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अपने फंड हाउस की योजनाएं बेच रहे सरकारी बैंक

जश कृपलानी / मुंबई July 11, 2019

बैंक के ग्राहकों (खास तौर से सरकारी बैंकों के) को बिक्री टीम बैंक प्रायोजित फंड हाउस की म्युचुअल फंड योजनाओं में निवेश की सलाह दे सकते हैं। प्राइम एमएफ डेटाबेस के आंकड़ों से पता चलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों मसलन केनरा बैंक, यूनियन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक (हाल में जिसे निजी बैंक के तौर पर वर्गीकृत किया गया है) ने अपनी म्युचुअल फंड वितरण आय का 70-100 फीसदी अपने बैंक के फंड हाउस की योजनाओं की बिक्री से हासिल किए।
 
म्युचुअल फंड के सलाहकारों ने कहा कि यह चलन हमेशा शायद ही निवेशकों के हित में हो सकता है। श्री कवि वेल्थ के मुख्य कार्याधिकारी श्रीकांत मटरूभाई ने कहा, बैंकों से म्युचुअल फंड योजनाएं खरीदने पर विचार करने वाले ग्राहकों को सतर्क रहना चाहिए। यहां गलत जानकारी देकर योजनाएं बेचने की संभावना है, खास तौर से अगर बैंक प्रायोजित फंड हाउस के पास सीमित योजनाएं हैं। पीएसयू बैंकों में एसबीआई को वित्त वर्ष 2019 में 487 करोड़ रुपये की वितरण आय हासिल हुई। इसका करीब 98 फीसदी एक या दो फंड हाउस की योजनाओंं को बेचने से मिला, जो इसके साथ जुड़ा है। एसबीआई, एसबीआई एमएफ की प्रायोजक है और यूटीआई एमएफ की प्रायोजकों में से एक है।
 
हालांकि विशेषज्ञों ने कहा कि फंड हाउस की विस्तृत योजनाओं के बास्केट को देखते हुए सही जोखिम प्रोफाइल की वजह से बैंक के ग्राहकों को सही योजनाएं मिल सकती हैं, जो उनके निवेश की जरूरत पूरी करे। इस बीच, केनरा बैंक को अपने म्युचुअल फंड वितरण की पूरी आय 47.7 करोड़ रुपये केनरा रोबेको एमएफ की योजनाओं की बिक्री से मिली। केनरा बैंक वैश्विक संपत्ति प्रबंधक रोबेको के साथ फंड हाउस की सह-प्रायोजक है। म्युचुअल फंड के सलाहकारों ने कहा कि एक फंड हाउस की कई योजनाएं लेने वाले निवेशक संकेंद्रण जोखिम का सामना कर सकते हैं। प्लान रुपि फाइनैंशियल सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी ने कहा, नए निवेशकों को अपने बैंक से म्युचुअल फंड योजनाओं से सहजता महसूस हो सकती ह ै। हालांकि इसकी सलाह नहीं दी जाती कि ज्यादातर वित्तीय परिसंपत्तियां (एमएफ निवेश समेत) एक समूह की वित्तीय इकाइयों में लगाई जाए। विसाखन के अभाव से निवेशकों के रिटर्न पर असर पड़ सकता है क्योंंकि एक फंड हाउस की तरफ से प्रबंधित फंड कमजोर प्रदर्शन के दौर से गुजर सकता है।
 
अन्य पीएसबी की बात करें तो यूनियन बैंक की कुल एमएफ वितरण आय 18 करोड़ रुपये का 98.7 फीसदी हिस्सा यूनियन एमएफ की योजनाओं की बिक्री से मिला। बैंक ऑफ बड़ौदा को कुल वितरण आय 18.3 करोड़ रुपये का 86.5 फीसदी हिस्सा एक यो दोनों फंड हाउस की योजनाओं की बिक्री से मिला, जो इसके साथ जुड़ा हुआ है। बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा एमएफ की प्रायोजक है और यूटीआई एमएफ के चार पीएसयू प्रायोजकों में एक है। आईडीबीआई बैंक की कुल वितरण आय 31.2 करोड़ रुपये का 71.1 फीसदी हिस्सा आईडीबीआई एमएफ की योजनाओं की बिक्री से मिला।
Keyword: bank, psb, fund,,
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