बिजनेस स्टैंडर्ड - एयरटेल, वोडा-आइडिया को भरना होगा जुर्माना!
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एयरटेल, वोडा-आइडिया को भरना होगा जुर्माना!

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली 07 24, 2019

पिछले महीने डीसीसी ने जुर्माना को दी थी मंजूरी

अक्टूबर, 2016 में ट्राई ने की थी तीनों कंपनियों पर 3,050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश
रिलायंस जियो ने की थी पीओएस नहीं देने की शिकायत
वोडाफोन और आइडिया का अब हो चुका है विलय

बिजनेस स्टैंडर्ड एयरटेल, वोडा-आइडिया को भरना होगा जुर्माना!दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया पर लगाए गए 3,050 करोड़ रुपये के जुर्माने पर खींचतान के बाद आखिरकार डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) ने आज इस जुर्माने को बरकरार रखने का निर्णय किया। रिलायंस जियो को इंटरकनेक्शन मुहैया कराने से इनकार करने पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इन दूरसंचार कंपनियों पर जुर्माना लगाया था। दूरसंचार क्षेत्र की शीर्ष निर्णायक निकाय ने कहा कि इस बारे में सक्षम प्राधिकरण द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने कहा, 'विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निर्णय किया गया कि ट्राई द्वारा लगाए गए जुर्माने की सिफारिश को डीसीसी स्वीकार करेगा और उसी के अनुरूप सरकार को सिफारिश करेगा।' उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतिम निर्णय लेने वाला प्राधिकरण दूरसंचार विभाग होगा और डीसीसी सिफारिश करने वाली संस्था है। सरकार के पास इस बारे में निर्णय करने के सभी अधिकार हैं।

सूत्रों ने कहा कि अब इस मामले पर दूरसंचार विभाग को निर्णय करना है, जिसमें कुछ समय लग सकता है। एयरटेल और वोडाफोन पर 1,050-1,050 करोड़ रुपये का, वहीं आइडिया पर 950 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब आइडिया और वोडाफोन का विलय हो गया है, ऐसे में एकीकृत इकाई को 2,000 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना होगा।  

डीसीसी ने दूरसंचार कंपनियों पर जुर्माना लगाने पर सहमति जताई है लेकिन नियामक से यह भी कहा कि क्षेत्र में भारी कर्ज को देखते हुए जुर्माने की राशि की समीक्षा करे। इन दूरसंचार कंपनियों पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है।भारती और वोडाफोन आइडिया ने हाल ही में अपने कर्ज को कम करने के लिए राइट निर्गम पूरे किए हैं। दोनों कंपनियों ने इससे 25,000 करोड़-25,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

रिलायंस जियो को इंटर-कनेक्टिविटी नहीं देने के आरोप में ट्राई ने अक्टूबर, 2016 को एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया पर 3,050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जियो ने ट्राई से शिकायत की थी कि उसके नेटवर्क के 75 फीसदी कॉल पूरे नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि मौजूदा ऑपरेटर पर्याप्त संख्या में पीओआई जारी नहीं कर रहे हैं। इसी शिकायत के बाद ट्राई ने मौजूदा ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी। 

पिछले महीने डीसीसी ने एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर जुर्माना लगाने को मंजूरी दे दी थी लेकिन जुर्माना लगाने से पहले आयोग चाहता था कि ट्राई 3,050 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि की समीक्षा करे। नियामक ने 21 जून को कहा था कि जुर्माने की राशि में किसी तरह के बदलाव का सवाल ही नहीं उठता है। ट्राई ने कहा कि दूरसंचार विभाग को भी जुर्माना लगाने के आधार के बारे में स्पष्ट कर दिया गया है। यह जुर्माना 50 करोड़ रुपये प्रति सर्कल के हिसाब से लगाया गया है। हाल ही में केंद्रीय सर्तकता आयोग ने इस बारे में जांच कराने को कहा था कि दूरसंचार मंत्रालय के कुछ अधिकारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में कथित तौर पर देरी कर रहे हैं।
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