बिजनेस स्टैंडर्ड - मध्य प्रदेश के बजट में किसानों, महिलाओं पर जोर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, August 22, 2019 09:03 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

मध्य प्रदेश के बजट में किसानों, महिलाओं पर जोर

संदीप कुमार / भोपाल July 10, 2019

मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बुधवार को वित्त वर्ष 2019-20 का अपना पूर्णकालिक बजट प्रस्तुत किया। यह बजट कुल 23,360.05 करोड़ रुपये राशि का है। सरकार ने शुद्घ व्यय 21400 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। बजट की विनियोग राशि पिछले वर्ष गत भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की तुलना में 20 फीसदी अधिक है। पिछला बजट 20460 करोड़ रुपये का था। बजट प्रस्तुत कर रहे वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा कि कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा।  बजट में सरकार ने किसानों पर खास ध्यान दिया है। कृषक कल्याण एवं कृषि विकास के मद में 66 फीसदी का इजाफा किया गया है। सरकार ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने मावा बाटी, गजक, जलेबी और नमकीन जैसे चुनिंदा स्थानीय उत्पादों को बड़े पैमाने पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए उनकी ब्रांडिंग करने की बात भी कही। वित्त मंत्री ने जल अधिकार के लिए 1000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में 40 नदियों के पुनरोद्घार का कार्यक्रम भी चलाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र के व्यय में भी 34 फीसदी का इजाफा किया गया। रोजगार की समस्या दूर करने के लिए सरकार ने युवा स्वाभिमान योजना को 330 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर विशेष ध्यान दे रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण नामक नई योजना की शुरुआत की घोषणा भी की गई। 

 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि हालिया आम बजट में उसने मध्य प्रदेश की कर हिस्सेदारी में 2700 करोड़ रुपये की कमी की है। मध्य प्रदेश पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में यह राशि काफी मायने रखती है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बजट को खारिज करते हुए कहा कि सरकार को मिठाइयों और नमकीन की ब्रांडिंग करने के बजाय जनता के लिए कुछ ठोस कदम उठाने पर विचार करना चाहिए। 
Keyword: madhya pradesh, congress, budget, women,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नरमी के बीच कर संग्रह का लक्ष्य हासिल कर पाएगी सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.