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कैसा क्रेडिट कार्ड आपके लिए रहेगा फायदेमंद

तिनेश भसीन /  July 28, 2019

इन दिनों ई-कॉमर्स कंपनियां दोनों हाथों से अपने ग्राहकों को को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड की पेशकश कर रही हैं। ये क्रेडिट कार्ड खरीदारों को ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइटों पर छूट और कैशबैक की पेशकश करते हैं। अब फ्लिपकार्ट भी हाल में इन कंपनियों की फेहरिस्त में शुमार हो गई हैं। इसने क्रेडिट कार्ड की पेशकश करने के लिए ऐक्सिस बैंक के साथ साझेदारी की है। फ्लिपकार्ट से पहले पेटीएम सिटी बैंक के साथ मिलाकर पेटीएम फस्र्ट क्रेडिट कार्ड बाजार में उतार चुकी है और ओला ने भी एसबीआई कार्ड के साथ हाथ मिलाया था। एमेजॉन इंडिया भी आईसीआईसीआई बैंक के साथ को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को दे रही है। 

 
ये कार्ड लॉयलिटी प्रोग्राम की तरह ही होते हैं। कार्डधारक ऐसी कंपनियों के साथ जितने जुड़े रहते हैं उन्हें उतना ही लाभ मिलता है। पैसाबाजार डॉट कॉम में निदेशक एवं समूह कारोबार प्रमुख (निवेश) साहिल अरोड़ा कहते हैं, 'ई-कॉमर्स या विभिन्न कंपनियों से हाथ मिलाकर बैंक अपने क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या में इजाफा करते हैं और नए ग्राहकों को उन्हें दूसरे उत्पाद बेचने में भी मदद मिलती है। जहां तक तकनीकी कंपनियों की बात है तो ऐसी साझेदारियों के जरिये ग्राहकों को कैशबैक आदि की पेशकश करने से उनके ब्रांड की अहमियत बढ़ती है।'
 
बैंकों और तकनीकी कंपनियों के साथ आने से कार्डधारक को हरेक खरीदारी पर कैशबैक की सुविधा मिलती है। मिसाल के तौर पर ओला मनी एसबीआई कार्ड से कैब बुक करने पर ग्राहकों को 7 प्रतिशत, हवाई टिकट खरीदने पर 5 प्रतिशत और देश में होटल बुकिंग पर 20 प्रतिशत कैशबैक मिलता है। इसी तरह, पेटीएम फस्र्ट कार्ड, एमेजॉन पे आईसीआईसीआई बैंक और फ्लिपकार्ट ऐक्सिस बैंक कार्ड के संबंधित प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल से ग्राहकों को 1 से 5 प्रतिशत के बीच असीमित कैशबैक का लाभ मिलता है। इन सभी को-ब्रांडेड कार्ड के लिए ज्वाइनिंग और सालाना फीस भरनी पड़ती है। हालांकि एक निश्चित सीमा से  अधिक खर्च करने पर बैंक इससे छूट भी देते हैं। कुछ बैंक वाउचर, एकबारगी छूट या विभिन्न सेवाओं की मुफ्त सुविधाएं देकर उनसे जुडऩे का लाभ देते हैं। साझेदार बैंक सिनेमा टिकट और रेस्तरां पर अतिरिक्त छूट की भी पेशकश करते हैं। बैंकबाजार में मुख्य कारोबार अधिकारी नवीन चंदानी कहते हैं, 'को-ब्रांडेड कार्ड उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो ज्यादातर किसी एक ब्रांड से जुड़े रहते हैं। हालांकि ग्राहकों को ऐसे कार्ड लेने के बाद अपनी खरीदारी में अंधाधुंध बदलाव नहीं लाना चाहिए।'
 
ग्राहक को सबसे पहले यह पड़ताल कर लेनी चाहिए कि वह किस ई-कॉमर्स वेबसाइट या टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी के प्लेटफॉर्म पर अधिक रकम खर्च कर रहा है। अगर किसी खास प्लेटफॉर्म पर अधिक खर्च हो रहा है तो उससे जुड़ा क्रेडिट कार्ड लेने की दिशा में पहल करनी चाहिए। अगर किसी खास ब्रांड या प्लेटफॉर्म पर ज्यादातर खरीदारी नहीं हो रही है तो ऐसे कार्ड से दूर रहना चाहिए। चंदानी कहते हैं, 'यह भी देखना चाहिए कि खर्च किसी एक ब्रांड या श्रेणी में हो रही है या नहीं। यह पड़ताल करने के बाद ही को-ब्रांडेड कार्ड लें और खर्च अलग-अलग कर लें।' अगर किसी आप किसी खास ब्रांड से नहीं जुड़े हैं, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी अधिक होती है तो ऐसे कार्ड का चयन करें जिससे ऑनलाइन खरीदारी पर अधिक फायदे मिलते हैं। कई ऐसे कार्ड हैं, जो ग्राहकों को किसी भी प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करने पर अधिक पाइंट दिलाते हैं।
 
व्यक्ति को हरेक महीने अपने खर्च का लेखा-जोखा तैयार करना चाहिए और उन ब्रांड और श्रेणियों पर नजर डालनी चाहिए, जहां उसका खर्च अधिक होता है। कुल व्यय में अगर 50-60 प्रतिशत हिस्सा किसी एक ब्रांड या श्रेणी पर खर्च होता है तो उसी हिसाब से क्रेडिट कार्ड का चयन करना चाहिए। अगर खर्च हवाई टिकट खरीदने और ई-कॉमर्स खरीदारी पर अधिक है तो उन दो कार्ड का चयन करें जो अधिक एयर माइल्स और ऑनलाइन शॉपिंग पर ज्यादा पाइंट देते हैं। विशषज्ञों के अनुसार अगर आप फ्लिपकार्ट और एमेजॉन दोनों पर अधिक खर्च करते हैं तो दोनों प्लेटफॉर्म पर दो को-ब्रांडेड कार्ड लेने का कोई फायदा नहीं है।
 
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियां हाल में सरकारी दिशानिर्देश आने के बाद को-ब्रांडेड कार्ड का रास्ता अपना रही हैं। अरोड़ा कहते हैं,'विदेशी कंपनी नियंत्रित ई-कॉमर्स इकाइयां सरकारी दिशानिर्देशों के कारण दबाव में आ गई हैं, जिनसे वे ग्राहकों को अधिक छूट नहीं दे पा रही हैं। ऐसे मार्केटप्लेस इन दिशानिर्देशों की जद में आने से बचने के लिए बैंकों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, क्योंकि कैशबैंक बैंक देते हैं कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म।'
Keyword: e commerce, credit card, bank,,
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