बिजनेस स्टैंडर्ड - बढ़ा अधिभार नहीं होगा वापस
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बढ़ा अधिभार नहीं होगा वापस

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 07 10, 2019

बढ़े अधिभार पर सरकार ने स्पष्ट किया रुख

बिजनेस स्टैंडर्ड बढ़ा अधिभार नहीं होगा वापससंसद में बजट पर चर्चा के दौरान सरकार ने अति धनाढ्यों पर लगाए गए कर अधिभार को वापस लेने से इनकार कर दिया है। सरकार के इस कदम से ट्रस्ट के तौर पर संगठित विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की मुश्किल बढ़ सकती है। अधिभार लगाए जाने से इन एफपीआई से सरकार को महज 400 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है जबकि कुल अतिरिक्त राजस्व करीब 12,000 करोड़ रुपये मिल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक सालाना कमाई करने वाले अति धनाढ्यों पर अधिभार 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने और 5 करोड़ रुपये से अधिक आय पर 37 फीसदी अधिभार लगाने का प्रस्ताव किया है।

सरकार की इस पहल से 40 फीसदी एफपीआई प्रभावित होंगे। खबरों के अनुसार करीब 2,000 एफपीआई अपनी सुविधा ओर लाभ के लिए कंपनी के बजाय ट्रस्ट के तौर पर संचालन करते हैं। 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की कमाई करने वाले ट्रस्ट द्वारा संचालित एफपीआई को दीर्घावधि पूंजी लाभ कर 11.96 फीसदी की जगह अब 13 फीसदी की दर से चुकाना होगा, वहीं  5 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई पर 14.25 फीसदी कर देना होगा।

इसी तरह 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये की आय पर अल्पावधि पूंजी लाभ कर की प्रभावी दर 17.94 फीसदी से बढ़कर 19.5 फीसदी हो जाएगी और 5 करोड़ रुपये से अधिक आय पर 21.3 फीसदी कर चुकाना होगा। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'इस अधिभार को वापस लेने का सवाल ही नहीं है। हम किसी खास वर्ग को लक्षित नहीं कर रहे हैं। अगर आप गैर-कंपनी हैं तो आप पर व्यक्तिगत हैसियत से कर लगेगा। हम उन्हें अलग करके नहीं देख सकते।'

आयकर अधिनियम में व्यक्तिगत और कंपनी पर कराधान की अलग-अलग व्यवस्था है। गैर-कंपनियों, हिंदू अविभाजित परिवार, एपीआई और ट्रस्टों पर व्यक्तिगत हैसियत से कर वसूला जाता है। उक्त अधिकारी ने कहा, 'सरकार को ज्यादा राजस्व की जरूरत है। हम कंपनियों पर कर का बोझ नहीं बढ़ा सकते क्योंकि पहले से ही उन पर ज्यादा कर का भार है।' वित्त मंत्री ने 400 करोड़ रुपये सालाना कारोबार करने वाली कंपनियों पर कॉरपोरेट कर की दर को 30 से घटाकर 25 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है। इससे राजस्व में करीब 3,000 करोड़ रुपये की कमी आएगी।

बिजनेस स्टैंडर्ड बढ़ा अधिभार नहीं होगा वापसनांगिया एडवाइजर्स के मैनेजिंग पार्टनर राकेश नांगिया ने कहा, '...इस अतिरिक्त कर को लेकर असहजता की स्थिति इसलिए है क्योंकि यह अप्रत्याशित था, जिसकी वजह से मनोबल प्र्रभावित हुआ है।' केंद्री प्र्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन पीसी मोदी ने बजट बाद उद्योग संगठन सीआईआई की बैठक में कहा गया था एफपीआई अगर प्रस्तावित अधिभार से बचना चाहते हैं तो उन्हें कंपनी के ढांचे के तहत परिचालन को अपनाना चाहिए। अशोक माहेश्वरी ऐंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा कि ट्रस्ट के तौर पर परिचालन करने के अपने कई फायदे हैं। अधिकारी ने कहा कि एफपीआई को जहां अच्छा रिटर्न मिलता है, वे उस देश में निवेश करते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वहां कर की दर कितनी है। उन्होंने कहा, 'जब तक उन्हें लगेगा कि उनका रिटर्न बढ़ेगा वे देश में निवेश करना जारी रखेंगे, चाहे कर 2-3 फीसदी ज्यादा ही क्यों न हो।' एफपीआई का वैश्विक संगठन एशिया सिक्योरिटीज इंडस्ट्रीज ऐंड फाइनैंशियल मार्केट्स एसोसिएशन ने बयान में कहा, 'कर की ऊंची दर कुछ निवेशकों को हतोत्साहित कर सकती है।'

(साथ में समी मोडक)
Keyword: nirmala sitaraman, economy, budget,,
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