एफडी असुरक्षित निवेश योजनाएं हैं, जिनकी पेशकश विनिर्माता कंपनियां और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां करती हैं। बैंक बाजार के मुख्य कारोबार अधिकारी नवीन चंदानी ने कहा, 'कंपनी एफडी का प्रतिफल बैंक एफडी की तुलना में 100 से 250 आधार अंक अधिक हो सकता है।'

 
इस योजना की सरलता इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है, जो बाजार आधारित प्रतिफल की तुलना में निश्चित प्रतिफल को तरजीह देते हैं। डेट म्युचुअल फंड जैसी योजनाओं में बाजार आधारित प्रतिफल मिलता है, जिसमें घटत-बढ़त संभव है। इन योजनाओं में जोखिम होता है। बजाज कैपिटल के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रमुख (उत्पाद समाधान) विनय तालुजा ने कहा, 'वे असुरक्षित हैं। अगर कंपनी बिकती है तो इन निवेशकों को सबसे आखिर में भुगतान किया जाएगा।'  किसी कंपनी की एफडी में निवेश करने से पहले उसकी क्रेडिट रेटिंग देखें। मुंबई के वित्तीय योजनाकार अर्णव पंड्या ने कहा, 'लेकिन ऐसे समय जब रेटिंग महज कुछ दिनों में 'एएए' से 'जंक' तक गिर जा रही हैं तो महज क्रेडिट रेटिंग की पड़ताल करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके अलावा कंपनी की वित्तीय आंकड़ों का भी आकलन करें, जिनमें उसका इक्विटी के मुकाबले कर्ज का अनुपात, उसकी कर्ज चुकाने की क्षमता और नकदी की आवक आदि शामिल हैं।'
 
निवेशक को निवेश योजना की अवधि के बारे में ठीक से सोचना-समझना जरूरी है। आम तौर पर लंबी अवधि की योजनाएं ज्यादा प्रतिफल देती हैं, इसलिए अपनी निवेश अवधि का एफडी की अवधि से मिलान करें। अगर आप लघु अवधि के लिए निवेश करते हैं तो आपको दरों में गिरावट के समय फिर से निवेश के जोखिम का सामना करना पड़  सकता है।  दूसरी ओर अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं तो आपके लिए यह जोखिम होता है कि आर्थिक चक्र पलट जाए और कंपनी के लिए आपकी निवेश राशि का भुगतान करना मुश्किल हो जाए। तालुजा ने कहा, 'हम आम तौर पर निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे 1-3 साल की कंपनी एफडी का विकल्प चुनें।'
 
इन दिनों बहुत से लघु वित्त बैंक (एसएफबी) पुराने बड़े बैंकों से अधिक प्रतिफल देते हैं। वे 8.75 फीसदी से 9 फीसदी तक प्रतिफल दे देते हैं। निवेशक उनकी एफडी में निवेश करने पर भी विचार कर सकते हैं। चंदानी ने कहा, 'एक लाख रुपये तक की जमाएं भारतीय रिजर्व बैंक की एक सहायक इकाई डिपॉजिट इंश्योरेंस ऐंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) द्वारा बीमित होती हैं।' हालांकि इन बैंकों का परिचालन शुरू हुए थोड़ा ही समय हुआ है और उनकी ऋण गतिविधियां अभी विकसित हो ही रही हैं। इसलिए निवेशकों को अपने निश्चित आय निवेश का कई योजनाओं में निवेश करना चाहिए, बजाय लघु वित्त बैंकों की एफडी पर भारी निर्भरता के। पंड्या ने कहा, 'आरबीआई ने भारत में कभी बड़े बैंकों को फेल नहीं होने दिया है। लेकिन अभी इस बात की परीक्षा नहीं हुई है कि क्या वह लघु बैंकों को भी बचाने के लिए आगे आएगा। इसलिए लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।'
 
लघु वित्त बैंकों के ज्यादा प्रतिफल में निवेश सीमाएं हैं। तालुजा ने कहा, 'कुछ लघु वित्त बैंक तभी ऊंची ब्याज दर की पेशकश कर सकते हैं, जब आप माना कि 1 लाख रुपये से अधिक का निवेश करते हैं। या कई बार वे एक निश्चित राशि तक ऊंची दर  और उसके बाद कम दर की पेशकश कर सकते हैं। कंपनी एफडी में ऐसे प्रतिबंध बहुत कम होते हैं। अगर वे कुछ प्रतिबंध लगाते भी हैं तो उनकी सीमा काफी ऊंची जैसे एक करोड़ रुपये होती है। इसका खुदरा निवेशकों पर कोई असर नहीं पडऩे के आसार होते हैं।'
 
निश्चित आय का एक अन्य विकल्प गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) हैं, जिस पर जोखिम न लेने वाले निवेशक विचार कर सकते हैं। मोटे तौर पर अगर कंपनी एफडी और एक एनसीडी की समान रेटिंग है तो एफडी के ऊंचा प्रतिफल देने की संभावना होती है। लेकिन एनसीडी कंपनी-एफडी की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होते हैं और एनसीडी में निवेशकों के दावों को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि एनसीडी पूरे वर्ष भर उपलब्ध नहीं होते हैं। निवेेशकों को उनमें निवेश के लिए ब्रोकरेज हाउस के पास डीमैट खाता खुलवाना होगा।  वर्तमान माहौल में निवेशकों को कंपनी एफडी के ऊंचे प्रतिफल के लालच में नहीं आना चाहिए। पंड्या ने कहा, 'इस समय डिफॉल्ट से बचना मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।' 
Keyword: FD, deposite, bank,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या ब्रेक्सिट पर नए समझौते को मिलेगी ब्रिटिश संसद की मंजूरी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.