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वाहन क्षेत्र में मंदी से टायर विनिर्माताओं की राह मुश्किल

टी ई नरसिम्हन / चेन्नई August 08, 2019

वाहन उद्योग में मंदी से टायर उद्योग की राजस्व वृद्घि में वित्त वर्ष 2020 में 3-4 फीसदी की कमी आ सकती है, जबकि वित्त वर्ष 2019 में राजस्व वृद्घि की दर 6.7 फीसदी रही थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह अनुमान जताया है। उद्योग में 55 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले प्रतिस्थापन खंड की वृद्घि दर वित्त वर्ष 2020 में 5-6 फीसदी रहने के आसार हैं जो गत वर्ष 5.7 फीसदी थी। हालांकि मूल उपकरण (ओई) खंड में मांग वृद्घि 2-3 फीसदी के कम स्तर पर आंकी गई है, जबकि गत वर्ष यह 7.8 फीसदी थी। मांग वृद्घि में इस गिरावट की वजह वित्त वर्ष 2020 के दौरान वाहन उत्पादन की नरमी है।

 
इक्रा ने अनुमान जताया है कि इसके बाद घरेलू टायर की मांग में वित्त वर्ष 2020-24 के दौरान 6-8 फीसदी वृद्घि हो सकती है। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटमा) के महानिदेशक राजीव बुद्धराजा ने कहा, 'सहायक उत्पाद होने के कारण टायर उद्योग का भविष्य वाहन क्षेत्र और समस्त रूप से अर्थव्यवस्था की वृद्घि से जुड़ा होता है।' उन्होंने कहा कि वाहन बिक्री और आर्थिक विकास कई वर्षों के निचले स्तर पर पहुंचने से टायर उद्योग को राजस्व दबाव का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बुनियादी ढांचे में निवेश और तरलता बढ़ाने के संकेत निकट भविष्य में प्रतिस्थापन खंड में वृद्घि करने वाले कारक साबित हो सकते हैं। ये घोषणाएं बजट में की गई थीं।  
 
बीएस-6 उत्सर्जन नियमों के प्रभावी होने से पहले वित्त वर्ष 2019-20 में विशेष तौर पर वाणिज्यिक खंड में बीएस-4 की खरीद से वाहन क्षेत्र को दम मिलने की उम्मीद है जिससे टायर बिक्री को भी फायदा मिलेगा। बुद्धराजा ने कहा, 'टायर कंपनियां घरेलू मूल उपकरण विनिर्माताओं की ओर से घटती बिक्री की भरपाई के लिए निर्यात पर भी जोर दे रही हैं।' इक्रा में कॉर्पोरेट रेटिंग के उपाध्यक्ष और सह-प्रमुख के श्रीकुमार ने कहा, 'कम राजस्व वृद्घि के अलावा उद्योग की कमाई कच्चे माल की ऊंची कीमत से भी प्रभावित होगी।' 
 
तेल की कीमतें घटने से कच्चे माल की कीमतों में पिछले वर्ष की चौथी तिमाही के मुकाबले इस अवधि में पांच फीसदी की कमी आई। इससे वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में 10 फीसदी से अधिक की वृद्घि हुई। यह वृद्घि मुख्य तौर पर इस अवधि के दौरान प्राकृतिक रबर की कीमतों में 13 फीसदी की उछाल आने से हुई। इक्रा को उम्मीद है कि समूचे उद्योग में परिचालन और शुद्घ लाभ में क्रमश: 200 आधार अंकों और 300 आधार अंकों की कमी आ सकती है और यह क्रमश: 11-12 फीसदी और 3.5-4.5 फीसदी रह सकती है। शुद्ध लाभ पर ब्याज लागत (टायर क्षमताओं में विस्तार की खातिर लिए गए कर्ज पर) की वृद्घि का भी असर होगा। टायर निर्माताओं की घोषणाओं के अनुसार उद्योग वित्त वर्ष 2022 के अंत तक अगले तीन वर्षों में 17,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रहा है जिसका कुछ हिस्सा ऋण से भी जुटाया जा रहा है।      
Keyword: vehicle, car, electric, petrol, diesel, tyre,,
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