बिजनेस स्टैंडर्ड - ऑप्टिक फाइबर केबल में जबरदस्त विस्तार की तैयारी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, October 14, 2019 04:37 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

ऑप्टिक फाइबर केबल में जबरदस्त विस्तार की तैयारी

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली 07 11, 2019

दूरसंचार की रफ्तार

बिजनेस स्टैंडर्ड ऑप्टिक फाइबर केबल में जबरदस्त विस्तार की तैयारीघरों में 3डी मूवी देखने के लिए सुपरफास्ट ब्रॉडबैंड अथवा मौजूदा 4जी मोबाइल सेवा के मुकाबले 100 गुना अधिक तेज 5जी हाई स्पीड मोबाइल सेवा ऑप्टिक फाइबर केबल के बिना उपलब्ध नहीं हो सकती है। इसी प्रकार बड़े ई-कॉमर्स डेटा सेंटरों के पास पर्याप्त बैंडविड्ïथ के बिना प्रति मिनट लाखों ऑर्डरों से निपटने और समय पर डिलिवरी सुनिश्चित करना आसान नहीं होगा। लेकिन यह सब अचानक बदल सकता है। दूरसंचार कंपनियां 5जी एवं फाइबर टु होम सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही हैं जबकि सरकार 2022 तक (मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 1.7 करोड़ घरों तक) 50 फीसदी परिवारों तक ब्रॉडबैंड सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना चाहती है। लेकिन इसके लिए उन्हें देश में ऑप्टिक फाइबर केबल बुनियादी ढांचे (ओएफसी) में आक्रामक तौर पर विस्तार करने की जरूरत है।

दूरसंचार विभाग के अनुसार, देश में चार गुना अधिक ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाने की जरूरत है ताकि 2022 तक करीब 55 लाख केवल रूट किलोमीटर ओएफसी स्थापित हो सके जबकि 2018 में यह आंकड़ा 14 से 15 लाख केबल रूट किलोमीटर था। इस पर करीब 1,80,000 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी जिसमें सरकार की उल्लेखनीय हिस्सेदारी होगी। लेकिन दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि वे मुख्य तौर पर टावरों में फाइबर बैकहॉल स्थापित करने में खर्च करेंगे। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा, 'हमें लगता है कि अगले दो से तीन वर्षों के दौरान टावरों की संख्या 5 लाख से बढ़कर 7.5 लाख तक पहुंच जाएगी क्योंकि शुरू में बड़े शहरों में ही 5जी सेवाओं की शुरुआत होगी। उनमें से करीब 70 फीसदी को फाइबर केबल से लैस करने के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी।'

भारत में प्रति व्यक्ति फाइबर बुनियादी ढांचे की उपलब्धता महज 2.5 फीसदी है जो चीन और अमेरिका के मुकाबले काफी कम है। चीन में यह आंकड़ा 19 फीसदी और अमेरिका में 19.3 फीसदी है। इसी प्रकार फाइबर किलोमीटर में ओएफसी की तैनाती चीन के मुकाबले करीब 10 फीसदी और अमेरिका के मुकाबले लगभग आधी है। तो हमें इतने बड़े पैमाने पर ओएफसी की जरूरत क्यों है? इसका पहला कारण 5जी सेवाओं की तैयारी है जो पर्याप्त ओएफसी बुनियादी ढांचे के बिना संभव नहीं होगा। 5जी सेवाओं के लिए ऊंची फ्रिक्वेंसी में अधिकांश स्पेक्ट्रम की जरूरत होगी। हालांकि इस स्पेक्ट्रम कवरेज का दायरा सीमित होगा लेकिन वह हाई स्पीड सेवाओं की पेशकश कर सकता है। इसका मतलब साफ है कि कहीं अधिक टावर बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।

ओएफसी के एक प्रमुख विनिर्माता हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस के चेयरमैन महेंद्र नाहटा ने कहा, 'हमें लगता है कि 5जी के लिए 4जी के मुकाबले तीन गुना अधिक सेल साइट की जरूरत होगी क्योंकि हाई बैंड के साथ टावरों के कवरेज क्षेत्र में काफी कमी आ जाती है।' दूसरा कारण है टावर बैकहॉल की जरूरत। एक आकलन के अनुसार, महज 20 फीसदी मौजूदा टावरों को फाइबर केवल से लैस किया गया है जहां माइक्रोवेव संचार का इस्तेमाल हो सकता है। इसके विपरीत चीन में 75 से 80 फीसदी टावर फाइबर केवल से लैस हो चुके हैं। मैथ्यू ने माना कि भारतीय परिपेक्ष्य में 5जी सेवाओं के लिए यह आंकड़ा अगले तीन वर्षों के दौरान 70 फीसदी तक बढ़ना चाहिए।

हालांकि ऐसा नहीं है कि केवल दूरसंचार कंपनियों को ही फाइबर बुनियादी ढांचे में वृद्धि की जरूरत है। बल्कि वैश्विक कंपनियों द्वारा स्थापित होने वाले डेटा सेंटरों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर फाइबर बुनियादी ढांचे की भी मांग बढ़ रही है। सरकार ने भारतीय उपभोक्ताओं के डेटा को देश के भीतर ही भंडारण करना अनिवार्य बना दिया है और ऐसे में भारत में अपने डेटा सेंटर स्थापित करने में तेजी आई है।  एक डेटा फर्म के वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'उन्हें उच्च क्षमता वाले फाइबर और मल्टिी कनेक्टिविटी की जरूरत है क्योंकि उन्हें फाइबर कटने का डर सता रहा है जो भारत में आम बात है। इसका मतलब साफ है काफी अधिक फाइबर बुनियादी ढांचे की जरूरत है।'

तीसरा कारण रिलायंस जियो और कुछ हद तक भारती एयरटेल द्वारा फाइबर टु होम सेवा की तैयारी है। इसके लिए बड़े पैमाने पर ऑप्टिक फाइबर केवल बिछाने की जरूरत होगी। जियो अगले तीन साल में देश के 1,600 शहरों में फाइबर केबल बिछाना और इसके जरिये 7.5 करोड़ घरों तक एफटीटीएच सेवा के तहत टीवी, वॉयस एवं डेटा सेवा उपलब्ध करना चाहती है। फाइबर केवल बिछाने में निजी क्षेत्र की दिलचस्पी के अलावा सरकार भी काफी रुचि दिखा रही है। केंद्र सरकार ने नैशनल ब्रॉडबैंड मिशन के तहत ग्रामीण भारत तक हाई स्पीड डेटा संचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक महत्त्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसी क्रम में केंद्र सरकार भारतनेट पर जोरशोर से काम कर रही है। जबकि तेलंगाना जैसे राज्य भी टी-फाइबर योजना शुरू की है जिसके तहत 12,700 पंचायतों और 2 करोड़ लोगों तक सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
Keyword: optic fiber, cable,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या तकनीकी टेक्सटाइल पर सरकार के जोर से उद्योग को मिलेगा फायदा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.