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अमेरिका के साथ बैठक में कारोबारी पैकेज पर मंथन!

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली July 10, 2019

भारत और अमेरिका के सरकारी अधिकारी द्विपक्षीय व्यापार के विवादित मुद्ïदों का समाधान तलाशने के लिए बैठक करेंगे। इस बैठक में एक व्यापक कारोबारी पैकेज को ध्यान में रखकर चर्चा की जाएगी जिसके तहत परस्पर सहमति वाले उन मुद्ïदों को शामिल किया जाएगा जिस पर हरेक देश शुल्क में कटौती कर सकता है। सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) क्रिस विल्सन और यूएसटीआर उप सहायक ब्रेंडन लिंच भारत के साथ दो दिन की लंबी वार्ता के लिए गुरुवार को यहां पहुंच रहे हैं। 
 
हालांकि जी20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्टï्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच की हुई बैठक में दोनों देशों ने व्यापार मंत्री स्तरीय चर्चा होने का वादा किया था। आगामी बैठक से आगे चलकर मंत्री स्तरीय चर्चा की जमीन तैयार होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि शुल्क के मुद्ïदे के समाधान में समय लगेगा, अगली बैठक में भारत अमेरिका के साथ व्यापक कारोबारी पैकेज को लेकर चर्चा करेगा। इस पर एक साल से अधिक समय से काम चल रहा था। इस पैकेज में परस्पर सहमति वाले वस्तुओं के आयात और निर्यात शुल्क की सूची तैयार की जाएगी जिसे कम किया सकता है और बाजार में उनकी पहुंच बढ़ाई जा सकती है। 
 
भारत के वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय तथा वाणिज्य विभाग के साथ कम से कम छह द्विपक्षीय वार्ताएं हो चुकी हैं। आईटी वस्तुओं, विमानन और तेल खरीद आदि पर परस्पर व्यापार छूट इस पैकेज का हिस्सा रहा है।लेकिन ट्रंप की ओर से भारत की संरक्षणवादी कदमों पर दिए जाने वाले बार बार की धमकी को देखते हुए भारत सरकार ने कारोबारी पैकेज पर प्रस्तावित मंत्रीस्तरीय चर्चा पर धीरे धीरे आगे बढऩे का निर्णय लिया था। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भारत के अपने हालिया दौरे में प्रस्तावित पैकेज की ओर ध्यान दिलाया था। लगता है उन्हें उसमें कामयाबी मिली है। इस मामले के एक जानकार सूत्र ने कहा, 'प्रधानमंत्री कार्यालय से पॉम्पियो को इस पर सकारात्मक संदेश मिला था।'  हालांकि अधिकारियों ने कहा कि पैकेज की मूलभूत बातों पर फिर से चर्चा की जानी चाहिए क्योंकि कारोबारी विशेषज्ञों ने कहा था कि पहले की शर्तें अमेरिका को फायदा पहुंचाने वाली थी जबकि भारत को उससे उचित लाभ नहीं मिल रहा था।
 
अमेरिकी घाटे को संतुलित करने की कवायद 
 
भारत सरकार ने कारोबारी लाभ नीति के साथ हृदय के उपचार में इस्तेमाल होने वाले स्टेंट की मौजदा कीमत को कम करने पर विचार किया था और अमेरिका से महंगे मोबाइल फोन और स्मार्ट घडिय़ों जैसी कुछ निश्चित सूचना एवं संचार तकनीक उत्पादों के आयात पर शुल्क घटाने पर सहमत हुआ था। एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'अमेरिका की ओर से भारत को टेक्सास से सस्ते तेल आयात के साथ विस्तृत कारोबारी छूटों की पेशकश की गई थी।' कच्चे तेल के व्यापार के मुद्ïदे पर मोदी ने शुक्रवार को भारत की ऊर्जा संबंधी चिंता की ओर ध्यान दिलाया था। 
 
उन्होंने कहा था कि भले ही ईरान से भारत की ऊर्जा जरूरतों के 11 फीसदी की भरपाई हो रही है भारत सरकार ने पश्चिमी एशियाई देश से तेल आयात में कटौती की है जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है। भारत अमेरिका का एकमात्र ऐसा व्यापारिक साझेदार है जिसके साथ अमेरिका के काराबार घाटे में लगातार कमी आई है।  अमेरिका ने जिस दिन भारत का तरजीही दर्जा समाप्त किया था उसके अगले दिन अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सालाना आंकड़ों में बताया गया था कि भारत के साथ अमेरिका का कारोबारी घाटा 2018 में घटकर 21.3 अरब डॉलर रह गया जो कि एक वर्ष पहले 22.3 अरब डॉलर था। 
Keyword: india, america, trade,,
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