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मार्जिन की मांग पर प्रवर्तकों ने बढ़ाए गिरवी शेयर

देव चटर्जी / मुंबई July 25, 2019

पिछले कुछ दिनों से गिरवी शेयरों के लेनदेन में तेजी आई है, वहीं बीएसई 500 में शामिल 38 कंपनियों ने जून तिमाही में मार्च तिमाही की तुलना में अतिरिक्त शेयरों को गिरवी पर रखा है। शेयर भाव में गिरावट और मार्जिन की जरूरतों के लिए इन कंपनियों को अतिरिक्त शेयर गिरवी रखने पड़े हैं। एक बैंकर ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, 'अगर शेयर बाजार में आगे और गिरावट आती है तो प्रवर्तकों को और ज्यादा शेयर गिरवी रखने होंगे क्योंकि ऋणदाता उनसे अतिरिक्त जमानत मांग सकते हैं। हाल के समय में ऋणदाताओं को ऐसे मामलों से रूबरू होना पड़ा है जिनमें प्रवर्तक इकाइयों द्वारा लिए गए कर्ज का भुगतान अच्छा नहीं रहा है।' 
 
जून तिमाही में एवरेडी इंडस्ट्रीज ने अतिरिक्त 15.4 फीसदी शेयर गिरवी हैं क्योंकि कंपनी पर कर्ज काफी बढ़ गया था। एवरेडी कोलकाता के बीएम खेतान समूह की कंपनी है और वह अपना कर्ज कम करना चाह रही है। इस महीने की शुरुआत में येस बैंक ने एवरेडी प्रवर्तक के गिरवी रखे शेयरों को भुनाकर कंपनी में 9.4 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी। मार्च तिमाही के नतीजों के अनुसार उस समय एवरेडी में प्रवर्तक हिस्सेदारी 42.17 फीसदी थी। पिछले एक साल में एवरेडी का शेयर करीब 75 फीसदी टूट चुका है, जिससे प्रवर्तकों पर ऋणदाताओं के पास अतिरिक्त शेयर गिरवी पर रखने का दबाव बढ़ गया है।
 
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि लेमन ट्री होटल ने अतिरिक्त 10.6 फीसदी और जिंदल स्टील ने 7.5 फीसदी अतिरिक्त शेयरों को गिरवी पर रखा है। डिश टीवी के प्रवर्तक ने भी 5.1 फीसदी अतिरिक्त शेयर गिरवी पर रखे हैं, जिससे कुल गिरवी शेयर 60 फीसदी पहुंच गए हैं। प्रवर्तक इस कंपनी को बेचने के लिए बात कर रहे हैं ताकि प्रवर्तक स्तर पर कर्ज कम हो सके। विश्लेषकों का कहना है कि चालू तिमाही में भी प्रवर्तकों के गिरवी शेयरों की हिस्सेदारी बढ़ सकती है क्योंकि ऋणदाता अपने कर्ज की सुरक्षा के लिए आक्रामक घेराबंदी कर रहे हैं। भारतीय उद्योग जगत की कुछ अग्रणी कंपनियों - येस बैंक, रिलायंस कैपिटल, अदाणी एंटरप्राइजेज और एवरेडी के प्रवर्तकों ने ऋणदाताओं द्वारा अतिरिक्त जमानत मांगे जाने पर और शेयरों को गिरवी रखा है। इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट की वजह से ऋणदाताओं की ओर से अतिरिक्त जमानत की मांग की गई थी।
 
23 जुलाई को येस बैंक के संस्थापक प्रवर्तक राणा कपूर और उनकी होल्डिंग कंपनी मॉर्गन क्रेडिट्स प्रा. लि. ने रिलायंस निप्पोन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट के पास 1,500 करोड़ रुपये मूल्य के 7.34 फीसदी अतिरिक्त शेयरों को गिरवी रखा है। पिछले एक साल में येस बैंक के शेयर में करीब 80 फीसदी गिरावट आने के बाद प्रवर्तक को ऐसा करने पर मजबूर होना पड़ा है। अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल ने रिलायंस निप्पोन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट में अपनी 22 फीसदी हिस्सेदारी ऋणदाताओं के पास अतिरिक्त जमानत के तौर पर गिरवी रखी है। बीते बुधवार को अदाणी एंटरप्राइजेज के प्रवर्तक गौतम अदाणी ने एईएल की 1.23 फीसदी हिस्सेदारी इंडसइंड बैंक के पास गिरवी रखी है। 
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