बिजनेस स?टैंडर?ड - क्रिप्टो: रिपोर्ट में कई अनसुलझे सवाल
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क्रिप्टो: रिपोर्ट में कई अनसुलझे सवाल

नेहा अलावधी और अरूप राय चौधरी /  07 23, 2019

गर्ग समिति ने निजी क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध का सुझाव दिया

क्रिप्टोग्राफी तकनीक का उपयोग करने वाले किसी भी कोड या जानकारी को क्रिप्टोकरेंसी की परिभाषा में किया शामिल
विशेषज्ञों ने कहा, क्रिप्टो की परिभाषा बहुत व्यापक, इससे ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड या छूट कूपन भी हो सकते हैं अवैध

बिजनेस स?टैंडर?ड क्रिप्टो: रिपोर्ट में कई अनसुलझे सवालसरकार द्वारा गठित सुभाष गर्ग समिति द्वारा प्रस्तावित क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रभाव काफी व्यापक हो सकता है। इससे ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड और छूट संबंधी कूपन भी अवैध हो सकते हैं। साथ ही, समिति द्वारा प्रस्तावित अनुशंसाओं में इस बात पर भी अधिक स्पष्टता नहीं है कि क्रिप्टोकरेंसी धारक इनका निपटान कैसे करे। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वर्चुअल करेंसी के लिए कुछ कदम उठाने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट के साथ ही समिति ने क्रिप्टोकरेंसी तथा आधिकारिक डिजिटल करेंसी के नियमन से संबंधित मसौदा विधेयक भी सौंपा है। मसौदा विधेयक में क्रिप्टोकरेंसी की परिभाषा देते हुए कहा गया, 'क्रिप्टोकरेंसी, चाहे कोई अन्य नाम लिया जाए, इसका अर्थ कोई भी जानकारी, कोड, नंबर या टोकन, जो किसी आधिकारिक डिजिटल करेंसी का हिस्सा नहीं है। जिसे क्रिप्टोग्राफी के जरिये बनाया गया, जिसकी आभासी पहचान को किसी मूल्य के तौर पर बिना किसी विचार या सहमति से लेनदेन किया जाए, जिसमें किसी कामकाज के संदर्भ में इसके निहित मूल्य का दावा किया जाए जिससे जोखिम की संभावनाएं बढ़ें। आय, लाभ या किसी वित्तीय लेनदेन या निवेश, लेकिन निवेश योजना तक सीमित न हो।'

इसमें क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के अपवाद के साथ साथ यह भी बताया गया है कि एक बार कानून बनने के बाद लोग अपनी क्रिप्टोकरेंसी की घोषणा या निपटान किस तरह से करेंगे। क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यह परिभाषा और विशेषकर 'कीमत का डिजिटल प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराना' वाला हिस्सा, स्विगी, जोमेटो, बिग बास्केट, एमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले ऑनलाइन छूट कूपन और गिफ्ट कार्ड को लेकर चिंता की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

तकनीकी नीति और कानून विशेषज्ञ प्राणेश प्रकाश ने ट्वीट किया, 'इस खंड की भाषा इतनी व्यापक है कि इसमें छूट कूपन (उदाहरण के लिए स्विगी) भी शामिल होते हैं। जैसे, इन-गेम टोकन और रिवॉर्ड अंक आदि। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। स्पष्ट है कि मसौदा इस अपेक्षा के साथ नहीं लाया गया होगा। यह असावधानी गर्ग समिति की रिपोर्ट में दूसरी जगहों पर भी दिखी है। उन्होंने इसके पक्ष में कोई प्रमाण नहीं दिया कि उन्होंने (नियमन के बजाय) प्रतिबंध की अनुशंसा क्यों की।'

एक ब्लॉकचेन विशेषज्ञ ने नाम नहीं छापने की बात पर कहा कि 'क्रिप्टोकरेंसी' को परिभाषित करने वाला खंड इतना व्यापक है कि अगर एक व्यक्ति व्हाट्सऐप पर अपने हवाई यात्रा रिवॉर्ड (माइल्स) साझा करता है तो इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है, क्योंकि इसमें क्रिप्टोग्राफी तकनीक आधारित एनक्रिप्शन का उपयोग होता है।

निशिथ देसाई एसोसिएट्स में तकनीक क्षेत्र के वकील जयदीप रेड्डी कहते हैं, 'आमतौर पर अदालतों ने कहा है कि किसी भी तरह के पूर्ण प्रतिबंध का सहारा लेने से पहले कम प्रतिबंधात्मक उपायों को अपनाना चाहिए। अगर ये उपाय कारगर न हों तो ही पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का कदम उठाना चाहिए।' रेड्डी ने यह भी कहा कि फिलहाल उपलब्ध नियामकीय उपाय कम प्रतिबंधों के साथ समस्या का निदान कर रहे हैं और इस परिप्रेक्ष्य में प्रस्तावित विधेयक काफी जटिल दिखाई देता है। 

सोमवार को सार्वजनिक की गई रिपोर्ट में देश की अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने पर विचार करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए उपयोग में लाई जाने वाली तकनीक, डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) वित्तीय कारोबार, केवाईसी लागत में कमी लाने और क्रेडिट एसेट बेहतर करने के साथ साथ देश के वित्तीय और गैर-वित्तीय क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान कर सकती है। 
Keyword: cryptocurrency, ban, DLT, data,,
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