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सातों दिन 24 घंटे नेफ्ट की सुविधा

नम्रता आचार्य / कोलकाता August 07, 2019

डिजिटल भुगतान में मजबूती के लिए भारतीय रिजर्व बैंक नैशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी-नेफ्ट) भुगतान व्यवस्था को दिसंबर 2019 से सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे परिचालन की अनुमति देगा। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह कदम देश में खुदरा भुगतान की व्यवस्था में क्रांति ला सकता है। अभी नेफ्ट की सुविधा को सामान्य तौर पर 2 लाख रुपये से कम हस्तांतरण में तरजीह दी जाती है और यह सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक हो सकता है, लेकिन महीने के दूसरे व चौथे शनिवार को यह सुविधा नहीं मिलती।
 
सिंडिकेट बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी मत्युंजय महापात्र के मुताबिक, नई प्रक्रिया के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया की दरकार पड़ सकती है, जिसे नियामक बैंकों के बीच रकम के बिना किसी दिक्कत के हस्तांतरण के लिए तय कर सकता है। एक सार्वजनिक बैंक के डिजिटल बैकिंग प्रभारी ने कहा, बैंकों को अपने बैकएंड सिस्टम में बदलाव करना होगा क्योंंकि अभी उन्हें नेफ्ट के लेनदेन के लिए रात में 11 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक काम बंद करने की सुविधा मिलती है। इस प्रक्रिया में परिचालन लागत थोड़ी ज्यादा हो सकती है।
 
रकम हस्तांतरण सस्ती बनाने के लिए पिछले महीने आरबीआई ने नेफ्ट व आरटीजीएस जैसे ऑनलाइन लेनदेन पर शुल्क समाप्त कर दिया था। नेफ्ट की प्रक्रिया आरटीजीएस से उलट चक्रों में पूरी होती है। आरटीजीएस में रकम तुरंत पहुंच जाती है। आरटीजीएस का  2 लाख रुपये से ज्यादा लेनदेन के लिए  होता है। आरबीआई ने यह भी कहा कि भुगतान व्यवस्था में धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए वह सेंट्रल पेमेंट फ्रॉड रजिस्ट्री बनाएगा। भुगतान व्यवस्था में शामिल भागीदारों की पहुंच इस रजिस्ट्री तक वास्तविक समय में धोखाधड़ी की निगरानी के लिए मुहैया कराई जाएगी। धोखाधड़ी के आंकड़े प्रकाशित किए जाएंगे ताकि संभावित जोखिम तक सूचना का प्रसार हो सके। इसके अलावा सभी श्रेणियों के बिलर (प्रीपेड रीचार्ज को छोड़कर), जो बार-बार बिल भुगतान की सुविधा देते हैं, उन्हें भारत बिल पेमेंट सिस्टम (बीबीपीएस) में भागीदारी की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह स्वैच्छिक होगा। अभी बीपीपीएस डीटीएच, बिजली, गैस, फोन और पानी के बिल को कवर करता है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस संबंध मेंं सितंबर के आखिर तक विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
 
खुदरा भुगतान व्यवस्था में और कंपनियां इसके अलावा आरबीआई ने तीन खुदरा भुगतान व्यवस्था - भारत बिल पेमेंट ऑपरेटिंग यूनिट्स, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम्स और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर - में और कंपनियों को अनुमति देने का फैसला लिया है ताकि नवोन्मेष के साथ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिले और जोखिम का विशाखन हो। इस साल जनवरी में आरबीआई ने खुदरा भुगतान की नई व्यवस्था पर नीतिगत दस्तावेज जारी किए थे, जिसमें नई कंपनियों के लिए उदार नियम की बात हुई। इस दस्तावेज के मुताबिक, अभी भारत बिल पेमेंट ऑपरेटिंग यूनिट्स में आठ परिचालक, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम्स में तीन और आठ गैर बैंक व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे हैं।
Keyword: RBI, SBI, repo rate, loan, interest, NEFT,,
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