बिजनेस स्टैंडर्ड - एयरटेल में बढ़ेगा विदेशी निवेश!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, September 15, 2019 11:56 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

एयरटेल में बढ़ेगा विदेशी निवेश!

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली 08 08, 2019

विदेशी निवेश की तैयारी

दूरसंचार कंपनी ने विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के लिए सरकार से मांगी अनुमति
भारती एयरटेल ने 100 फीसदी विदेशी निवेश के लिए आवेदन किया
विदेशी हिस्सेदारी में मामूली बढ़ोतरी होने से भी भारती टेलीकॉम में विदेशी निवेश 50 फीसदी की निर्धारित सीमा को पार कर जाएगा

बिजनेस स्टैंडर्ड एयरटेल में बढ़ेगा विदेशी निवेश!प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है ताकि एक विदेशी निवेशक को कंपनी में लाया जा सके। भारती एयरटेल लिमिटेड की प्रवर्तक कंपनी भारती टेलीकॉम लिमिटेड को ऋण बोझ हल्का करने के क्रम में अपने मौजूदा प्रवर्तक समूह (जिसमें उसके विदेशी उपक्रम भी शामिल हो सकते हैं) और सिंगटेल से उनकी शेयरधारिता के अनुपात में इक्विटी की दरकार हो सकती है।

कंपनी ने नियामकीय खुलासे में कहा है कि भारती एयरटेल ने 100 फीसदी विदेशी निवेश के लिए आवेदन किया है ताकि विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) अथवा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) के लिए गुंजाइश बची रहे। फिलहाल एयरटेल में सिंगटेल की हिस्सेदारी 35 फीसदी से अधिक है जबकि सुनील मित्तल और उनके परिवार की हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी है।

विदेशी हिस्सेदारी में मामूली बढ़ोतरी होने से भी भारती टेलीकॉम में विदेशी निवेश 50 फीसदी की निर्धारित सीमा को पार कर जाएगा। ऐसे में वह विदेशी स्वामित्व वाली कंपनी बन जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो भारती एयरटेल में भारती टेलीकॉम की पूरी हिस्सेदारी स्वत: विदेशी निवेश की श्रेणी में चली जाएगी। भारती एयरटेल की स्थिति उस समय खराब हो गई जब इस दूरसंचार कंपनी ने पहली तिमाही के दौरान 2,866 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था। बाजार में रिलायंस जियो से तगड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने के अलावा 3जी नेटवर्क के उपकरण का मूल्य घटने और नेटवर्क दुरुस्त करने की परिचालन लागत के कारण कंपनी को झटका लगा।

हालांकि जून तिमाही के दौरान कंपनी का प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) 129 रुपये पर उद्योग में बेहतरीन रहा जिसे उसके 32 करोड़ ग्राहकों से बल मिला। राजस्व के लिहाज से कंपनी शीर्ष पायदान पर बरकरार रहने में सफल रही क्योंकि उसका राजस्व 2.8 फीसदी बढ़कर 15,345 करोड़ रुपये हो गया। वोडाफोन आइडिया ने जून तिमाही के दौरान 11,269.9 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। जबकि इस दौरान रिलायंस जियो का राजस्व 11,679 करोड़ रुपये रहा।

एयरटेल के भारतीय राजस्व में उसके वायरलेस, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सेवा कारोबार से प्राप्त राजस्व शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान एयरटेल के मोबाइल राजस्व में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि मोबाइल 4जी डेटा ग्राहकों की संख्या 63.3 फीसदी बढ़कर 9.52 करोड़ हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 5.83 करोड़ रही थी।

सीएलएसए के विश्लेषकों ने कहा है कि एयरटेल के भारतीय मोबाइल कारोबार में वृद्धि उसके वित्तीय नतीजे की सुर्खियां रही जिससे पिछली तिमाही के मुकाबले उसके एआरपीयू में 5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एयरटेल ने 97 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। भारती एयरटेल ने कहा है कि वह दिसंबर तक देश भर में अपना 3जी नेटवर्क बंद कर देगी और उसका इस्तेमाल बेहतर प्रौद्योगिकी में करेगी। कंपनी ने कोलकाता में इसका परीक्षण भी किया है जहां वह अपने 3जी नेटवर्क को बंद कर 900 मेगाहट्ïर्ज बैंड के स्पेक्ट्रम को 4जी के लिए युक्तिसंगत बनाया है।
Keyword: telecom, trai, airtel, invest, FDI,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या 5जी परीक्षण में चीन की कंपनियों से परहेज करना है सही कदम?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.