बिजनेस स्टैंडर्ड - भारतीय स्टार्टअप में निवेश पर सैमसंग का जोर
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भारतीय स्टार्टअप में निवेश पर सैमसंग का जोर

दक्षिण कोरिया की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी भारतीय स्टार्टअप में 100 निवेशों की कर रही तैयारी
पीरजादा अबरार / बेंगलूरु 07 10, 2019

नवाचार और नई प्रौद्योगिकी में निवेश

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, ऑग्मेंटेड ऐंड वर्चुअल रियल्टी और डेटा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप पर नजर
मार्च 2019 तक एसवीआईसी के प्रबंधन के अधीन 2.2 अरब डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियां
वर्ष 2018 में सैमसंग ने अपने 36 वैश्विक आरऐंडडी केंद्रों के जरिये अनुसंधान एवं विकास में 15 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया था।
अगले तीन वर्षों के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 5जी, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जे और बायोफार्मास्युटिकल्स जैसे क्षेत्रों में 22 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा

बिजनेस स्टैंडर्ड भारतीय स्टार्टअप में निवेश पर सैमसंग का जोरमोबाइल फोन, स्मार्टफोन स्क्रीन और सेमीकंडक्टर बनाने वाली विश्व की सबसे बड़ी कंपनी सैमसंग अगले 3 से 5 वर्षों के दौरान भारत में स्टार्टअप में 100 निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी अपनी वेंचर कैपिटल इकाई के जरिये इन स्टार्टअप में निवेश करेगी। सैमसंग की नजर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, ऑग्मेंटेड ऐंड वर्चुअल रियल्टी और डेटा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप पर रहेगी। इसके अलावा कंपनी स्वास्थ्य सेवा, बीमा, मौखिक सामग्री और मोबिलिटी समाधान जैसे क्षेत्रों में सेवा प्रौद्योगिकी पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। सैमसंग अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में तमाम नवाचार वाले स्टार्टअप को एकीकृत करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी इन स्टार्टअप में 10 से 50 लाख डॉलर का निवेश करेगी।

सैमसंग आरऐंडडी इंस्टीट्यूट बेंगलूरु के कॉरपोरेट उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. आलोकनाथ दे ने कहा, 'यह बिल्कुल सही समय है क्योंकि हमें भारत में तमाम डीपटेक कंपनियां उभरती दिख रही हैं और काफी निवेश किए जा रहे हैं एवं समेटे जा रहे हैं।' कंपनी की निवेश इकाई सैमसंग वेंचर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (एसवीआईसी) ने आज खुलासा किया कि उसने भारत में चार स्टार्टअप में कुल 85 लाख डॉलर का निवेश किया है। एसवीआईसी ने जिन स्टार्टअप में निवेश किया है उनमें सिस्टम ऐप कंपनी ओएसलैब्स (इंडस ओएस), स्पीच टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ज्ञानी डॉट एआई, आईओटी समान प्रदाता सिल्वान इनोवेशन लैब्स और एक शुरुआती अवस्था की कंप्यूटर विजन फर्म जो अपने नाम का खुलाना नहीं करना चाहती, शामिल हैं।

आलोकनाथ ने कहा, 'हम इसे सौ निवेश तक ले जाएंगे और हो सकता है कि यह इससे भी अधिक हो।' उन्होंने कहा, 'कुछ मामलों में हम पहले भारत में नवाचार करेंगे और सफलता मिलने पर उसे वैश्विक बाजार तक ले जाएंगे।' स्टारटा कंसल्टिंग सर्विसेज के संस्थापक एवं वरिष्ठ पार्टनर शैलेश शाह ने कहा कि सैमसंग की वेंचर कैपिटल इकाई उन स्टार्टअप में निवेश करना चाहती है जो सैमसंग समूह की कंपनियों की जरूरत वाले क्षेत्रों पर केंद्रित हो। उन्होंने कहा, 'यह देश में बढ़ती स्टार्टअप गतिविधियों के कारण भारत में नियमित निवेश की शुरुआत है। सैमसंग के निवेश से स्टार्टअप को जबरदस्त अनुभव और मार्गदर्शन का फायदा मिलेगा जबकि सैमसंग का निवेश पोर्टफोलियो समृद्ध होगा। इस प्रकार यह दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित होगा।'

ईवाई इंडिया के पार्टनर एवं नैशनल लीडर (ई-कॉमर्स एवं उपभोक्ता इंटरनेट) अंकुर पाहवा ने कहा कि कॉरपोरेट वेंचर कैपिटलिस्ट फर्म उन स्टार्टअप में निवेश करना चाहती है जो नवाचार समाधान पर काम कर रहा हो और जो उसके प्रमुख कारोबार के करीब हो। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें अपने प्रमुख्ख बाजार की शुरुआती उथल-पुथल को पहचानने और बाजार में प्रतिस्पर्धा एवं वृद्धि बरकरार रखने में मदद मिलती है। एसपीआईसी ने फिलहाल जिन चार भारतीय स्टार्टअप में निवेश किया है वे उसके लिए काफी रणनीति साबित हो सकते हैं। हाल में सैमसंग ने इंडस ऐप बाजार से लैस नए गैलेक्सी स्टोर लॉन्च करने के लिए ओएस लैब्स के साथ साझेदारी की थी।

इसके जरिये ग्राहकों को अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाओं में ऐप की खोज एवं डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा यह अनिवार्य तौर पर साइनइन किए बिना उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत तौर पर ऐप की सिफारिश भी करता है। इसी प्रकार, सैमसंग ने ज्ञानी के एएसआर इंजन में निवेश किया है जिससे भविष्य में सैमसंग को अपनी बिग्सबाई मौखिक सेवा में मदद मिल सकती है। करीब 6,000 घरों और 12 लाइव कम्युनिटी के स्थापित आधार के साथ सिल्वान के उत्पाद एवं आईओटी प्लेटफॉर्म से सैमसंग को 2020 तक अपने सभी उत्पादों को आईटोटी समर्थ बनाने में मदद मिलेगी।

एसवीआईसी नवाचार एवं नई प्रौद्योगिकी पर आधार भविष्य के कारोबार पर केंद्रित उन स्टार्टअप में सक्रियतापूर्वक निवेश कर रही है जो वृद्धि को नए सिरे से रफ्तार देने में समर्थ दिख रहे हैं। नई प्रौद्योगिकी के विकास के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए इसकी स्थापना की गई थी। एसवीआईसी के पास 2.2 अरब डॉलर से अधिक की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां हैं।  वर्ष 2018 में सैमसंग ने अपने 36 वैश्विक आरऐंडडी केंद्रों के जरिये अनुसंधान एवं विकास में 15 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया था। साथ ही उसने घोषणा की थी कि वह अगले तीन वर्षों के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 5जी, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जे और बायोफार्मास्युटिकल्स जैसे क्षेत्रों में 22 अरब डॉलर का निवेश करेगी ताकि भविष्य की वृद्धि को रफ्तार मिल सके।
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