बिजनेस स्टैंडर्ड - तेलंगाना में सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए तोहफा
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, October 29, 2020 10:12 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

तेलंगाना में सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए तोहफा

विभु रंजन मिश्रा /  July 28, 2019

इस वर्ष से पहले तक एन पी रेड्डी को पेंशन से संबंधित जीवन प्रमाणपत्र लेने के लिए हर साल महबूबनगर आना पड़ता था। वह सेवानिवृत्ति के बाद हैदराबाद रहने लगे थे। महबूबनगर वहां से करीब 100 किलोमीटर दूर था। वह महबूबनगर जिले के मिदजिल मंडल में स्थित मंडल परिषद विकास कार्यालय में अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। हालांकि अब वह अपने घर से निकले बिना सिर्फ एक ऐप और सेल्फी की मदद से स्मार्टफोन के जरिये जीवन प्रमाणपत्र ले लेते हैं। रेड्डी के फोन में ऐप इंस्टॉल करने वाली उनकी बेटी एन श्वेता कहती हैं, 'पहले महबूबनगर जाकर जीवन संबंधी प्रमाणपत्र लाने में मेरे पिता को कई दिन लग जाते थे लेकिन अब यह कुछ सेकंड में हो जाता है। इस ऐप से वरिष्ठ नागरिकों का बहुत सा समय और ऊर्जा बच जाती है। इसने उनकी गरिमा सुनिश्चित की है और मेरे पिता को सशक्तीकरण का एहसास होता है।' श्वेता एक आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त हैं। 

 
पेंशन वितरण व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन करने वाली एक पहल के तहत तेलंगाना सरकार कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के साथ एक प्रोजेक्ट लेकर आई है जिसके तहत पेंशन लेने वाले व्यक्ति को अपने मोबाइल फोन से सेल्फी लेकर अपना नाम और पेंशन पहचान संख्या लिखनी होगी तथा रियल टाइम में उनके लिए जीवन प्रमाणपत्र तैयार हो जाएगा। भारत में पहली बार किसी सरकार ने एआई, मशीन लर्निंग और दूसरी उन्नत तकनीकों की मदद से पेंशनभोगियों के लिए इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। 
 
राज्य सरकार ने मार्च 2019 में 'पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट थ्रू सेल्फी' नामक परियोजना शुरू की थी और इसकी मदद से 90 प्रतिशत सटीकता के साथ परिणाम जारी किए जा रहे हैं। अभी तक 3,000 पेंशनकर्मी इसकी मदद से अपने जीवित होने का सत्यापन करा चुके हैं लेकिन तेलंगाना सरकार का लक्ष्य नवंबर 2019 तक 2,70,000 पेंशनकर्मियों को इसके दायरे में लाना है। विभिन्न ऐप्लीकेशन के लिए रियल टाइम पहचान सत्यापन की हमेशा से कमी महसूस की गई है। जीवन पहचानपत्र सत्यापन की एक प्रक्रिया है जिसके तहत सरकार का ट्रेजरी और लेखा विभाग साल में एक बार इस बात को सत्यापित करता है कि पेंशन प्राप्त करने वाला व्यक्ति जीवित है और उसकी पेंशन जारी रखी जाए। 
 
यह प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पेंशनभोगी को स्वयं सरकार के उस ट्रेजरी कार्यालय में जाना पड़ता था, जहां से वह सेवनिवृत्त हुए या पेंशन खाता रखने वाला बैंक स्थित है। वहां उन्हें एक फॉर्म भरकर अधिकारियों को देना पड़ता है। इन जगहों के आसपास नहीं रह रहे वृद्धजनों के लिए यह बड़ी चुनौती रहती है। तेलंगाना सरकार अपने पेंशनभोगियों को 'मी-सेवा' केंद्र पर जाकर अंगुलियों के निशान सत्यापन की सुविधा भी दे रही है। हालांकि फिलहाल सभी केंद्रों में फिंगरप्रिंट स्कैनर नहीं लगे हैं। साथ ही, बढ़ती उम्र के चलते अंगुलियों के निशान भी हल्के पडऩे लगते हैं और इनमें मिलान न होने की संभावना बनी रहती है। 
 
मीसेवा के कमिश्नर, तेलंगाना राज्य तकनीकी सेवा में प्रबंध निदेशक और राज्य सरकार में विशेष आयुक्त (ई-गवर्नेंस) जी टी वेंकटेश्वर राव कहते हैं, 'हम भौगोलिक स्थिति और फोटो की मदद से इसे पूरा कर रहे हैं। साथ ही पेंशन लेने वालों के रियल टाइम सत्यापन के लिए टू-फैक्टर प्रमाणनन का प्रयोग किया जाता है।' वह बताते हैं, 'चीन फोटो और वीडियो आधारित सत्यापन को काफी समय से उपयोग में लाया जा रहा है। हाल के दिनों में तकनीक काफी परिपक्व हुई है और अब इसकी लागत में भी कमी आई है। अव केवल स्मार्टफोन के जरिये इसका उपयोग किया जा सकता है।'
 
पेंशन संबंधित जीवन प्रमाणपत्र से संबंधित तेलंगाना सरकार के मोबाइल गवर्नेंस ऐप 'टीऐपफोलियो' का इंटरफेस काफी आसान है। किसी भी नए उपयोगकर्ता को अपनी पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) आईडी और ट्रेजरी विभाग के अनुसार नाम को लिखना होगा। अगले चरण में आपको फोन के कैमरे से फोटो खींचना होगा। अगर आप कोई पुराना फोटो अपलोड करने की कोशिश करेंगे तो एक एरर मेसेज स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसमें लिखा होगा कि व्यक्ति की जीवित होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। इसके लिए ऐप एआई तकनीक आधारित पहचान और सत्यापन प्रणाली का प्रयोग करता है। 
 
ऐप फोटो की गहराई और चेहरे के हाव-भाव से इस बात की पहचान करता है कि क्या दी गई फोटो रियल टाइम में खींची गई है या वह कोई पुरानी फोटो है। बेंगलूरु स्थित स्टार्टअप ने धोखाधड़ी रोकने वाली तकनीक विकसित की है और वियतनाम में भी इसी तरह की तकनीक की मदद से डिजिटल बैंक खाते खोले जा रहे हैं। ऐप इस बात का भी सत्यापन करता है कि क्या अपलोड की गई तस्वीर पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति की ही है। ऐप बिग डेटा और भौगोलिक पहचान जैसी तकनीक से पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के डेटाबेस से जानकारियों का सत्यापन करता है। इसके अतिरिक्त, डीप लर्निंग आधारित इमेज कंपेरिजन का भी उपयोग किया गया है जो अपलोड किए गए फोटो का पहले से जमा फोटो के साथ मिलान करती है। हालांकि बढ़ती उम्र के चलते नई तस्वीर पहली से काफी अलग हो सकती है और इस तकनीक में इस बात का विशेष खयाल रखा गया है। 
 
राव कहते हैं, 'अगर जीवन सत्यापन परीक्षण, भौगोलिक पहचान, नाम सत्यापन और फोटो मिलान जैसे सभी पैमाने पार कर लिए जाते हैं तो इसका अर्थ है कि जानकारी देने वाला व्यक्ति जीवित है और उसका नाम और फोटो पेंशन डेटाबेस से मेल खाता है।'
Keyword: technology, apps, telangana, pension,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या एमेजॉन जैसी कंपनियों पर डेटा सुरक्षा की तय हो जवाबदेही?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.