बिजनेस स्टैंडर्ड - डेनिम को आपूर्ति में राहत
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डेनिम को आपूर्ति में राहत

विनय उमरजी / अहमदाबाद 07 22, 2019

अतिरिक्त क्षमता के कारण पिछले कुछ सालों से घरेलू बाजार में ज्यादा आपूर्ति का सामना करने के बाद भारतीय डेनिम उद्योग को अंतत: मांग-आपूर्ति के अंतर में कमी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा बड़े स्तर पर उपभोक्ता मांग भी बढऩे के आसार हैं क्योंकि डेनिम के भागीदार ज्यादा बेहतर उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं। इस कारण इस साल उद्योग के सकल मार्जिन में भी 3-4 प्रतिशत सुधार होने की उम्मीद है। गिन्नी इंटरनैशनल के मुख्य प्रबंध निदेशक शरद जयपुरिया ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि मांग और आपूर्ति मेें अंतर था। लेकिन पिछले कुछ सालों में नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण डेनिम बाजार में मंदी नजर आई है और अब यह अतिरिक्त क्षमता समायोजित हो रही है। इसके अलावा कोई नई क्षमता या ताजा निवेश आने की भी संभावना नहीं है। इस कारण पिछले सालों में जमा की गई अत्यधिक क्षमता का अब धीरे-धीरे उपयोग किया जा रहा है। जयपुरिया डेनिम मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, भारत में डेनिम क्षमता में कुछ साल पहले अचानक इजाफा हुआ था। यह अब लगभग 170-180 करोड़ टन मीटर प्रति वर्ष है। हालांकि निर्यात मुश्किल से 20-25 करोड़ मीटर प्रति वर्ष रहने के कारण इस क्षमता का बाकी हिस्सा घरेलू बाजार में भेजा जा रहा था जिससे अधिकता पैदा हो रही थी। इस वजह से कुछ शीर्ष डेनिम निर्माताओं के मार्जिन में भी कमी आ गई थी।

हालांकि जयपुरिया का मानना ​​है कि किसी नए निवेश का संकेत नहीं मिलने तथा क्षमता को तर्कसंगत बनाने के कारण इस साल मार्जिन में 3-4 प्रतिशत तक सुधार हो सकता है। कपड़ा क्षेत्र में डेनिम उद्योग के लिए वित्त वर्ष 20 के परिदृश्य को लेकर इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च (फिच ग्रुप) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में जयपुरिया के विचारों को दोहराते हुए कहा है कि डेनिम निर्माता परिचालन मार्जिन में मामूली सुधार की उम्मीद कर सकते हैं। रेटिंग एजेंसी को भी यह उम्मीद है कि इस क्षेत्र में हल्के क्षमता विस्तार के रूप में नई इकाइयों के लिए किए जाने वाले न्यूनतम निवेश के प्रति वित्त वर्ष 22 से पहले कोई भागीदार निवेश के लिए आकर्षित नहीं होगा क्योंकि मौजूदा पूंजीगत व्यय में स्थिरता के लिए दो-तीन साल की जरूरत होगी।

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के एसोसिएट निदेशक (कॉरपोरेट रेटिंग्स) महावीर शंकरलाल मानते हैं कि डेनिम क्षेत्र का मार्जिन प्रीमियम उत्पादों और समानांतर एकीकरण पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से धीरे-धीरे सुधार की राह पर है। एजेंसी को उम्मीद है कि घरेलू बाजार सामान्य डेनिम के लिए थोक मांग और उपभोक्ता मांग की वापसी होगी तथा मूल्य संवर्धित डेनिम निर्यात के लिए धीरे-धीरे क्षमता उपयोग बढ़ेगा।
Keyword: डेनिम, घरेलू बाजार, आपूर्ति, उपभोक्ता मांग, जीएसटी, निवेश,
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