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स्टेट बैंक लाभ बढ़ा, परिसंपत्ति गुणवत्ता घटी

अनूप रॉय / मुंबई August 02, 2019

देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 2,312 करोड़ रुपये शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ। बैंक के खुदरा एवं निगमित दोनों खंडों में ऋण आवंटन की रफ्तार में तेजी आई, जिससे इसे यह आंकड़ा दर्ज करने में मदद मिली। हालांकि बैंक की परिसपंत्ति गुणवत्ता में गिरावट ने विश्लेषकों को जरूर चौंका दिया। पिछले वर्ष की समान अवधि में बैंक को 4,876 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।  विश्लेषकों ने आलोच्य अवधि में बैंक का शुद्ध मुनाफा 4,106 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एसबीआई के आंकड़े पर कहा कि बैंक के नतीजे परिसंपत्ति गुणवत्ता एवं मुनाफा दोनों मोर्चों पर अनुमानों से कम रहे। इस ब्रोकरेज कंपनी के अनुसार परिसंपत्ति गण्ुावत्ता में आई कमी से उसे हैरानी हो रही है। 
 
आलोच्य अवधि में बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात कम होकर कुल कर्ज आवंटन 7.53 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 10.69 प्रतिशत था। मार्च तिमाही में सकल एनपीए अनुपात 7.53 प्रतिशत रहा था। स्वतंत्र आंकड़ों के आधार पर बात करें तो एनपीए एक साल पहले के 2.13 लाख करोड़ रुपये से कम होकर 1.69 लाख करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह आंकड़ा 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा था। हालांकि चालू तिमाही में फंसे कर्ज की मात्रा 16,212 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 9,984 करोड़ रुपये था। चौथी तिमाही में यह 7,505 करोड़ रुपये रहा था। 
 
एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने नतीजों के बाद कहा कि ऋण  गुणवत्ता घटने के तीन कारण रहे। उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह कि बैंकों के समूह में एक बैंक एक बड़े एक बड़े खाते का समाधान नहीं खोज पाया, जिस वजह से इस खाते को एनपीएन घोषित करना पड़ा। इसके अलावा कृषि मद में आवंटित ऋणों में एनपीए में तेजी दिखी, साथ एसएमई पोर्टफोलियो की गुणवत्ता भी कम हुई। कुमार ने कहा, कहा कि फिलहाल अगर एनपीए अगर आवंटित कर्ज का सालाना आधार पर 2.83 प्रतिशत है तो भी बैंक इसे मार्च 2020 तक कम कर 2 प्रतिशत से नीचे लाना चाहता है। 
 
कुमार ने इस बात से इनकार नहीं किया कि दिवालिया प्रक्रिया के जरिये समाधान में देरी हो रही है। बैंक के ऐसे 453 खाते हैं, जो राष्टï्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में शामिल किए गए हैं। इन खातों में एनपीए की मात्रा 59,000 करोड़ रुपये हैं। एकल आधार पर बैंक के घरेलू बाजार में ऋण आवंटन की रफ्तार सालाना आधार पर 11.89 प्रतिशत बढ़ी। खुदरा ऋण आवंटन में सालाना आधार पर 18.68 प्रतिशत की तेजी आई। बैंक का परिचालन मुनाफा सालाना आधार पर 10.63 प्रतिशत रफ्तार से बढ़ा। शुद्ध ब्याज आय 5.23 प्रतिशत बढ़कर 22,939 करोड़ रुपये हो गई। नतीजे आने के बाद शुक्रवार को बैंका शेयर बीएसई पर 3.76 प्रतिशत गिरकर 308.45 रुपये पर बंद हुआ।
Keyword: SBI, interest rate, profit,,
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