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रियल्टी में निवेश घटा रही पीरामल

राघवेंद्र कामत / मुंबई August 08, 2019

अपने पोर्टफोलियो का जोखिम कम करने की रणनीति के तहत पीरामल एंटरप्राइजेज ने आवासीय रियल एस्टेट में निवेश घटाया है। लोढ़ा में पीरामल का निवेश पिछले साल अक्टूबर के 4,300 करोड़ रुपये से घटकर 3,180 करोड़ रुपये रह गया है और सितंबर 2019 तक इसे और घटाकर 2,600 करोड़ रुपये पर लाने की योजना है। पीरामल कैपिटल ऐंड हाउसिंग फाइनैंस के प्रबंध निदेशक खुसरू जिजिना ने निवेशकों के साथ बातचीत में ये बातें कही। जिजिना ने कहा, मार्च 2019 से अब तक लोढ़ा में पीरामल का निवेस 700 करोड़ रुपये से ज्यादा घटा है, जिसमें से 532 करोड़ रुपये की कमी गोल्डमैन सैक्स को हुई बिक्री और बाकी कंपनी की तरफ से पुनर्भुगतान और समय पूर्व भुगतान के जरिये हुआ है।
 
पीरामल एंटरप्राइजेज की वित्तीय इकाई पीरामल कैपिटल की लोनबुक 56,605 करोड़ रुपये की है और वित्त वर्ष 2020 की जून तिमाही में सालाना आधार पर इसमें 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जिजिना ने कहा कि मुंबई के निर्मल समूह में निवेश 200 करोड़ रुपये के सर्वोच्च स्तर से घटकर 7 करोड़ रुपये रह गया है। उन्होंने कहा कि पीरामल ने एक अन्य कंपनी एलजी यार्डस्केप से पूरे कर्ज की वसूली कर ली है। अपने पोर्टफोलियो का जोखिम कम करने के लिए पीरामल पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही से रियल एस्टेट में निवेश घटा रही है और गैर-रियल एस्टेट में निवेश बढ़ा रही है। पीरामल कैपिटल समेत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने आईएलऐंडएफएस की तरफ से पिछले साल अगस्त में डिफॉलल्ट के बाद नकदी की समस्या का सामना किया। रियल एस्टेट के डेवलपरों ने पिछले साल अगस्त से नकदी संकट का सामना किया जब एनबीएफसी ने उन्हें कर्ज देना बंद कर दिया। इसके अलावा कमजोर बिक्री ने भी डेवलपरों को झटका दिया। रियल एस्टेट को दिए कर्ज की हिस्सेदारी पिछले साल मार्च में घटकर 63 फीसदी रह गई और खुदरा कर्ज की हिस्सेदारी 11 फीसदी तक बढ़ी। जिजिना ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी समेत वाणिज्यिक कर्ज की हिस्सेदारी मार्च 2015 के 4 फीसदी के मुकाबले बढ़कर अब 16 फीसदी हो गई है।
 
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जून में पीरामल कैपिटल ऐंड हाउसिंग फाइनैंस और एडलवाइस समूह की कंपनियों की लंबी अवधि की डेट रेटिंग घटा दी थी और इसके लिए रियल एस्टेट क्षेत्र को दिए कर्ज के जोखिम और रकम जुटाने में मुश्किलों का हवाला दिया था। लोढ़ा ने भी हाल में मूडीज की तरफ से रेटिंग डाउनग्रेड का सामना किया है, जिसकी वजह नकदी का भारी जोखिम है। हाल में विदेशी बॉन्डों का प्रतिफल 73 फीसदी बढ़ा है, जो संकेत देता है कि निवेशक कर्ज चुकाने की इसकी क्षमता पर संदेह जता रहे हैं।
Keyword: piramal, real estate, housing,,
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