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रिलायंस का जोर खोज, उत्पादन पर

अमृता पिल्लई / मुंबई July 25, 2019

मुकेश अंबानी प्रवर्तित रिलायंस इंडस्ट्रीज भारतीय हाइड्रोकार्बन उत्खनन व उत्पादन (ईऐंडपी) क्षेत्र में दूसरी बार कोशिश कर रही है। इसके दो क्लस्टर आर सीरीज और सैटलाइट सीरीज में अगले दो साल में उत्पादन शुरू हो सकता है, लिहाजा कंपनी इस कारोबार से उत्पादन में सुधार की उम्मीद कर रही है। पिछले हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही के नतीजे के बाद निवेशकों को बताया, पांच चुनौतीपूर्ण वर्षों के बाद देसी उत्खनन कारोबार में अगले साल कायापलय यानी बड़े सुधार की संभावना है। कंपनी को उम्मीद है कि आर-क्लस्टर से पहला गैस उत्पादन साल 2020 के मध्य में होगा जबकि सैटलाइट क्लस्टर से साल 2021 के मध्य में।
 
विश्लेषकों ने आरआईएल पर लिखी बर्नस्टेन रिपोर्ट में कहा है, एबिटा में एक फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले ईऐंडपी में रिलायंस और साझेदार बीपी ने केजी बेसिन (आर सीरीज, सैटलाइट व एमजे) में 3 नई खोज हुई है, जहां कुल मिलाकर 3 लाख करोड़ घनफुट गैस का भंडार है और यह साल 2020 के मध्य से उथ्पादन में काफी तेजी ला सकता है। जून 2019 की तिमाही में कंपनी का देसी तेल व गैस उत्पादन 11.6 अरब घनफुट रहा, जो साल दर साल के हिसाब से 35 फीसदी कम है। केजी डी-6 क्षेत्र ने जून तिमाही में 5.66 अरब घनफुट प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया, जो साल दर साल के हिसाब से 57 फीसदी कम है। पन्ना मुक्ता क्षेत्र में क्रमिक तौर पर तेल उत्पादन में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई जबकि गैस उत्पादन में 12 फीसदी की कमी आई।
 
एक देसी ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषक ने कहा, जून तिमाही के आखिर में ईऐंडपी कारोबार ने 249 करोड़ रुपये का एबिटा नुकसान दर्ज किया। देसी उत्खनन व उत्पादन का एबिटा 117 करोड़ रुपये रहा। दो नए क्लस्टर उत्पादन में सुधार में मदद करेंगे, वहींं कुल मिलाकर वित्तीय सुधार कच्चे तेल और मुख्य रूप से गैस की कीमत पर निर्भर करेगा। बर्नस्टेन रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2021 में आरआईएल के उत्खनन व उत्पादन कारोबार का एबिटा 650 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है। जून में अपने साझेदार बीपी के साथ आरआईएल ने केजी डी-6में नए एमजे ब्लॉक के आंवटन की घोषणा की है। केजी डी-6 में एमजे तीन नई परियोजनाओं में से तीसरा है। इन तीनों परियोजनाओं पर कुल निवेश 35,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है और इससे करीब 3 लाख करोड़ घनफुट गैस संसाधन मिलने की उम्मीद है।
 
यह निवेश देसी उत्खनन व उत्पादन क्षेत्र को बेहतर स्थिति में लाने की कंपनी की दूसरी कोशिश होगी। साल 2008 में कंपनी को उम्मीद थी कि केजी डी-6 परियोजना से वित्त वर्ष 2009 की दूसरी छमाही में पहला उत्पादन मिल जाएगा और यह आरआईएल की आय की रफ्तार में खासा योगदान करेगा। हालांकि एक दशक बाद भी तेल व गैस कारोबार पिछड़ रहा है और इसका कोई बड़ा योगदान नहीं है।
Keyword: reliance, mukesh ambani, E&P,,
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