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निर्मला ने चिदंबरम के दावे किए खारिज

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली July 12, 2019

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट आंकड़ों के बारे में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के दावों को खारिज करते हुए आज कहा कि इसमें दिए गए आंकड़े पूरी तरह व्यावहारिक हैं और उन्हें हासिल किया जा सकता है। सीतारमण ने राज्य सभा में बजट चर्चा पर अपने जवाब का लगभग आधा समय कांग्रेस नेता चिदंबरम के उठाए गए मुद्दों का बिंदुवार उत्तर देने में लगाया लेकिन इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री सदन में नहीं थे। चिदंबरम ने गुरुवार को चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा था कि मोदी सरकार के बजट में कोई साहसिक संरचनात्मक सुधारों की बात नहीं है जबकि चुनावों में मिले बहुमत को देखते हुए सुधारों को शामिल किया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि सरकार 2024-25 तक भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को बढ़ाचढ़ाकर पेश कर रही है।
 
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले सुझावों को देखते हुए बजट में दिए गए अनुमान वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि 2019-20 में आय कर में 23.25 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। इसे कैसे हासिल किया जा सकता है, जबकि 2018-19 में इसमें महज 7.1 फीसदी वृद्घि हुई थी।  सीतारमण ने दावा किया कि चिदंबरम ने वित्त वर्ष 2019 के अपने व्यक्तिगत आय कर के आंकड़े लिए और इनकी तुलना वित्त वर्ष 2018 के व्यक्तिगत कर और प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) के साथ की। उन्होंने बजट में दिए गए वित्त वर्ष 2020 के आंकड़ों के बारे में भी यही गलती की। 
 
वित्त मंत्री ने कहा कि महालेखा नियंत्रक की वेबसाइट के मुताबिक 2018-19 में अस्थायी व्यक्तिगत आय कर संग्रह 4,73,182 करोड़ रुपये रहा जिसमें एसटीटी भी शामिल है। वित्त वर्ष 2017-18 के व्यक्तिगत आय कर के वास्तविक आंकड़े बजट दस्तावेज में दिए गए थे। इस तरह वित्त वर्ष 2019 में इसमें 9.84 फीसदी की वृद्घि होगी न कि 7.1 फीसदी की जैसा चिंदबरम ने दावा किया था। उन्होंने कहा कि एसटीटी समेत व्यक्तिगत आय कर के वित्त वर्ष 2020 में 569,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2018-19 में इसके 4,61,654 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।
 
चिदंबरम ने इन दोनों आंकड़ों की तुलना की लेकिन उसमें एसटीटी को शामिल नहीं किया। यही वजह है कि उन्होंने 23.25 फीसदी बढ़ोतरी का आंकड़ा निकाला।  सीतारमण ने कहा, 'अगर चिदंबरम ने एसटीटी को शामिल किया होता तो यह आंकड़ा 20.24 फीसदी होता। पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड और धनाढ्य लोगों पर लगाए गए उपकर को देखें तो इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।' उन्होंने सीमा शुल्क और वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी के बारे में भी पूर्व वित्त मंत्री के दावे को खारिज कर दिया। 
 
सीतारमण ने कहा कि चिदंबरम ने जीएसटी लागू होने के बाद के महीनों के संग्रह की तुलना करने के लिए वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही के सीमा शुल्क के आंकड़ों में से विशेष अतिरिक्त शुल्क और काउंटरवेलिंग ड्यूटी को अलग नहीं किया। इसी तरह उन्होंने चिदंबरम के जीएसटी के आंकड़ों को भी गलत बताया। उनका कहना था कि पूर्व वित्त मंत्री ने दावा किया कि वित्त वर्ष 2020 के लिए केंद्रीय खाते में 45 फीसदी जीएसटी वृद्घि का अनुमान जताया गया है जबकि एक साल पहले यह महज 3.38 फीसदी था। सीतारमण ने कहा, 'मैं नहीं जानती कि उन्होंने ये आंकड़े कैसे निकाले।'
Keyword: nirmala sitaraman, economy, budget,,
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