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पाकिस्तान ने रोकी समझौता एक्सप्रेस

एजेंसियां /  August 08, 2019

भारत के साथ राजनयिक संबंध कम करने के एक दिन बाद पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने भारत के साथ समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा निलंबित करने की गुरुवार को घोषणा की। राशिद ने कहा, 'हमने समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को निलंबित करने का निर्णय किया है।' उन्होंने कहा, 'जब तक मैं रेल मंत्री रहूंगा, समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा नहीं चलेगी।' मंत्री ने कहा कि समझौता के उन डिब्बों का इस्तेमाल ईद के मौके पर यात्रियों की आवाजाही के लिए किया जाएगा। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढऩे के बाद इस साल की शुरुआत में समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई थी। हालांकि, बाद में इस सेवा को दोबारा बहाल कर दिया गया। रेल मंत्री ने चेताया, 'आगामी तीन-चार महीने बहुत अहम हैं। युद्ध हो सकता है, लेकिन हम युद्ध नहीं चाहते हैं। अगर हम पर युद्ध थोपा गया तो यह अंतिम युद्ध होगा।'
 
भारत की यात्रा करने के लिए यात्री लाहौर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार रहे थे। उसी बीच मंत्री ने ट्रेन सेवा निलंबित किए जाने का ऐलान किया। समझौता एक्सप्रेस में छह शयनयान डिब्बे और एक एसी 3-टियर का डिब्बा है। शिमला समझौते के तहत इस ट्रेन सेवा की शुरूआत 22 जुलाई 1976 को की गई थी। भारत की तरफ से यह ट्रेन दिल्ली से अटारी के बीच जबकि पाकिस्तान की ओर से यह लाहौर से वाघा के बीच चलती है। पाकिस्तान ने इससे एक दिन पहले बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसरिया को निष्कासित कर दिया था और भारत के साथ राजनयिक संबंध कमतर करने का ऐलान किया था। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने की थी। इस बैठक में प्रमुख नेता और शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद थे। 
 
भारत-पाक में हो प्रत्यक्ष संवाद
 
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के लिए धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों देशों से शांति और संयम बरतने का आग्रह किया। अधिकारी ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर की नई क्षेत्रीय स्थिति तथा प्रशासन और इसके व्यापक प्रभावों के बारे में भारत के कानून पर अमेरिका भी 'बारीकी से नजर' रखे हुए है।  इससे पहले भारत के कदम पर पलटवार करते हुए पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर नई दिल्ली के साथ अपने राजनयिक संबंधों को सीमित कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'अमेरिका जम्मू-कश्मीर की नई क्षेत्रीय स्थिति और प्रशासन के बारे में भारत के कानून पर बारीकी से नजर रखे हुए है। हम इन घटनाक्रमों के व्यापक निहितार्थों पर ध्यान दे रहे हैं, जिनमें क्षेत्र में अस्थिरता बढऩे की संभावना भी शामिल है। हम भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर और अन्य संबंधित मुद्दों पर 'प्रत्यक्ष संवाद' का समर्थन करते हैं।'
 
न्यायालय का त्वरित सुनवाई से इनकार 
 
उच्चतम न्यायालय ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने के राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली और राज्य में पाबंदियां लगाए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से गुरुवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाले पीठ के समक्ष अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा और कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला की याचिकाओं को सुनवाई के लिए शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया। पीठ ने ऐसा करने से इनकार करते हुए कहा कि ये सामान्य प्रक्रिया में सूचीबद्ध होंगी। शर्मा ने याचिका को शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार और कुछ कश्मीरी लोगों ने कहा है कि वे अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में जाएंगे। इस पर पीठ ने सवाल किया, 'यदि वे संयुक्त राष्ट्र जाएंगे तो क्या संयुक्त राष्ट्र भारत के संविधान संशोधन पर रोक लगा सकता है?' शर्मा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि राष्ट्रपति का आदेश गैरकानूनी है क्योंकि इसे जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति के बगैर ही पारित किया गया है।
 
आजाद को हवाईअड्डे पर रोका 
 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को गुरुवार को प्रशासन ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर रोक लिया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद हाल ही में अनुच्छेद 370 की कई धाराएं खत्म करने और राज्य के दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के कदम से पैदा हुए हालात के बीच कश्मीर जा रहे थे। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की घाटी के कुछ लोगों के साथ बातचीत की तस्वीर पर आजाद ने कहा, 'पैसे देकर आप किसी को भी साथ ले सकते हो।' भाजपा ने आजाद के बयान की आलोचना करते हुए माफी मांगने की बात कही। 
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