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कर बचाने के रास्ते तलाश रहे एफपीआई

ऐश्ली कुटिन्हो / मुंबई July 18, 2019

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) बजट में लगाए गए अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए मॉरिशस, सिंगापुर, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे देशों में कॉरपोरेट ढांचे स्थापित कर अपने निवेश के लिए विकल्प तलाश रहे हैं।  गुरुवार को सरकार ने ट्रस्टों या लोगों के समूह के तौर पर काम कर रहे एफपीआई पर 'सुपर-रिच' कर को समाप्त करने से इनकार कर दिया। हालांकि वास्तविक संख्या का पता नहीं चल सका है, लेकिन 40 से 50 प्रतिशत एफपीआई इस सरकारी फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। ट्रांजेक्शन स्क्वायर के संस्थापक गिरीश वनवारी ने कहा, 'एफपीआई भारत में निवेश के लिए मॉरिशस, सिंगापुर, नीदरलैंड्स और फ्रांस जैसे देशों में अपनी विशेष उद्देश्य वाली कंपनियों (एसपीवी) बनाने की संभावना तलाश रहे हैं। यह बजट में की गई शुल्क वृद्घि से बचने का एक तरीका है।'
 
एसपीवी को कंपनी के स्वरूप में स्थापित किया जाएगा और इन्हें खासकर भारत में निवेश का अन्य देशों के जरिये प्रबंधन करने के मकसद से स्थापित किया जाएगा। वनवारी ने कहा कि यह विकल्प पहले से ही अपनाया जा रहा है और कई ऐसे देश हैं जहां एफपीआई 'ट्रस्ट' ढांचे के बावजूद एसपीवी के जरिये अपना निवेश कर रहे हैं। यह इसलिए संभव है, क्योंकि एसपीवी का निर्माण कोष स्तर पर नहीं होता है, बल्कि ये निवेश के एक छोटे हिस्से के संचालन से संबंधित होते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि एफपीआई को अपना मौजूदा निवेश एसपीवी मार्ग के जरिये स्थानांतरित करना संभव नहीं हो सकता है, क्योंकि एसीपीवी को शेयरों के स्थानांतरण से बड़े कर बोझ की समस्या गहरा सकती है। 
 
बीडीओ इंडिया में पार्टनर प्रणय भाटिया का कहना है, 'एफपीआई के लिए एक विकल्प अपने मौजूदा निवेश को अपने पुराने ढांचे के जरिये बरकरार रखना है। नए निवेश को कॉरपोरेट ढांचे के जरिये स्थानांतरित किया जा सकेगा। ये कॉरपोरेट ढांचे मॉरिशस, सिंगापुर और नीदरलैंड्स जैसे देशों में स्थापित किया जा सकते हैं।' उन्होंने कहा कि नई कंपनी को बाजार नियामक सेबी से नया पंजीकरण लेने की जरूरत होगी। विश्लेषकों का कहना है कि इन देशों में कंपनियां स्थापित करने की लागत लगभग 5,000-10,000 डॉलर है। नई कंपनी स्थापित करने से एफपीआई पंजीकरण में इजाफा हो सकता है। मौजूदा समय में पंजीकरण की संख्या लगभग 9,500 है।
 
2 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 5 करोड़ रुपये से कम की कमाई करने वाले एफपीआई पर अधिभार 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया है। 5 करोड़ रुपये से अधिक की आय पर यह कर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 37 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि एफपीआई के लिए दीर्घावधि पूंजीगत लाभ पर प्रभावी कर बढ़कर अधिकतम 14.25 प्रतिशत हो गया है। वहीं अल्पावधि पूंजीगत लाभ पर कर बढ़कर अधिकतम 42.74 प्रतिशत हो गया है।  वैश्विक रूप से, कई म्युचुअल फंड और पेंशन फंड 'नॉन-कॉरपोरेट व्हीकल्स', खासकर ट्रस्टों के रूप में संगठित हैं, क्योंकि वे छोटे निवेशकों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं। 
Keyword: FPI, invest, equity,,
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