बिजनेस स्टैंडर्ड - अधिशेष रकम चरणबद्ध रूप से देने का प्रस्ताव
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अधिशेष रकम चरणबद्ध रूप से देने का प्रस्ताव

सोमेश झा / नई दिल्ली 07 17, 2019

'सांकेतिक' रकम हस्तांतरण का प्रस्ताव
बिजनेस स्टैंडर्ड अधिशेष रकम चरणबद्ध रूप से देने का प्रस्तावकेंद्र सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से उतनी रकम प्राप्त नहीं हो सकती है जिसकी वह उम्मीद कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय बैंक के आर्थिक पूंजी प्रारूप की समीक्षा करने के लिए गठित बिमल जालान समिति ने अधिशेष को केंद्र सरकार को चरणबद्ध तरीके से 'सांकेतिक' रकम हस्तांतरित करने का प्रस्ताव दिया है। घटनाक्रम के जानकार एक शख्स ने कहा, 'रिपोर्ट में तीन से पांच साल के दौरान आरबीआई के आरक्षित कोष से केंद्र सरकार को एक हिस्सा हस्तांतरित करने के फॉर्मूले का प्रस्ताव दिया है। यह आरबीआई द्वारा सालाना आधार पर लाभांश हस्तांतरित करने के मौजूदा व्यवस्था के अनुरूप है।'

उक्त शख्स ने कहा कि संभव है कि समिति के सदस्यों की एकराय नहीं हो हो और अगले कुछ दिनों में समिति द्वारा आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास को कई सिफारिशें सौंपी जा सकती हैं। इस रिपोर्ट पर आरबीआई की केंद्रीय बोर्ड में विचार किया जाएगा। रिपोर्ट में वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की अलग राय भी शामिल हो सकती है। गर्ग समिति में सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार समिति ने आरबीआई की आर्थिक पूंजी प्रारूप की नियतकालिक समीक्षा की भी सिफारिश की है।

शुरुआत में वित्त मंत्रालय उम्मीद कर रहा था कि आरबीआई अपने आरिक्षत कोष से करीब 3 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित कर सकता है। पिछले साल इसी मसले को लेकर नियामक और सरकार के बीच खींचतान देखी जा रही थी।  वित्त मंत्रालय के रुख को देखते हुए आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड ने दिसंबर में आरबीआई के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन कर केंद्रीय बैंक के आर्थिक पूंजी प्रारूप की समीक्षा का काम सौंपा था। समिति के सदस्यों के बीच आरबीआई की अधिशेष पूंजी को हस्तांतरित करने को लेकर अलग-अलग राय थी।

बिजनेस स्टैंडर्ड अधिशेष रकम चरणबद्ध रूप से देने का प्रस्तावअधिकांश सदस्य चरणबद्ध तरीके से रकम हस्तांतरित करने के पक्ष में थे जबकि सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर समिति में शामिल गर्ग एकमुश्त हस्तांतरण की वकालत कर रहे थे। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने आरबीआई से करीब 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त लाभांश का प्रावधान किया है। हालांकि उक्त अधिकारी ने कहा कि ऐसा होने की संभावना कम ही है।

आरबीआई, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लाभांश या अधिशेष के तौर पर 2017-20 के बजट में 1.06 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने का प्रावधान किया गया है, जो अंतरिम बजट से करीब 23,130 करोड़ रुपये अधिक है। फरवरी में पेश अंतरिम बजट के समय सरकार ने आरबीआई से लाभांश के तौर पर 69,000 करोड़ रुपये मिलने की बात कही थी लेकिन आम बजट में 90,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद की गई है। इसका मतलब यह है कि सरकार आरबीआई से करीब 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त रकम की उम्मीद कर रही है।गर्ग और समिति के सदस्यों के बीच एकमत नहीं होने से रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में देर हुई। 

Keyword: RBI, fund, budget,,
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