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बाजार में सुस्ती के बीच एशियन पेंट्स की बढ़ती चमक

श्रीपाद ऑटे /  July 28, 2019

ऐसे समय में जब बाजार में गिरावट का रुझान बना हुआ है, एशियन पेंट्स की जून तिमाही का वित्तीय परिणाम निवेशकों के लिए अच्छा रहा है। कंपनी ने लगभग सभी प्रमुख मानकों पर बाजार अनुमान की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। जहां भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 16.6 प्रतिशत बढ़कर 5,130.6 करोड़ रुपये पर रहा, वहीं उसका शुद्घ लाभ 17.7 प्रतिशत की वृद्घि के साथ 655.4 करोड़ रुपये रहा। ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों ने राजस्व और शुद्घ लाभ 4,886 करोड़ रुपये तथा 550 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।

 
बिक्री (ऊंचे आधार के बीच) और मार्जिन के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन से सभी आंकड़ों को मजबूती मिली। इससे भी निवेशक आकर्षित हुए, क्योंकि कई प्रमुख उपभोक्ता कंपनियां खपत में मंदी का सामना कर रही हैं। यही वजह है कि एशियन पेंट्स का शेयर कमजोर बाजार में भी मजबूत हुआ है। जुलाई में इस शेयर द्वारा दर्ज की गई कुल तेजी 9 प्रतिशत को पार कर गई है।  कंपनी का राजस्व प्रदर्शन मुख्य रूप से डेकोरेटिव पेंट व्यवसाय में मजबूत दो अंक की बिक्री वृद्घि (17 प्रतिशत पर अनुमानित) पर केंद्रित रहा। विश्लेषकों ने पहली तिमाही में बिक्री में 8-13 प्रतिशत तक की वृद्घि का अनुमान जताया था। बाजार भागीदारी में वृद्घि (असंगठित क्षेत्र से शामिल) मुख्य रूप से कम जीएसटी, नई योजनाओं और ग्रामीण व्यवसायों की तेज वृद्घि की वजह से दर्ज की गई। ग्रामीण भारत में मजबूत वृद्घि अन्य उपभोक्ता कंपनियों के ठीक विपरीत है, क्योंकि उन्हें बिक्री में मंदी का सामना करना पड़ा है।
 
बिक्री के साथ साथ कुल प्रदर्शन को मूल्य निर्धारण ताकत से भी मदद मिली। प्रबंधन के अनुसार, कंपनी ने कुछ खास सॉल्वेंट-आधारित उत्पादों में 0.4 प्रतिशत की कीमत कटौती की। यह कीमत कटौती ऐसे समय में की गई जब उत्पादन लागत नरम थी, कुल बिक्री मिश्रण में सस्ते उत्पादों की ऊंची भागीदारी के बावजूद सकल मुनाफा मार्जिन सुरक्षित था। टाइटेनियम डाई-ऑक्साइड (टीआईओ2) और कच्चे तेल जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतें पहली तिमाही में या तो सपाट या सालाना और तिमाही आधार पर नीचे रहीं। जहां टीआईओ2 का कुल कच्चे माल की लागत में 20 प्रतिशत का योगदान है, वहीं कच्चे तेल डेरिवेटिव्स पैकिंग मैटेरियल के लिए जरूरी है। इस तरह से, सकल मुनाफा मार्जिन सालाना आधार पर 43.5 प्रतिशत पर बना रहा, जबकि तिमाही आधार पर इसमें 198 आधार अंक की तेजी दर्ज की गई। 
 
परिचालन दक्षता की मदद से एबिटा में सालाना आधार पर 136 आधार अंक की वृद्घि में मदद मिली और परिचालन मुनाफा मार्जिन 22.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। कम विज्ञापन खर्च (पहली तिमाही में सामान्य तौर पर कम रहता है) से अन्य परिचालन खर्च नियंत्रित बने रहे। जहां पहली तिमाही में एबिटा मार्जिन पिछली 12 तिमाहियों में सर्वाधिक रहा, वहीं लगभग 120 आधार अंक की वृद्घि में नए आईएनडी-एएस 116 अकाउंटिंग मानकों का भी योगदान रहा। फिर भी, मुनाफे में सुधार की गति सकारात्मक रही।
 
हालांकि सवाल यह है कि क्या कंपनी यह मजबूत परिचालन मार्जिन आगे भी बरकरार रख पाएगी। हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनौतीपूर्ण होगा। एसबीआईकैप सिक्योरिटीज में शोध सह-प्रमुख लक्ष्मीनारायण गंती का कहना है, 'हमारा मानना है कि विज्ञापन और प्रोत्साहन खर्च ऊंचे रहेंगे और वित्त वर्ष 2019 की दूसरी छमाही (अक्टूबर 2018 से मार्च 2019) में शुरू हुए नए संयंत्रों से खर्च में इजाफा होगा और इससे एबिटा मार्जिन पर दबाव पड़ेगा।' गंती को वित्त वर्ष 2020 में एशियन पेंट्स के लिए 20 प्रतिशत एबिटा मार्जिन और 16 प्रतिशत की आय वृद्घि का अनुमान है। 
 
कुल मिलाकर, एशियन पेंट्स पहली तिमाही के आंकड़ों के संदर्भ में खपत क्षेत्र में अब तक सबसे अलग है। अब यह देखना बाकी है कि क्या बर्जर पेंट्स जैसी अन्य कंपनियां भी उसके नक्शे कदम पर चलने में कामयाब रहेंगी या नहीं। मौजूदा समय में वित्त वर्ष 2021 की अनुमानित आय के 46 गुना पर एशियन पेंट्स का शेयर अपने पांच वर्षीय ऐतिहासिक औसत के 14 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है जिससे अल्पावधि में इसमें सीमित तेजी की संभावना दिख रही है। दीर्घावधि के लिहाज से निवेशक गिरावट पर इसे खरीदने पर विचार कर सकते हैं। 
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