बिजनेस स्टैंडर्ड - नगर निगम बॉन्ड के नियमों में मिलेगी ढील
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, August 21, 2019 10:47 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

मालवाहक गलियारे में साझेदारी की बात

शाइन जैकब और अभिषेक रक्षित / नई दिल्ली/कोलकाता August 11, 2019

भारतीय रेलवे अपने सबसे बड़े ग्राहक कोल इंडिया (सीआईएल) और झारखंड व पश्चिम बंगाल सरकारों के साथ 538 किलोमीटर के खंड पूर्वी समर्पित मालवाहक गलियारे (ईडीएफसी) में साझेदारी के लिए बातचीत कर रहा है। इसके पहले रेलवे ने सार्वजनिक-निजी हिस्सेदारी (पीपीपी) मॉडल पर इस परियोजना पर काम करने की योजना बनाई थी। केंद्र सरकार ईडीएफसी के सोन नगर (बिहार) से दानकुनी (पश्चिम बंगाल) खंड के लिए करीब एक दशक से साझेदारों की तलाश कर रही है, लेकिन कई दौर के निवेशक सम्मेलन और व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) जैसी कुछ छूटों के बावजूद निजी क्षेत्र से बहुत सुस्त प्रतिक्रिया मिली। उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर तक रेलवे इसके लिए निविदा जारी करेगी। इस खंड पर 15,000 करोड़ रुपये लागत आने की उम्मीद है, जबकि शेष ईडीएफसी का वित्तपोषण विश्व बैंक से मिलने वाले 2.360 अरब डॉलर से होगा। 

 
निविदा जारी होने से पहले डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन आफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) क्षमतावान निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रोड शो कर सकता है। सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने पहले ही सीआईएल और अन्य सरकारी उपक्रमों और राज्य सरकारों के साथ इस खंड को पूरा करने के सिलसिले में बातचीत शुरू कर दी है। यह खंड दो चरणों में विभाजित किया जाएगा। पहले चरण में 282.22 किलोमीटर दानकुनी से गोमोह और दूसरे चरण में गोमेह से सोन नगर तक निर्माण काम किया जाएगा। इस परियोजना के लिए अब तक करीब 85 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और हाल के आंकड़ों के मुताबिक दानकुनी से गोमेह खंड की लागत 7,527.22 करोड़ रुपये आने की संभावना है। 
 
बहरहाल सीआईएल के सूत्रों ने कहा कि कंपनी को अभी इस सिलसिले में कोई आधिकारिक सूचना मिलनी बाकी है। उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी के लिए एक बड़ा लाभ यह है कि सोन नगर से दानकुनी खंड बन जाने से कंपनी को कोयला तेजी से भेज पाने में मदद मिलेगी, जो झारखंड व ओडिशा के ब्लॉकों से भेजा जाता है। इससे विशेष उद्देश्य इकाई (एसपीवी) मॉडल पर बन रहे रेल गरियारोंं को इस गलियारे से जोडऩे में मदद मिलेगी। एसपीवी के तहत लागू की जाने वाली बड़ी परियोजनाओं में शिवपुर-कठौरिया (झारखंड) का 47 किलोमीटर का खंड, 136 किलोमीटर का खरसिया से कोरिचापर (छत्तीसगढ़), 112 किलोमीटर का गेवरा रोड से पेंड्रा, छत्तीसगढ़ का एक और 14 किलोमीटर का खंड और ओडिशा में अंगुल बरलाम रेलवे लिंक शामिल हैं। इनमें 84 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी लागत करीब 98,977 करोड़ रुपये आएगी और इससे कोयला ढुलाई में सुविधा होगी। इनमें से 14 परियोजनाओं को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। 
 
सीआईएल के अधिकारियों के मुताबिक पीएसयू पहले ही 3 समर्पित कोयला गलियारों में निवेश कर रही है, जिसका एक हिस्सा पूरा किया जा चुका है। कोयले की ढुलाई के लिए कोल इंडिया अपने रैक भी खरीद रही है।  पश्चिम बंगाल के दानकुनी कोल कॉम्पलेक्स में प्रस्तावित कोल टु लिक्विड परियोजना के गति पकडऩे के पर इस निवेश से मदद मिल सकती है। राज्य सरकारों के लिए भी पीपीपी परियोजना लाभदायक साबित हो सकती है क्योंकि यह 196 किलोमीटर झारखंड में और 203 किलोमीटर पश्चिम बंगाल में है। 
 
दिलचस्प है कि पीएसयू को लुभाने के लिए यह योजना ऐसे समय में बनी है, जब 81,400 करोड़ के पूर्वी व पश्चिमी समर्पित मालवाहक गलियारोंं की निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय कर रहा है, जिसकी कुल लंबाई 3,360 किलोमीटर है। यह परियोजना दिसंबर 2021 तक पूरी कर ली जाएगी (दानकुनी से सोन नगर खंड को छोड़कर), जो नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। 
Keyword: maharashtra, mumbai, bond,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

मंदी से कमजोर हुआ अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन

Investmentsभारतीय उद्योग जगत पर आर्थिक मंदी का प्रभाव गहराता जा रहा है। भारत की प्रमुख

मौजूदा परिवेश में गिरावट से सुरक्षा है बेहद जरूरी

पिडिलाइट पर बढ़ रहा निवेशकों का भरोसा

धीमे परिदृश्य से एमऐंडएम के शेयर पर पड़ रहा दबाव

वित्त वर्ष 2020 में निजी बैंकों की बढ़ेगी चुनौती!

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.