बिजनेस स्टैंडर्ड - सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निवेशक
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, October 14, 2019 05:11 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निवेशक

जश कृपलानी / मुंबई August 07, 2019

शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच म्युचुअल फंड निवेशकों सक्रियता बढ़ गई है। निवेश सलाहकारों का कहना है कि शेयर बाजार में अपनी स्थिति को लेकर निवेशक तमाम पूछताछ करने लगे हैं। शेयर बाजार में अपने निवेश पर भारी मार्क-टु-मार्केट नुकसान सहने के बावजूद उनकी सक्रियता बढ़ गई है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट के निदेशक (फंड अनुसंधान) कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा, 'पहले निवेशक चुनाव संपन्न होने का इंतजार कर रहे थे। उसके बाद उन्होंने बजट का इंतजार किया। हालांकि बजट के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा की गई भारी बिकवाली के कारण बाजार में गिरावट दर्ज की गई जिससे निवेशकों का रिटर्न प्रभावित हुआ।'
 
विशेषज्ञों का कहना है कि इक्विटी में निवेश की रफ्तार फिलहाल सुस्त बनी रह सकती है क्योंकि जोखिम से बचने के लिए निवेशक सुरक्षित एवं कम उतार-चढ़ाव वाले विकल्प तलाश रहे हैं। प्लान रुपी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी ने कहा, 'निवेशक हमसे पूछताछ कर रहे हैं कि क्या उन्हें अपने निवेश को लिक्विड फंड में लगाना चाहिए।' इक्विटी में निवेश की रफ्तार 2018 की दूसरी छमाही से ही सुस्त पड़ी हुई है जब आईएलऐंडएफएस संकट के बाद डेट एवं इक्विटी दोनों बाजारों को झटका लगा था। नवंबर 2018 और फरवरी 2019 के बीच इक्विटी योजनाओं में चार महीने गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मार्च और जून के महीने में इक्विटी योजनाओं में थोड़ी तेजी दिखी। जून निवेश की प्रवाह काफी हद तक चुनाव नतीजे से प्रभावित रहा। बेंचमार्क सूचकांक फिलहाल अपने पांच महीने के निचले स्तर तक लुढ़क चुके हैं। बजट के बाद उनमें 8 फीसदी की भारी गिरावट आई है। 
 
श्रीकवि वेल्थ के सीईओ श्रीकांत मातृबाई ने कहा, 'कुछ निवेशकों में गुस्सा दिख रहा है। उन्होंने दो साल पहले इक्विटी योजनाओं में निवेश शुरू किया था और थोड़े समय बाद बाहर होना चाहते थे। हालांकि वे बाहर नहीं हो सके। हम निवेशकों से कहना चाहते हैं कि वे जल्दबाजी न करें क्योंकि हमें डर है कि मौजूदा स्तर पर नुकसान झेलने के बाद ये निवेशक बाजार में कभी नहीं लौटेंगे।' जोशी ने कहा, 'इक्विटी, डेट और बैलेंस्ड स्कीमों में निवेश वाले निवेशकों को पिछले कुछ सप्ताह के दौरान उनके निवेश मूल्य पर 5 से 10 फीसदी का प्रभाव पड़ा है। ऐसा तब हुआ है जब बाजारों ने अपनी हालिया ऊंचाई से गिरावट दर्ज की है।'
 
पिछले दो वर्षों के प्रदर्शन पर गौर करने से पता चलता है कि म्युचुअल फंड निवेशकों को पहले भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।  वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान मिडकैप श्रेणी में 4 फीसदी रिटर्न मिला जबकि स्मॉलकैप श्रेणी में 7 फीसदी का नकारात्मक रिटर्न रहा। इस बीच, लार्जकैप फंडों (सूचकांक एवं एक्सचेंज ट्रेडेड फंड अथवा ईटीएफ सहित) ने 3 फीसदी का मामूली रिटर्न दिया। जबकि सूचकांक एवं ईटीएफ को छोड़कर लार्जकैप फंडों का रिटर्न महज 2 फीसदी रहा।
 
निवेशक भले ही अपना निवेश समेटने के बारे में सोच रहे हों लेकिन फंड मैनेजरों का मानना है कि निवेशकों के लिए यह अपनी स्थिति मजबूत करने का सही समय है।  कोटक एमएफ के फंड मैनेजर पंकज टिबरेवाल ने कहा, 'अगले 3 से 6 महीने के दौरान निवेशक अपनी स्थिति मजबूत करने पर विचार कर सकते हैं। निफ्टी और मिडकैप एवं स्मॉलकैप के बीच अंतर फिलहाल ऐतिहासिक चरम पर है। हालांकि निचले स्तर के बारे में अंदाजा लगाना कठिन है लेकिन व्यापक बाजारों में इस प्रकार की ऊंचाइयों के बाद 18 से 24 महीनों तक बेहतर प्रदर्शन का चलन है।' एनएसई मिडकैप 100 और एनएसई स्मॉलकैप 100 में दोनों फिलहाल अपने ढ़ाई साल के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। जुलाई के बाद मिडकैप सूचकांक में 11 फीसदी की गिरावट आई जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 
Keyword: mutual fund, sebi, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

शीर्ष आईटी कंपनियों की सामान्य रहेगी वृद्धि दर

Investmentsचालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शीर्ष आईटी कंपनियों की कमाई सामान्य गति

दूसरी छमाही में आरआईएल की रफ्तार में आएगी तेजी

आईआरसीटीसी आईपीओ: दांव लगा सकते हैं निवेशक

बाजार में रुझान बदलने का तत्काल कोई कारण मौजूद नहीं

जीसीपीएल के सस्ते मूल्यांकन के लालच में न आएं

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.